नेपाल में प्रदर्शन की आंच भारत के सीमावर्ती जिलों तक पहुंची, SSB अलर्ट; बॉर्डर पर गश्त बढ़ी
पूर्वी चंपारण के एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र के थानों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है। सीमाई इलाके में लगातार गश्त की जा रही है। सीमा पर होनेवाली हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। सीमा पर आनेजाने वालों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

नेपाल में सोशल मीडिया पर बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ काठमांडू से शुरू हुआ प्रदर्शन भारत से सटे सीमावर्ती जिलों में भी पहुंच गया है। वीरगंज के साथ कलेया, गौर, रौतहट, जनकपुर, विराटनगर आदि शहरों में सोमवार को युवा व छात्रों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी युवा समूह में राष्ट्रीय झंडा लिए वीरगंज व जनकपुर समेत कई शहरों में सड़कों पर राष्ट्रगीत गा रहे थे और सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। प्रदर्शन में सोशल मीडिया से जुड़े लोग भी शामिल थे। इस बीच नेपाल में विरोध-प्रदर्शन के बीच भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां नेपाल आर्म्ड पुलिस फोर्स और एसएसबी के जवान पूरी तरह अलर्ट हैं।
वीरगंज के मेन रोड, आदर्श चौक, घंटाघर चौक पर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी सोशल मीडिया पर प्रतिबंध खारिज करो, भ्रष्टाचार नहीं चलेगा जैसे नारे लगा रहे थे। वीरगंज में युवा, विद्यार्थी, सोशल मीडिया एक्टिविस्ट और राष्ट्रवादी लोगों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। कलेया के भरतपुर चौक पर युवा छात्रों ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया। इस दौरान कहीं से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। सूत्रों ने बताया कि नेपाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन के बाद सीमावर्ती जिलों के लोग विभिन्न सोशल मीडिया माध्यमों का उपयोग वीपीएन के जरिए कर रहे हैं।
पूर्वी चंपारण के एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र के थानों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है। सीमाई इलाके में लगातार गश्त की जा रही है। सीमा पर होनेवाली हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। सीमा पर आनेजाने वालों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
भारत-नेपाल की सीमा 1751 किलोमीटर लंबी
भारत-नेपाल की सीमा उत्तराखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम सहित राज्यों में 1,751 किलोमीटर से ज्यादा लंबी है। दोनों देशों के नागरिक बेरोकटोक आवाजाही करते हैं। पूर्व में भी नेपाल में आंतरिक उथल-पुथल के दौरान सीमा अलर्ट जारी किए गए हैं। 2015 का मधेसी विरोध प्रदर्शन के दौरान भी अलर्ट किया गया था। नेपाल सीमा की निगरानी की जिम्मेदारी एसएसबी पर है।




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