कुख्यात सोनू की गिरप्तारी के लिए 8 जिलों में ताबड़तोड़ छापे; 3 डीएसपी और एसटीएफ तैनात, इस कांड में तलाश
सोनू की गिरफ्तारी के लिए तीन डीएसपी के नेतृत्व में तीन अलग-अलग टीमों को इसमें लगाया गया है। इधर, एसटीएफ की एक टीम को भी लगाया गया है।

मोकामा के कुख्यात सोनू सिंह और उसके शागिर्द की तलाश में आठ जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। हालांकि अब तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। तीन डीएसपी के नेतृत्व में तीन अलग-अलग टीमों को इसमें लगाया गया है। इधर, एसटीएफ की एक टीम को भी लगाया गया है। पंचमहला थाने के नौरंगा जलालपुर गांव में 24 मई को हुई गोलीबारी के मामले में नामजद आरोपी हैं।
जलालपुर निवासी पैक्स अध्यक्ष मुकेश सिंह के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में सोनू सिंह, उसके पिता प्रमोद सिंह और सौरव सिंह को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि 24 मई को नौरंगा जलालपुर गांव में गोलीबारी में सोनू के खिलाफ पचमहला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। तब से वह फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए छपरा, सीवान, मोतिहारी, कटिहार, गयाजी, गोपालगंज, समस्तीपुर, बेगूसराय आदि जगहों पर छापामारी की गई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि गोलीबारी की घटना के बाद वह बिहार से बाहर जाने वाला है, इसीलिए सीमावर्ती इलाकों पर सघन चेकिंग की है। गांव के कुछ लोगों से भी पूछताछ की गई है, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। इधर छापेमारी करने गए पुलिसकर्मियों की तलाशी की चर्चा सोमवार को भी गांव और इलाके में होती रही। ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार के मुताबिक, सोनू की गिरफ्तार के लिए छापेमारी जारी है। रविवार की देर रात के कई जिलों में छापेमारी की गई, लेकिन वह पकड़ से बाहर है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
18 साल से अपराध की दुनिया में सक्रिय हैं सगे भाई सोनू-मोनू
नौरंगा जलालपुर निवासी सगे भाई सोनू और मोनू 18 साल से अपराध की दुनिया में सक्रिय हैं। पहले छोटी-मोटी घटनाओं को अंजाम देता था। इसीलिए वे पुलिस की नजर में नहीं आया था। दोनों भाइयों के खिलाफ पहली प्राथमिकी वर्ष 2009 में मोकामा रेल थाने में लूट की दर्ज हुई थी। इसके बाद लखीसराय में दोनों ने लूटपाट की कई घटनाओं को अंजाम दिया। धीरे-धीरे इनका अपराध और आतंक का दायरा बढ़ता गया।
30 से अधिक केस
पुलिस के अनुसार वर्तमान समय में दोनों पर अलग-अलग थानों में 30 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। अधिकतर मुकदमे में दोनों भाई एक साथ नामजद हैं। बेगूसराय के कई थानों में उनके खिलाफ अपहरण की भी प्राथमिकी दर्ज है। बेगूसराय के तेघड़ा के अलावा पटना के बाढ़, मोकामा, खुसरूपुर, कंकड़बाग, हाथीदह, पचमहला, जबकि लखीसराय के बड़हिया और हलसी सहित अन्य थानों में भी इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। वर्ष 2019 में मनरेगा के अधिकारी को दोनों भाइयों ने अगवा कर लिया था। तेघड़ा थाना की पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए उन्हें बरामद कर लिया।




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