मोदी सरकार ने बिहार के जलाशयों में गंगाजल भेजने की दी मंजूरी, इन जिलों को सूखे से मिलेगी निजात
इससे नवादा, लखीसराय, जमुई और मुंगेर जिलों को सूखे से भी निजात मिलेगी। साथ ही सिंचाई के लिए बेहतर विकल्प मिलेगा। जल संसाधन विभाग योजना के कार्यान्वयन में जुट गया है। पहले चरण में बासकुंड, अमृत श्रीखंडी, जालकुंड, मोरवे, आंजन, गरही को गंगाजल मिलेगा।

बिहार के जलाशयों को संकट से बचाने और इसके लिए गंगाजल आपूर्ति की योजना को केन्द्र की हरी झंडी मिल गयी है। केन्द्रीय जल आयोग ने योजना के पीपीआर को मंजूरी दे दी है। पहले चरण में राज्य के 23 जलाशयों में से छह जलाशयों को गंगाजल की आपूर्ति होगी। दो से तीन माह में इस योजना का डीपीआर भी बन जाएगा।
इससे नवादा, लखीसराय, जमुई और मुंगेर जिलों को सूखे से भी निजात मिलेगी। साथ ही सिंचाई के लिए बेहतर विकल्प मिलेगा। जल संसाधन विभाग योजना के कार्यान्वयन में जुट गया है। पहले चरण में बासकुंड, अमृत श्रीखंडी, जालकुंड, मोरवे, आंजन, गरही को गंगाजल मिलेगा। पहले चरण का काम पूरा होने के बाद दूसरे चरण की तैयारी की जाएगी। इस योजना के तहत मानसून अवधि में गंगाजल को पाइप के माध्यम से दक्षिण बिहार के जलाशयों तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए प्रारंभ में 132 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन स्थापित होगी।
पांच बड़े लाभ
1. जलाशयों में सालों भर पानी रहेगा
2. बड़े क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी
3. गंगाजल की बर्बादी रुकेगी
4. भूजल स्तर में सुधार होगा
5. जलस्रोतों स्थिति बेहतर होगी
जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि बिहार के जलाशयों को सूखे से बचाने की कार्ययोजना बनायी गई है। मानसून अवधि में गंगा का पानी जलाशयों तक पहुंचाने से इनका संकट दूर होगा।
पहले चरण में यहां काम
बासकुंड लखीसराय
अमृत श्रीखंडी जमुई
जालकुंड मुंगेर
मोरवे लखीसराय
आंजन जमुई
गरही जमुई




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