आंधी-पानी से पटना तबाह; विमान, बिजली, सड़क, कारोबार मुसीबत में, बर्बादी की तस्वीरें हैरान कर देंगी
आंधी-बारिश से राजधानी के अलग-अलग इलाकों में 500 छोटे-बड़े पेड़ गिर गए। बेमौसम बरसात ने राजधानी में लगभग 50 करोड़ का कारोबार प्रभावित किया है। एक विमान डायवर्ट किया गया जबकि 23 का देरी से परिचालन हुआ।

बिहार में शुक्रवार को आंधी पानी से शाम में बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई। राज्य का लगभग दो तिहाई हिस्सा घंटों अंधेरा में रहा। सामान्य दिनों की तुलना में 25 फीसदी बिजली कम आपूर्ति हुई। गांवों से लेकर शहर तक बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। गांवों में पूरी तरह अंधेरा छाया रहा। राजधानी पटना से आईं बर्बादी की तस्वीरें रुलाने वाली हैं। करीब 500 पेड़ गिरने से रोड़, बिजली, पानी, कारोबार सब तबाह हो गया है। मौसम के कारण एक विमान को डायवर्ट करना पड़ा तो 23 फ्लाइट्स में देरी हुई।
आंधी-बारिश से राजधानी के अलग-अलग इलाकों में 500 छोटे-बड़े पेड़ गिर गए। नेहरू पथ, स्ट्रैंड रोड, सर्कुलर रोड, पुराना यारपुर, कर्पूरी संग्राहालय के मुख्य द्वार सहित अन्य इलाकों भारी संख्या में विशालकाय वृक्ष गिर गए। पीएमसीएच आरएसबी भवन, देश रत्न मार्ग, एयरपोर्ट के समीप लोजपा कार्यालय, पटना हाईकोर्ट, संग्रहालय के पास बने खाऊ गली में भी पेड़ के गिरने की खबर है। खाऊ गली में कई दुकानें बर्दाद हो गईं।

संयोग रहा कि यहां किसी की जान नहीं गई। कंकड़बाग केन्द्रीय विद्यालय के पीछे भी पेड़ गिरने से आवाजाही में परेशानी हुई। राजधानी से सटे इलाकों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में पेड़ गिरे हैं। वन विभाग की टीम सभी जगहों से पेड़ हटाने का काम कर रही थी। सड़क पर गिरे बड़े पेड़ की डालियों को काटकर हटाया जा रहा था। वन विभाग के अनुसार पूरे शहर में आंधी-पानी से पांच सौ से अधिक वृक्ष गिरे हैं। आंधी-पानी से सड़कों पर लगे पेड़-पौधों को भी नुकसान हुआ है।

राज्य के दो तिहाई हिस्सों में घंटों अंधेरा पसरा रहा
बिजली कंपनियों के अधिकारियों के अनुसार सामान्य दिनों में पीक आवर यानी शाम पांच से रात 11 बजे के बीच सात हजार मेगावाट तक बिजली आपूर्ति होती है। पर शुक्रवार की शाम सात बजे एक हजार मेगावाट कम बिजली आपूर्ति हुई। आंधी-पानी के कारण राज्य के दर्जनों फीडर बंद हो गए। सैकड़ों पोल गिर गए। ट्रांसफॉर्मर जल गए। इससे सब-स्टेशनों के कार्य प्रभावित हुए। मौसम के तेवर के कारण कई ग्रिड को बंद करना पड़ा। सबसे बुरा हाल ग्रामीण इलाकों का रहा। दक्षिण बिहार की तुलना में उत्तर बिहार के जिलों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था अधिक चरमरा गई।

