तेजस्वी के एडी सिंह को राजेश राम ने हरवाया? वोटिंग से गायब कांग्रेस विधायकों के दावे से सनसनी
राज्यसभा चुनाव में मतदान से दूरी बनाने वाले कांग्रेस विधायक ने दावा किया है कि उन्होंने बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के निर्देश पर तेजस्वी यादव की आरजेडी के प्रत्याशी एडी सिंह को वोट नहीं दिया।

राज्यसभा चुनाव के दौरान बिहार में लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रत्याशी एडी सिंह की हार की वजह 'अपने' बने। विपक्षी दलों के महागठबंधन के 4 विधायकों ने सोमवार को राज्यसभा चुनाव के मतदान से दूरी बना ली थी। यही तेजस्वी के प्रत्याशी की राज्यसभा चुनाव में हार की वजह बनी। वोट नहीं देने वालों में आरजेडी के एक और कांग्रेस के 3 विधायक ((मनोज विश्वास, सुरेंद्र प्रसाद और मनोहर प्रसाद) शामिल हैं। कांग्रेस विधायक ने अब दावा किया है कि पार्टी के बिहार चीफ राजेश राम के निर्देश पर उन्होंने वोटिंग से दूरी बनाई।
फारबिसगंज से कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास ने एक चैनल से बातचीत में कहा कि राज्यसभा चुनाव को लेकर 12 मार्च को हुई बैठक में राजेश राम ने कहा था कि MLA अपने हिसाब से वोटिंग पर निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि आरजेडी के उम्मीदवार एडी सिंह को वोट देना उचित नहीं है, इसलिए नहीं दिया। विश्वास ने यह भी आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव ने कांग्रेस से पूछकर प्रत्याशी नहीं उतारा था। साथ ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम को चुनाव प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया, इससे वह नाराज हैं।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कांग्रेस के खिलाफ नहीं है और उन्होंने एनडीए से पैसा लेने के आरोप से भी पूरी तरह इनकार कर दिया। मनोज विश्वास ने कहा कि वह कांग्रेस के हित में हैं और पार्टी को जहां सम्मान नहीं मिलेगा, वहां खड़े नहीं रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आरजेडी एडी सिंह की जगह हिना शहाब या अब्दुल बारी सिद्दिकी को उतारती तो वह वोट देते।
सुरेंद्र प्रसाद बोले- प्रदेश नेतृत्व का वोटिंग पर कोई दबाव नहीं था
वाल्मीकिनगर से कांग्रेस विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं डाला। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में वोट डालने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरू की तरफ से कोई दबाव नहीं था। नामांकन से पहले तेजस्वी यादव के आवास पर बैठक हुई थी, उसमें वह शामिल हुए थे। उससे पहले तक तेजस्वी खुद खड़े होंगे, फिर हिना शहाब का नाम आया। मगर उस मीटिंग में अचानक एडी सिंह के नाम का ऐलान कर दिया गया। उन्हें हम नहीं पहचानते हैं, इसलिए उन्हें वोट नहीं डाला।
सुरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि एडी सिंह की जगह दीपक यादव, राजेश राम या मुकेश सहनी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया जाता तो वह वोट देते। उन्होंने पैसों के लालच में वोटिंग से दूरी बनाए जाने के आरोपों को भी नकार दिया और कहा कि हमें कोई खरीद नहीं सकता है। कांग्रेस विधायक ने यह भी कहा कि वह पार्टी की कार्यशैली से नाराज हैं। विधायक क्या कह रहे हैं और पार्टी क्या कर रही है। अभी तक विधानसभा में कांग्रेस का नेता नहीं चुना गया है।
मनोहर प्रसाद ने वोट क्यों नहीं दिया?
वोटिंग से दूरी बनाने वाले तीसरे कांग्रेस विधायक मनिहारी के मनोहर प्रसाद ने कहा कि एडी सिंह महागठबंधन के घोषित उम्मीदवार नहीं थे। वह आरजेडी के उम्मीदवार थे। एडी सिंह को कैंडिडेट बनाया जाना उन्हें अच्छा नहीं लगा, इसलिए उन्होंने राज्यसभा चुनाव में वोटिंग नहीं की।
राजेश राम बोले- विधायकों के आरोप गलत, कार्रवाई होगी
वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार उर्फ राजेश राम ने तीनों विधायकों के दावों को सिरे से खारिज किया है। मंगलवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि विधायक अचानक से संपर्क से बाहर हो गए। उनके फोन स्वीच ऑफ हो गए। इसलिए जो आरोप लगा रहे हैं, उन्हीं पर सवाल उठ रहे हैं। राजेश राम ने कहा कि इस बारे में वह केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा करेंगे और राज्यसभा चुनाव में पार्टी लाइन के खिलाफ जाने वाले विधायकों पर कार्रवाई की जाएगी।




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