निलंबन वापस लेने पर भी नहीं माने बिहार के राजस्व कर्मी, अब भी हड़ताल पर क्यों अड़े
राजस्व कर्मचारी फरवरी के महीने से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। उस वक्त तत्काालीन राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हड़ताल को अनुशासनहीनता मानते हुए कई कर्मियों को निलंबित कर दिया था।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने हड़ताली राजस्व कर्मियों को निलंबन मुक्त करने का आदेश समाहर्ताओं को दिया लेकिन फिर भी संघ हड़ताल पर अड़ा है। संघ ने साफ कहा कि दो महीने से अधिक समय से हड़ताल है। लेकिन संघ की कोई मांग नहीं मानी गई। उलटा जिलों में राजस्व कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। अब विभाग की ओर से जब जिलों को निर्देश भेजा गया है कि राजस्व कर्मियों को निलंबन से मुक्त किया जाए तो समाहर्ता और उनके नीचे के अधिकारी विभागीय आदेश को मार्गदर्शन मान रहे हैं। जिलों को कहना है कि पहले ज्वाइन करें, तब निलंबन समाप्त होगा। ऐसे में संघ हड़ताल समाप्त करने की बात सोच भी नहीं सकता।
दूसरी ओर विभाग की ओर से कहा गया है कि राज्य में राजस्व कर्मचारियों के निलंबन और वापसी को लेकर स्थिति अब पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। बिहार राजस्व कर्मचारी संवर्ग नियमावली 2025 के अनुसार नियुक्ति एवं अनुशासनिक कार्रवाई का अधिकार जिलों के समाहर्ताओं को प्राप्त है। इसी प्रावधान के तहत संबंधित कार्रवाई की गई। 11 फरवरी से 19 अप्रैल 2026 के बीच जिन राजस्व कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई, वह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देशों के आलोक में जिला समाहर्ताओं द्वारा की गई थी। विभिन्न जिलों में 224 कर्मचारियों को निलंबित किया गया।
जिलों में निलंबन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू
अब जिलों में नियमों के अनुरूप निलंबन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। विभाग ने 17 अप्रैल को कार्य पर लौटने वाले कर्मचारियों के संबंध में भी विभाग द्वारा सभी जिलों को निर्देश जारी किए गए थे, जिससे प्रशासनिक कार्यों को सामान्य करने में सहायता मिली है। आपको बता दें कि कुछ ही दिनों पहले ही सम्राट चौधरी सरकार ने 200 से अधिक राजस्व कर्मियों का निलंबन वापस लेने का आदेश दिया था।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर 11 फरवरी से 19 अप्रैल के बीच निलंबित किए गए कर्मियों की बहाली की प्रक्रिया शुरू करने को कहा था। राजस्व कर्मचारी फरवरी के महीने से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। उस वक्त तत्काालीन राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हड़ताल को अनुशासनहीनता मानते हुए कई कर्मियों को निलंबित कर दिया था।




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