Passed BPSC exam by studying in jail took joining letter with handcuffed hands Bipin Kumar became a teacher जेल में पढ़कर पास की BPSC परीक्षा, हथकड़ी लगे हाथों से लिया ज्वाइनिंग लेटर; बिपिन कुमार बने शिक्षक, Bihar Hindi News - Hindustan
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जेल में पढ़कर पास की BPSC परीक्षा, हथकड़ी लगे हाथों से लिया ज्वाइनिंग लेटर; बिपिन कुमार बने शिक्षक

पटना के बेऊर जेल में बंद बिपिन कुमार ने शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में सफलता हासिल की थी। हथकड़ी पहने विपिन ने नियुक्ति पत्र लिया। विपिन का चयन विद्यालय अध्यापक पद के लिए सामान्य विषय में हुआ है। डेढ़ वर्ष पहले एक नाबालिग छात्रा ने उनके खिलाफ दानापुर थाने में पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था।

Sun, 9 March 2025 09:57 PMsandeep हिन्दुस्तान, रविशंकर, बोधगया
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जेल में पढ़कर पास की BPSC परीक्षा, हथकड़ी लगे हाथों से लिया ज्वाइनिंग लेटर; बिपिन कुमार बने शिक्षक

जेल मे रहते हुए विचाराधीन बंदी विपिन कुमार ने शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में सफलता हासिल की थी। रविवार को हथकड़ी पहने विपिन ने नियुक्ति पत्र लिया। पोक्सो एक्ट के आरोपी विपिन का चयन विद्यालय अध्यापक पद के लिए सामान्य विषय में हुआ है। बिहार के उद्योग मंत्री सह जिले के प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा, प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, डीएम डॉ त्यागराजन एसएम सहित अन्य वरीय अधिकारियों की उपस्थिति में उन्हें औपबंधिक नियुक्ति पत्र मिला।

पटना के बेऊर जेल में बंद बिपिन कुमार को रविवार को पुलिस अभिरक्षा में हथकड़ी पहने बोधगया स्थित महाबोधि कन्वेंशन सेंटर में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में लाया गया था। गया जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र के एरकी गांव के निवासी विपिन दानापुर में एक कोचिंग संस्थान में शिक्षक थे। करीब डेढ़ वर्ष पहले एक नाबालिग छात्रा ने उनके खिलाफ दानापुर थाने में पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था। गिरफ्तारी के बाद वह न्यायिक हिरासत में पटना बेऊर जेल में बंद है।

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अदालत से दोषी तो रद्द हो जाएगी नौकरी

विपिन को नियुक्ति पत्र तो मिल गया, पर उसकी पदस्थापना जिस स्कूल में होगी, उसमें वह पढ़ाने कैसे जायेगा, यह बड़ा सवाल है? इस बारे में पूछे जाने पर गया के जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है कि विचाराधीन बंदी को नियुक्ति पत्र मिला है। शिक्षक बने बिपिन ने बताया कि मेरे खिलाफ दर्ज मामला अभी भी कोर्ट में लंबित है। जब तक हमें अदालत से निर्दोष करार नहीं दिया जाता तब तक हमारी नियुक्ति पर संकट बना रहेगा। मन में इस बात का डर है कि अगर अदालत हमें दोषी ठहराती है तो कहीं नौकरी रद्द न हो जाए।

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