राजगीर मलमास मेला सवा लाख ने आस्था की डुबकी लगाई; सम्राट चौधरी बोले- सुविधा, सुरक्षा पुख्ता रखें
राजगीर मलमास मेले का सीएम सम्राट चौधरी ने रविवार को उद्घाटन किया। मेले में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर और श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए आवासन स्थल की व्यवस्था की गई है। साथ ही सस्ती दर पर भोजन का भी इंतजाम है।

Rajgir Malmas Mela: बिहार के राजगीर स्थित कुंड परिसर में 33 कोटि देवी-देवताओं के आह्वान और ध्वजारोहण के साथ एक माह तक चलने वाले मलमास मेला का रविवार को विधिवत आगाज हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मेले का उदघाटन किया। पहले दिन करीब सवा लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र ब्रह्मकुंड, सरस्वती कुंड और सप्तधारा में आस्था की डुबकी लगाई।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मलमास मेला में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को पूरी सुविधा और सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे भक्ति भाव से पूजा पाठ कर सकें। देशभर से यहां पर जो भी आएं, वे अच्छी यादें लेकर जायें। मुख्यमंत्री ने असामाजिक तत्वों पर नजर रखने और भीड़ का प्रबंधन अच्छे ढंग से करने का भी निर्देश दिया है।
ब्रह्मकुंड परिसर में मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना भी की एवं महाआरती कार्यक्रम में भाग लिया। साथ ही उन्होंने यज्ञशाला के निकट प्रमुख संतों के साथ ध्वजारोहण किया। इस दौरान जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी बासुदेवाचार्य श्री भास्कर उपस्थित थे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, सांसद कौशलेंद्र कुमार समेत जिले के सभी विधायक और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
मेले में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर और श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए आवासन स्थल की व्यवस्था की गई है। साथ ही सस्ती दर पर भोजन का भी इंतजाम है। हर तीन साल पर लगने वाले विश्व प्रसिद्ध मलमास मेले की शुरुआत होते ही यहां आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश के कोने-कोने से यहां श्रद्धालु पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने अदिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं की सेवा भाव से मदद करें और इनके स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
मेला समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक
मेले के उद्घाटन की तस्वीरें शेयर करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि राजगीर के ब्रह्मकुण्ड परिसर में पवित्र मलमास_मेला का उद्घाटन किया तथा विधिवत पूजन एवं महा आरती कार्यक्रम में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाओं का अवलोकन एवं चल रहे अनेक विकासात्मक योजनाओं का समीक्षा भी किया। मलमास मेला सनातन परंपरा में विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है, जिसमें श्रद्धालु पुण्य अर्जित कर जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण करते हैं। इस पावन अवसर पर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की कामना की।यह मेला हमारी समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है।
राजगीर को छोड़ अन्य जगह मांगलिक कार्य बंद : फलाहारी बाबा
ध्वजारोहण के बाद स्वामी चिदात्मन जी महाराज उर्फ फलाहारी बाबा ने कहा कि विश्व का इकलौता मलमास मेला सिर्फ राजगीर की पावन धरती पर लगता है। आह्वान के साथ ही 33 कोटि देवी-देवता यहां वास करने लगे हैं। ऐसे में सनातनी परंपरा के अनुसार, अगले 15 जून तक राजगीर को छोड़कर देश-दुनिया में कहीं भी शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाएंगे। श्री तीर्थ राजगृह पंडा रक्षार्थ समिति के प्रवक्ता सुधीर उपाध्याय ने बताया कि राजगीर में मलमास मेले का आयोजन वैदिक काल से चला आ रहा है। पुराणों के अनुसार, स्वयं विश्व के रचयिता भगवान ब्रह्मा ने राजगीर में ब्रह्मकुंड (22 कुंड और 52 जलधाराओं) की स्थापना की थी।




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