पटना मेट्रो: मलाही पकड़ी स्टेशन पर पार्किंग की सुविधा, खेमनीचक स्टेशन पर कितना काम हुआ पूरा
पटना मेट्रो (Patna Metro) के निदेशक ने समीक्षा बैठक के दौरान टनल खुदाई सहित अन्य निर्माण कार्यों की समीक्षा की, जिसमें निर्माण एजेंसी की ओर से बताया गया कि विश्वविद्यालय से गांधी मैदान के बीच खुदाई का कार्य जारी है।

पटना मेट्रो (Patna Metro) के प्राथमिक कॉरिडोर के मलाही पकड़ी स्टेशन पर लोगों को पार्किंग की सुविधा मिलेगी, जबकि मलाही पकड़ी से खेमनीचक होते हुए भूतनाथ स्टेशन के पहले तक ट्रैक और बिजली का कार्य पूरा कर लिया गया है। बचे हुए कार्य को तय समय सीमा पर पूरा करने का निर्देश दिया गया। नगर विकास एवं आवास विभाग में सोमवार को विभागीय सचिव सह पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के निदेशक संदीप कुमार आर पुडकलकट्टी ने निर्माण एजेंसी के साथ मेट्रो के प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक की।
इस दौरान परियोजना के प्रत्येक खंड की विस्तृत समीक्षा की गई, जिसमें निर्धारित लक्ष्यों की तुलना वास्तविक उपलब्धियों से की गई। निर्माण के दौरान आने वाली समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि मलाही पकड़ी के पिछले हिस्से में विभाग की जमीन है। जिस पर झोपड़पट्टी है। उसे जमीन को खाली करा मेट्रो के यात्रियों के लिए पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस दौरान निर्माण एजेंसी की ओर से बताया गया कि खेमनीचक स्टेशन का निर्माण का 90 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया है। मार्च या अप्रैल तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
11 फरवरी और 25 फरवरी को होगा निरीक्षण
भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक मेट्रो चालू करने से पहले ईआईजी और सीएमआरएस का निरीक्षण होगा। जानकारी के अनुसार 11 फरवरी को ईआईजी का निरीक्षण चीफ इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर, 25 को सीएमआरएस का निरीक्षण रेल संरक्षा आयुक्त करेंगे। इनकी मंजूरी के बाद मेट्रो का परिचालन शुरू होगा। 23 जनवरी को चीफ इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर ने निरीक्षण किया था। 5 फरवरी को मलाही पकड़ी स्टेशन पर एएसएस को चार्ज करने के लिए विद्युत आपूर्ति शुरू हुई।
टनल खुदाई की भी हुई समीक्षा
पटना मेट्रो के निदेशक ने समीक्षा बैठक के दौरान टनल खुदाई सहित अन्य निर्माण कार्यों की समीक्षा की, जिसमें निर्माण एजेंसी की ओर से बताया गया कि विश्वविद्यालय से गांधी मैदान के बीच खुदाई का कार्य जारी है, जबकि मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्र नगर स्टेशन के बीच खुदाई का कार्य शुरू किया गया था। लेकिन रेलवे से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट नहीं मिलने के कारण खुदाई का कार्य रुका हुआ है। इस पर रेलवे से समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द एनओसी लेने का निर्देश दिया गया।




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