नीट छात्रा मौत केस: बेटी से गैंगरेप हुआ, कई रसूखदार शामिल; कोर्ट में बोले पिता- शंभु गर्ल्स हॉस्टल में गलत होता था
नीट छात्रा मौत केस: माता-पिता ने कहा है कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रसूखदार मनीष रंजन से मिलने बराबर आते रहते थे। उनसे मनीष की घनिष्ठता है। घटना के दिन भी कई रसूखदारों को लोगों शंभू गर्ल्स हॉस्टल आते-जाते देखा था। उन्होंने बयान में कहा है कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल की आड़ में गलत होता था।

पटना के चर्चित नीट छात्रा मौत केस में सीबीआई अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। इस बीच पॉक्सो की विशेष अदालत में मंगलवार को पटना में नीट छात्रा की मौत के मामले में सूचक पिता और मां ने शपथयुक्त बयान दाखिल किया है। कोर्ट में दाखिल बयान में रसूखदारों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मां और पिता ने कोर्ट में दाखिल बयान में दावा किया है कि नीट छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ और बचाने के नाम पर इलाज के दौरान डाक्टरों से उसकी हत्या करवा दी गई। प्रभावशाली लोगों के प्रभाव में सीबीआई और बिहार पुलिस की एसआईटी इस कांड की सही जांच नहीं कर लीपापोती कर रही है। पॉक्सो की विशेष अदालत के आदेश के बाद भी सीबीआई ने इस कांड में पीड़िता मां और पिता का बयान न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष नहीं करा रही है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराने के आदेश को चुनौती देते हुए पटना हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। कांड के सूचक पिता और मां दोनों मंगलवार को पॉक्सो की विशेष अदालत में विशेष न्यायाधीश राजीव रंजन रमण के समक्ष उपस्थित हुए और शपथयुक्त बयान दाखिल किया। आरोप लगाया कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रसूखदार मनीष रंजन से मिलने बराबर आते रहते थे।
उनसे मनीष की घनिष्ठता है। घटना के दिन भी कई रसूखदारों को लोगों शंभू गर्ल्स हॉस्टल आते-जाते देखा था। उन्होंने बयान में कहा है कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल की आड़ में गलत होता था। गरीब घर से पढ़ने आई लड़कियों को फांस कर खाने में दवा मिला कर गलत किया जाता था। सूचक का यह भी आरोप है स्थानीय पुलिस और एसआईटी मुझे गुमराह करती रही।
नीट छात्रा को इंसाफ दिलाने के लिए निकाला मार्च
नीट छात्रा की मौत मामले में मंगलवार को पीड़िता के परिवार व समर्थकों ने प्रदर्शन किया। गांधी मैदान इलाके से सीबीआई की प्रतीकात्मक अर्थी यात्रा निकाली गई। परिवार का आरोप है कि घटना के 5 माह बाद भी सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल नहीं की।
09 जनवरी को दर्ज हुआ था केस
आपको बता दें कि 09 जनवरी 2026 को चित्रगुप्त नगर थाना की पुलिस ने पीड़िता के पिता के बयान पर इस मामले की मूल प्राथमिकी दर्ज की थी । आरोप के अनुसार पीड़िता अपने हॉस्टल में बेहोश पाई गई थी। पीड़िता के पिता ने अपनी पुत्री के शरीर पर चोट के निशान पाए जाने की बात कही थी। साथ ही, उसके साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने का प्रयास किए जाने का भी शक जाहिर किया था। बाद में इलाज के दौरान पीड़िता की मृत्यु अस्पताल में हो गई थी।
मृतका को नाबालिग पाए जाने के बाद मामले का मूल अभिलेख पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत को सौंप दिया गया था । बाद में बिहार सरकार की सिफारिश पर मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी । सीबीआई आरसी 07/2026 के रूप में अपनी प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। इस मामले में अनुसंधान जारी है।




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