पटना हाईकोर्ट के पहले दलित मुख्य न्यायाधीश बने पीबी बजंत्रि, राज्यपाल ने दिलाई शपथ
सीएम नीतीश कुमार ने शपथ ग्रहण समारोह की कुछ तस्वीरें भी शेयर की हैं। इन तस्वीरों को शेयर कर सीएम नीतीश कुमार ने लिखा, ‘ पटना उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश (मनोनीत) न्यायमूर्ति पवन कुमार भीमप्पा बजंथरी जी के शपथ ग्रहण समारोह में सम्मिलित हुआ।’

पटना हाईकोर्ट के पहले दलित मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति पवनकुमार भीमप्पा बजंत्रि ने रविवार को शपथ ली। राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने उन्हें पटना हाईकोर्ट के 46वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर पद एवं गोपनीयता का शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यंमत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पटना हाईकोर्ट के लगभग सभी जजों के अलावा मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, महाधिवक्ता पीके शाही, हाईकोर्ट के अधिवक्तागण और परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
पवन कुमार बजंत्रि27 अगस्त, 2025 से पटना उच्च न्यायालय के कार्यकारी न्यायाधीश के तौर पर अपना दायित्व संभाल रहे थे। दरअसल तत्कालीन मु्ख्य न्यायाधीस जस्टिस बिपुल एम. पंचोली के सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत होने के बाद से यह रिक्त हो गया था। जिसके बाद पवन कुमार बजंत्रि पटना उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश का कार्यभार संभाल रहे थे। अब पटना में शपथ ग्रहण के बाद वो पू्र्णकालिक मुख्य न्यायाधीश के तौर पर पटना उच्च न्यायालय में न्यायिक प्रशासन का नेतृत्व करेंगे।
कौन हैं पीबी बजंत्रि
कर्नाटक में 23 अक्टूबर, 1963 को जन्मे न्यायमूर्ति पवन कुमार भीमप्पा बजंत्रि की शिक्षा विद्या वर्धन संघ, केईएल सोसाइटी एवं एसजेआरसी लॉ कॉलेज बेंगलुरु में हुई थी। साल 1990 में उन्होंने कर्नाटक हाईकोर्ट में वकालत पेशा की शुरुआत की। मई 2006 में उन्हें केंद्र सरकार ने नोटरी नियुक्त किया। 2 जनवरी, 2015 को कर्नाटक हाईकोर्ट में एडिशनल जज बने। इसके बाद 16 मार्च, 2015 को उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट स्थानांतरित कर दिया गया।
दोबारा 17 नवंबर, 2018 को उनका स्थानांतरण कर्नाटक हाईकोर्ट में हुआ। करीब चार साल पहले 20 अक्टूबर, 2021 को उनका स्थानांतरण पटना हाईकोर्ट में हुआ। इसी साल 22 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होंगे। पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश रहे न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाए जाने के बाद न्यायमूर्ति पवनकुमार भीमप्पा बजंत्रि को कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बनाया गया था।
कोर्ट के वकील थे नाराज…
आपको बता दें कि हाल ही में पीबी बजंत्रिको लेकर पटना हाईकोर्ट के वकीलों की नाराजगी भी सामने आई थी। दरअसल दो वकीलों पर हुए कथित हमले में उचित कार्रवाई नहीं करने को लेकर वकील पीबी बजंत्रि से खफा थे। उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ समन्वय समिति के अनुसार यह कदम तब उठाया गया जब अधिवक्ता अंशुल आर्यन और उनकी पत्नी मनोग्या सिंह के साथ एक निजी स्कूल के कर्मचारियों द्वारा अदालत जाते समय कथित तौर पर मारपीट की गई। वकीलों ने कहना था कि 10 सितंबर को कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बजंत्रि और न्यायमूर्ति आलोक कुमार सिन्हा की पीठ ने सुनवाई के दौरान आदेश पर सवाल उठाते हुए थाना प्रभारी की व्यक्तिगत उपस्थिति का निर्देश हटा दिया था।




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