50 करोड़ का कारोबार प्रभावित
पटना में शुक्रवार दोपहर में आयी तेज आंधी और बेमौसम बरसात ने राजधानी में लगभग 50 करोड़ का कारोबार प्रभावित किया है। शहर के बाजार तो खुले रहे पर बाजार से खरीदार नदारद रहे। बाकरगंज सर्राफा मंडी, हथुआ मार्केट, खेतान मार्केट सहित शहर के मॉल और सुपर मार्केटों में भी अन्य दिनों की तुलना में खरीदार काफी कम दिखे।

एक विमान डायवर्ट, 23 का देरी से परिचालन
पटना में शुक्रवार की शाम अचानक तेज आंधी और बारिश के कारण विमान परिचालन बाधित हुआ। इस दौरान कोलकाता से पटना आने वाली इंडिगो की विमान 6ई6917 को लखनऊ डायवर्ट कर दिया गया। इसमें लगभग 175 यात्री सवार थे। खराब मौसम से नालंदा और शेखपुरा में आसमान के ऊपर विमान ने चक्कर लगाए। इससे विमान में बैठे यात्रियों की बेचैनी बढ़ गई थी। लेकिन पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए मशक्कत के बाद विमान को लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया। 23 विमानों का देरी से आवागमन हुआ। इसमें दिल्ली से पटना आने वाली इंडिगो की 6ई2373 फ्लाइट निर्धारित समय 12:45 के बजाय 1:55 में आई, मुंबई से पटना आने वाली आईएक्स2398 अपने निर्धारित समय से 45 मिनट की देरी से आई। 17 विमान पटना से अन्य राज्यों के लिए देरी से उड़ान भरी।

राजद कार्यालय परिसर में गिरा पेड़, मौजूद थे तेजस्वी
राजद कार्यालय परिसर में शुक्रवार को आई तेज आंधी से आम का एक पेड़ गिर गया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव उस वक्त बेटी कात्यायनी के साथ कार्यालय में ही मौजूद थे। प्रेसवार्ता के बाद तेजस्वी कमरे में बैठे ही थे कि तेज आंधी से पेड़ गिर गया। इससे उनके एस्कॉर्ट की एक गाड़ी का शीशा टूट गया। परिसर में लगा दूसरा पेड़ भी गिर न जाए इसलिए कार्यकर्ताओं ने तेजस्वी से कार्यालय के पीछे बने बोर्ड रूम में चले जाने का आग्रह किया। इसके बाद आंधी के बीच ही तेजस्वी बेटी के साथ कार्यालय के पीछे बने बोर्ड रूम में चले गए।

सड़कों पर पेड़-खंभे गिरे
शुक्रवार की शाम तेज आंधी-पानी से शहर के कई इलाके में पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। इसके कारण कई इलाकों में सड़क जाम की स्थिति रही। वन विभाग की ओर से साढ़े पांच बजे के बाद सड़कों से पेड़ हटाने का काम शुरू किया गया, जिसके कारण जाम की स्थिति और गंभीर हो गई। नेहरू पथ पर तो राजवंशीनगर के पास वाहनों का रूट बदलना पड़ा। सगुना मोड़ की ओर जाने वाले वाहनों को राजभवन की ओर मोड़ दिया गया। इसी प्रकार हार्डिंग रोड में पेड़ गिरने से एक लेन में यातायात प्रभावित रहा। गर्दनीबाग से आर ब्लॉक की ओर आने वाले वाहनों को एक ही लेन में परिचालन कराया गया।

15 ट्रांसफॉर्मर और 42 से अधिक पोल क्षतिग्रस्त हुए
तेज आंधी और पानी में शहर के बड़े-बड़े पेड़ धराशाई होकर बिजली के तार और ट्रांसफार्मर पर गिर गए। जिसके कारण 40 से 42 के करीब पोल टूटकर गिर गए। 15 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। शहर के वीवीआईपी इलाके से लेकर सामान्य इलाकों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। हालांकि, बिजली के पोल-तार गिरने से कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। सुपर पावर ग्रिड 132 केवी जक्कनपुर, करबिगहिया, न्यू मीठापुर से लेकर 33 केवी के 35 फीडर और 11 केवी के 90 फीडर बंद हो गए। सुपर पावर ग्रिड को आंधी समाप्त होने के बाद चालू कर लिया गया, लेकिन 33 केवी और 11 केवी के दर्जनों फीडर रात के दस बजे तक बंद रहे। लोग बिजली-पानी बिन परेशान रहे। पेसू अतिरिक्त मानव बल के जरिए हाइड्रा और जेसीबी की मदद से पेड़ को हटाकर बिजली बहाल करने में लगा रहा।

