आंगनबाड़ी के दस लाख बच्चे प्राथमिक विद्यालय से जोड़े जाएंगे
इस सत्र में राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में पहली कक्षा में लगभग 10 लाख आंगनबाड़ी बच्चे शामिल होंगे। ये बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों से स्कूलों में नामांकित किए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग ने सुनिश्चित किया है कि कोई बच्चा अनामांकित न रहे। नामांकन के बाद बच्चों को आवश्यक सामग्री भी प्रदान की जाएगी।

राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में इस सत्र में पहली कक्षा में आंगनबाड़ी के लगभग 10 लाख बच्चे जोड़े जाएंगे। ये बच्चे राज्य के विभिन्न जिलों के आंगनबाड़ी केन्द्रों में नामांकित थे। इन बच्चों ने छह साल की उम्र पूरी कर ली है या सितंबर तक छह वर्ष पूरा कर लेंगे। आंगनबाड़ी से निकलने के बाद यह बच्चे पढ़ाई छोड़ न दें इसे लेकर शिक्षा विभाग ने इन बच्चों का नामांकन निकट के प्राथमिक विद्यालयों में कराने का निर्देश दिया है। सेविका-सहायिका की ली जा रही है मदद : इन बच्चों का नामांकन कराने के लिए आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका की मदद ली जा रही है।
इनके साथ ही जीविका दीदियां, टोला सेवक और तालीमी मरकज का भी इसमें सहयोग लिया जा रहा है। ये सभी अपने-अपने टोला और स्कूल के पोषक क्षेत्र से स्कूलों को इन बच्चों की सूची उपलब्ध करा रहे हैं।ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर होगी नामांकित बच्चों की प्रविष्टि : विद्यालयों में कक्षा एक में जिन बच्चों का नामांकन होगा, उन सभी बच्चों की प्रविष्टि ई-शिक्षा कोष पर होगी। इसी आधार पर बच्चों को यूनिफॉर्म, टीचिंग लर्निंग मटेरियल किट, बैग, वाटर बोतल, स्लेट आदि सामग्री उपलब्ध कराई जाएंगी। नामांकन अभियान की समाप्ति के बाद सभी बीईओ को प्रधानाध्यापक यह प्रमाण पत्र देंगे कि उनके पोषक क्षेत्र में कोई भी छह वर्ष का बच्चा अनामांकित नहीं है। इसके साथ ही प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को प्रमाण पत्र देंगे कि उनके प्रखंड अंतर्गत कोई भी छह वर्ष का बच्चा अनामांकित नहीं है। अभियान से कोई भी बच्चा वंचित न रह जाए इसे लेकर लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं।स्कूलों में चलेगा रेडीनेस प्रोग्राम : आंगनबाड़ी केन्द्र से स्कूल में नामांकित होने वाले बच्चों के लिए माहौल में थोड़ा बदलाव होता है। बच्चों को स्कूल आने के लिए तैयार करने के लिए चहक गतिविधि बच्चों की बीच कराई जाएगी। इसमें बच्चों को शिक्षक खेल-खेल में पढ़ाएंगे ताकि बच्चे स्कूल के माहौल में जल्द से जल्द ढल जाएं।इंफोराज्य भर में आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या : 1.14 लाखआंगनबाड़ी केन्द्रों में 5.5 से छह साल की उम्र पूरी करने वाले बच्चों की संख्या : 10.53 लाख
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