navratri durga puja devotees flock to pandal patna thakurbadi Navratri 2025: पटना के कई पूजा पंडालों में पट खुले, भक्तों ने मां दुर्गा से मांगा आशीर्वाद, Bihar Hindi News - Hindustan
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Navratri 2025: पटना के कई पूजा पंडालों में पट खुले, भक्तों ने मां दुर्गा से मांगा आशीर्वाद

सोमवार को भक्त देवी के सातवें स्वरूप कालरात्रि की उपासना कर रहे हैं। रविवार को शक्तिपीठ बड़ी पटनदेवी, छोटी पटनदेवी, अगमकुआं शीतलामाता मंदिर में भक्तों की भीड़ रही। मां दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती है।

Mon, 29 Sep 2025 10:37 AMNishant Nandan हिन्दुस्तान, पटना
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Navratri 2025: पटना के कई पूजा पंडालों में पट खुले, भक्तों ने मां दुर्गा से मांगा आशीर्वाद

बिहार समेत देश के कई राज्यो में दशहरा की धूम है। पटना के गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में रविवार को आश्विन षष्ठी तिथि को बेल वृक्ष पर मां दुर्गा का आह्वान कर दुर्गा दरबार का पट खोला गया। इस संबंध में गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी प्रबंध न्यास समिति एवं बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष प्रो.(डॉ.)रणबीर नंदन ने बताया कि आरती के बाद मां दुर्गा परिवार का पूजन, पुष्पांजलि एवं भोग प्रसाद अर्पण विधिवत प्रारंभ हो गया।

उन्होंने कहा कि यहां स्थापित पंचमुखी हनुमान, शंकर भगवान, भगवान राम दरबार, चित्रगुप्त भगवान, माता दक्षिण काली की पूजा नवरात्र में संपन्न होगी। मौके पर नम्रता नंदन, गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी के पुजारी मुकेश रंजन झा, ऋषिकेश रंजन झा उर्फ रूना बाबा, सत्यप्रकाश पांडेय, वेद प्रकाश पांडेय, राकेश रंजन झा, अभिषेक सिन्हा, राजू चंद्रवंशी सहित बड़ी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।

भक्त कर रहे कालरात्रि की उपासन

षष्ठी तिथि पर रविवार को मां की आराधना, कल्पारंभ, देवी बोधन व आमंत्रण अधिवास का अनुष्ठान पूजा स्थलों पर किया गया। भक्तों ने मां कात्यायनी की उपासना की। सोमवार को भक्त देवी के सातवें स्वरूप कालरात्रि की उपासना कर रहे हैं। रविवार को शक्तिपीठ बड़ी पटनदेवी, छोटी पटनदेवी, अगमकुआं शीतलामाता मंदिर में भक्तों की भीड़ रही।

मां दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती है। मां कालरात्रि का स्वरूप देखने में अत्यंत भयानक है, लेकिन ये सदैव शुभ फल ही देने वाली हैं। इसी कारण इनका एक नाम शुभंकरी भी है। दुर्गा पूजा के सातवें दिन माँ कालरात्रि की पूजा और आराधना की जाती है। उनके साक्षात्कार से मिलने वाले पुण्य क ा वह भागी हो जाता है।

मां कालरात्रि दुष्टों का नाश करने वाली हैं। दानव, दैत्य, राक्षस, भूत, प्रेत आदि इनके स्मरण मात्र से ही भयभीत होकर भाग जाते हैं। ये ग्रह-बाधाओं को भी दूर करने वाली हैं। नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की अराधना की जाती है। इस दिन साधक का मन सहस्त्रार चक्र में होता है। मां के इस स्वरूप को अपने हृदय में अवस्थित कर साधक को एकनिष्ठ भाव से उनकी अराधना करनी चाहिए।

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