पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया, परिजनों ने किया दाह संस्कार; बंगाल में जिंदा मिला किशनगंज का अमर
किशनगंज शहर के खगड़ा तीन नंबर रेलवे फाटक के निकट बीते गुरुवार की देर रात को एक एक्सप्रेस ट्रेन से कटकर एक युवक की मौत हो गई थी। उसकी पहचान दो दिनों से लापता युवक अमर के रूप में कर ली गई जबकि अमर पश्चिम बंगाल में था।

बिहार के किशनगंज में एक अजीबोगरीब मामला प्रकाश में आया है। एक युवक को मृत मानकर परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। लेकिन बाद में वो युवक जीवित निकला। किशनगंज के सदर थाना इलाके के मोतीबाग का निवासी बंगाल में जिंदा पाया गया। अंतिम संस्कार से पहले शव का पोस्टमार्टम भी करवाया गया था। पुलिस अब पता लगाने में जुट गई है कि जिसका पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार कराया गया वह युवक कौन था।
पूरा मामला किशनगंज सदर थाना क्षेत्र के मोतीबाग से जुड़ा हुआ है। युवक की पहचान अमर चौहान के रूप में की गयी है। जानकारी के अनुसार किशनगंज शहर के खगड़ा तीन नंबर रेलवे फाटक के निकट बीते गुरुवार की देर रात को एक एक्सप्रेस ट्रेन से कटकर एक युवक की मौत हो गई थी। सूचना पर आरपीएफ मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया था। इस मामले में किशनगंज सदर थाना में यूडी केस दर्ज करवाया गया था।
इधर मोतीबाग का युवक अमर चौहान गुरुवार से लापता था। उसके परिजन शुक्रवार की सुबह मोतीबाग से सदर अस्पताल पहुंचे थे। परेशान होने के कारण परिजन समझ नहीं पाए। उसकी पहचान मोतीबाग निवासी युवक के रूप में कर लिया गया। परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर घर चले गए। जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
संस्कार करके श्मशान घाट से लौटने के बाद परिजनों को एक संबंधी का फोन आया जिस नाम के युवक का अंतिम संस्कार किया गया है वह तो जीवित है और बंगाल के पांजीपाड़ा में है। यह सुनकर परिजनों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी और बंगाल के पांजीपाड़ा से उसे लाया गया। सदर थाना की पुलिस को भी मामले की सूचना दी गई। इधर मामले में पुलिस के द्वारा सदर थाना में एक और यूडी केस दर्ज करवाया गया है।
एसपी संतोष कुमार ने बताया कि परिजनों की पहचान के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया जाता है। इस केस में भी ऐसा ही किया गया था। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है। जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया है,उसकी शिनाख्त करवाई जा रही है।
इस घटना से सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस युवक की ट्रेन से कटकर मौत हो गई वह कौन था? बगैर पहचान के अमर चौहान के परिजनों को अन्य युवक का शव कैसे सौंप दिया गया? किशनगंज पुलिस इन सभी सवालों का जवाब ढूंढने में जुट गई है।




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