जज-विधायक आवास की बिजली काफी देर ठप रही
न्यू कैपिटल डिविजन में कई जज, मंत्री आवास और विधायक आवास हैं। इनके आवास के आगे बड़े-बड़े पेड़ आंधी के दौरान धराशाई हो गए। यह पेड़ बिजली के पोल और तार पर गिर गए। जिसके कारण काफी देर बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजलीकर्मी काफी संख्या में लगकर पेड़ को हटाया जिसके बाद बिजली बहाल हो सकी।
बापू टावर तीन दिनों तक बंद रहेगा
पटना। बापू टावर आम दर्शकों के लिए अगले तीन दिनों तक बंद रहेगा। शुक्रवार को शहर में आए भीषण तूफान और तेज आंधी-पानी के कारण टावर परिसर को काफी नुकसान पहुंचा है। आंधी से परिसर में कई पेड़ जड़ से उखड़ गए। इसके अलावा टावर के बाहरी आवरण को भी क्षति पहुंची है। मरम्मत कार्य निर्बाध रूप से पूरा किया जा सके इसलिए बापू टावर को बंद किया गया है। प्रबंधन ने पर्यटकों से सहयोग की अपील की है।
जू आज रहेगा बंद
पटना। पटना जू में शुक्रवार को आई तेज आंधी और बारिश से भारी नुकसान हुआ। तेज हवा से जू परिसर में करीब 24 पेड़ गिर गए। कई जगहों पर बड़े-बड़े पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों और जानवरों के बाड़ों के अंदर जा गिरीं। स्थिति को देखते हुए जू प्रशासन ने शनिवार को पर्यटकों के लिए जू बंद रखने का निर्णय लिया है। जू निदेशक हेमंत पाटिल ने बताया कि गिरे पेड़ों को हटाया जा रहा है। आंधी के दौरान जू परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कई पक्के रास्तों पर पेड़ गिरने से आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई।
कीचड़-जलजमाव से मुसीबत
पटना शहर में शुक्रवार की शाम की बारिश से किचड़ और निचले इलाके में जलजमाव हो गया। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई। खासकर निर्माण कार्य स्थलों पर कीचड़ से ज्यादा परेशानी हुई। नमामि गंगे और सड़क निर्माण का कार्य स्थल पर कीचड़ से लोगों को पैदल चलने में दिक्कत हुई। शहर के जिन इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनी उसमें एयरपोर्ट रोड, आर ब्लॉक, जीपीओ, राजवंशी नगर, जोगीपुर, एचआईजी कॉलोनी, करबिगहिया, चिड़ैयाटाड़ पुल के नीचे, महावीर आरोग्य संस्थान के पास जलजमाव होने से आने-जाने वालों को परेशानी हुई। हालांकि नगर निगम के कर्मियों ने जलनिकासी में लगे रहे और एक घंटे में अधिकतर जगहों से पानी निकल गया है। सभी संप हाउस और ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन चलने से पानी की निकासी देर शाम तक हो गई। निचले इलाके की सड़कों और मोहल्लों से पानी निकलने में समय लगा। राजीव नगर में नाले के जर्जर होने और उस पर जलजमाव से परेशानी हुई। महेन्द्रु में रामसहाय लेन से गांधी चौक तक पानी लगा रहा। पटना जंक्शन के आसपास भी बारिश से सड़कों पर गंदगी फैल गई।




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