बारी-बारी दोनों नावों की सवारी, किनारा अभी भी दूर; मुकेश सहनी की वीआईपी कितने पानी में
वीआईपी की राजनीति पर गौर करें तो मछुआरा, मल्लाह, केवट सहित इस समूह के मतदाता इसके लक्ष्य रहे हैं। बॉलीवुड फिल्मों के कामयाब सेट डिजाइनर रहे मुकेश सहनी ने 2015 में निषाद विकास संघ की स्थापना की थी।

सन ऑफ मल्लाह के नाम से राजनीति में आए मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) की स्थापना 4 नवंबर 2018 को हुई थी। राज्य में निषाद (मल्लाह ) समाज को अनुसूचित जाति में शामिल कराने की मांग पर पार्टी मुखर है। महज सात साल पुरानी इस पार्टी ने अब तक तीन चुनाव में उम्मीदवार उतारे हैं। इनमें दो लोकसभा और एक विधानसभा चुनाव शामिल हैं। खास बात यह है कि वीआईपी ने बारी-बारी से सवारी दोनों नावों (गठबंधनों) की की है, लेकिन किनारा भी दूर है। 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव में यह महागठबंधन का हिस्सा रही। जबकि, 2020 का विधानसभा चुनाव एनडीए के साथ लड़ी। अब एक बार फिर वीआईपी महागठबंधन के खेमे में ताल ठोक रही है।
वीआईपी की राजनीति पर गौर करें तो मछुआरा, मल्लाह, केवट सहित इस समूह के मतदाता इसके लक्ष्य रहे हैं। बॉलीवुड फिल्मों के कामयाब सेट डिजाइनर रहे मुकेश सहनी ने 2015 में निषाद विकास संघ की स्थापना की थी। इस साल हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के लिए प्रचार भी किया था।
2019 और 2024 चुनाव में नहीं मिली जीत
पहली बार वीआईपी 2019 के लोकसभा चुनाव में उतरी। तब बिहार में राजद और कांगेस के महागठबधंन में वीआईपी को मुजफ्फरपुर, खगड़िया और मधुबनी सीट मिली थी। लेकिन तीनों सीटों पर इसके उम्मीदवारों की हार हुई। खुद मुकेश सहनी खगड़िया से चुनाव हार गए। मुजफ्फरपुर से 2019 में राजभूषण चौधरी वीआईपी के उम्मीदवार थे। अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में उतरे और जीतने के बाद राजभूषण केंद्र सरकार में राज्य मंत्री हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में महागठबंधन से वीआईपी को फिर तीन सीटें मिलीं। राजद के हिस्से की तीनों सीटों झंझारपुर से सुमन कुमार महासेठ, गोपालगंज से चंचल पासवान और मोतिहारी से डॉ. राजेश कुशवाहा बतौर वीआईपी उम्मीदवार उतरे, लेकिन तीनों ही चुनाव हार गए।
कभी हेलीकॉप्टर तो कभी रथ की चर्चा
वीआईपी के संस्थापक मुकेश सहनी कभी हेलीकॉप्टर तो कभी रथ को लेकर चर्चा में रहे। मुकेश सहनी ने 2014-15 में हेलिकॉप्टर से बिहार के विभिन्न जिलों में ताबड़तोड़ यात्रा की थी। जिला और क्षेत्र ऐसा चुना, जहां मल्लाह-निषादों की आबादी अधिक थी। खुद को सन ऑफ मल्लाह घोषित किया। इसे खूब प्रचारित किया। इसके बाद करोड़ों की लक्जरी गाड़ी को रथ के रूप में तैयार कर यात्रा की थी। छोटी सीसी में गंगा जल भर लोगों को गंगा जल के साथ शपथ दिलाने के लिए कई सभाएं कीं।
मुकेश का दावा महागठबंधन में वह उप मुख्यमंत्री बनेंगे
वीआईपी के सर्वेसर्वा मुकेश सहनी कहते हैं कि पार्टी में सभी निर्णय वे खुद लेते हैं। वैसे पार्टी की स्थापना का उद्देश्य निषाद व मल्लाह समाज के लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठाना है। उन्होंने दावा है कि विधानसभा चुनाव के बाद यहां महागठबंधन की सरकार बनेगी। इसमें वे खुद उपमुख्यमंत्री होंगे।
2020 में वीआईपी एनडीए में शामिल हो गई। वीआईपी ने 13 सीटों पर प्रत्याशी उतारा। इसमें 4 सीटों पर जीत मिली। 2022 में एनडीए से बाहर होने के बाद पार्टी विधायकों ने बगावत कर भाजपा की सदस्यता ले ली।
16 नवंबर 2020 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी एनडीए की सरकार में मुकेश सहनी पशु व मत्स्य संसाधन मंत्री बनाए गए थे। मुकेश सहनी को एनडीए की ओर से विधान परिषद का सदस्य बनाया गया था। वे सरकार में 27 मार्च 2022 तक मंत्री रहे। 2022 में उत्तरप्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ उम्मीदवार उतारने से टकराव बढ़ा। उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया गया था।। 2022 में एनडीए से अलग होने के बाद वीआईपी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है




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