बिहार में नीतीश मॉडल बरकरार, जनता दरबार फिर से शुरू; फुल ऐक्शन में सीएम सम्राट चौधरी
सीएम सम्राट चौधरी ने फिर जनता दरबार की शुरुआत कर दी है। उनके सरकारी आवास 5 देशरत्न मार्ग पर इसका आयोजन किया गया है।

Samrat Choudhry Janta Darbar: बिहार में सत्ता की कमान जदयू के हाथ से निकलकर बीजेपी के हाथ में आ गई लेकिन, दावा किया गया है कि नीतीश मॉडल जारी रहेगा। इसका असर भी दिखने लगा है। नए सीएम सम्राट चौधरी ने फिर जनता दरबार की शुरुआत कर दी है जिसका आगाज नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री बनने के बाद किया था। आज शुक्रवार को सीएम के आवास 5 देश रत्न मार्ग पर सम्राट चौधरी बिहार वासियों की फरियाद सुनेंगे। राज्य के विभिन्न जिलों से लोग आवेदन लेकर पटना पहुंच गए हैं। अभी ऑफलाइन सुनवाई की जा रही है। सरकार की ओर से कहा गया है कि लोगों की समस्याओं की सुनवाई कर यथाशीघ्र समाधान किया जाएगा।
बिहार में सरकार नई है पर पैटर्न पुराना है। साल 2006 में नीतीश कुमार ने जनता दरबार की शुरुआत की थी। सीएम अपने सरकारी आवास पर राज्य भर के लोगों से उनकी समस्याओं के मुतल्लिक रूबरू होते थे। 2016 तक यह चला और बाद के दिनों में लगभग बंद हो गया। नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने फिर से इसकी शुरुआत कर दी है। उनके सरकारी आवास 5 देशरत्न मार्ग पर जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। फिलहाल समस्याओं की ऑफलाइन सुनवाई की जाएगी। विभिन्न जिलों से फरियादी पटना में पहुंचे हुए हैं। बिहार की जनता को सम्राट चौधरी से काफी उम्मीदें हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी इसी मॉडल को अपनाते हुए जनता दरबार लगाने की तैयारी में जुट गए हैं। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने इस कार्यक्रम को दोबारा शुरू करने के लिए अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और इसकी संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। गुरुवार को उन्होंने सचिवालय पहुंचकर उस स्थान का निरीक्षण भी किया, जहां पहले जनता दरबार का आयोजन होता था। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से यह जानकारी ली कि कार्यक्रम को फिर से शुरू करने में किन-किन व्यवस्थाओं की जरूरत होगी और इसे किस तरह प्रभावी बनाया जा सकता है।
दरअसल नई सरकार अभी अधिक से अधिक डिलेवरी के मूड में है। सीएम सचिवालय से संदेश दिया गया है कि जनता दरबार के माध्यम से आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उन्हें सीधे मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा, जिससे न सिर्फ उनकी समस्याओं का जल्दी समाधान होगा बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में भी जवाबदेही तय होगी। लोग इस व्यवस्था से काफी खुश हैं। दूर दराज से आए लोगों ने जनता दरबार की परंपरा से काफी संतोष व्यक्त किया है।




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