पटना में मेट्रो की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, वॉकी-टॉकी के सहारे चलेगी ट्रेन
न्यू पाटलिपुत्र टर्मिनल से जीरो माइल होते हुए भूतनाथ तक 25 से 30 मिनट में मेट्रो दूरी तय करेगी। जानकारी के अनुसार कॉरिडोर-टू में मेट्रो का आवागमन प्रारंभ होने के बाद ही सिग्नल के सहारे मेट्रो का परिचालन होगा।
पटना मेट्रो (Patna Metro) के रेड लाइन (प्राथमिक कॉरिडोर) के स्टेशनों पर मेट्रो अधिकतम 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ही दौड़ेगी। इसके लिए रेलवे से मंजूरी मिल गई है। 29 सितंबर को रेड लाइन के न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, जीरो माइल और भूतनाथ स्टेशन के बीच मेट्रो परिचालन का उद्घाटन की संभावना है, जो बिहार के लिए बहुत बड़ा सौगात होगा। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय से सहमति मिलने के बाद ही आधिकारिक तौर पर पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की ओर से तिथि की जानकारी दी जाएगी।
निर्माण एजेंसी की ओर से रेड लाइन पर सिग्नल का कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। इसी कारण शुरुआती दौर में वॉकी-टॉकी के सहारे ही मेट्रो का परिचालन होगा। दिसंबर में दूसरे चरण में मलाही पकड़ी स्टेशन तक मेट्रो का परिचालन किया जाना संभावित है।
बोगियों पर दिखेंगी कला, ज्ञान और संस्कृति की झलक
मेट्रो की बोगियों पर बिहार की कला, ज्ञान और संस्कृति की झलक दिखेगी। इसके कोच पर पटना मेट्रो लिखा है। इसके साथ ही पटना का गोलघर, पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर, भगवान महावीर, मधुबनी पेंटिंग सहित कई कला, ज्ञान और संस्कृति का चित्रण किया गया है। तीन कोच वाली मेट्रो के हर कोच की क्षमता लगभग 300 यात्रियों की होगी।
बस टर्मिनल से भूतनाथ 25 से 30 मिनट में पहुंचेगी
न्यू पाटलिपुत्र टर्मिनल से जीरो माइल होते हुए भूतनाथ तक 25 से 30 मिनट में मेट्रो दूरी तय करेगी। जानकारी के अनुसार कॉरिडोर-टू में मेट्रो का आवागमन प्रारंभ होने के बाद ही सिग्नल के सहारे मेट्रो का परिचालन होगा। इसी कारण रेड लाइन पर मेट्रो को वॉकी-टॉकी के सहारे चलाया जाएगा। जिस कारण मेट्रो की रफ्तार औसत गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे से काफी कम रहेगी। इसी कारण दूरी तय करने में अधिक समय लग रहा है। वहीं जब सिग्नल के सहारे मेट्रो का आवागमन शुरू हो जाएगा, तो यह दूरी 10 से 15 मिनट में पूरी होगी।




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