टूटे स्लैब और जलजमाव से बढ़ी परेशानी, स्ट्रीट लाइट की दरकार
शांतिपुरी मोहल्ले में जलजमाव की समस्या विकराल हो गई है। नालों की सफाई नहीं होने से गंदा पानी सड़कों पर जमा हो गया है। मोहल्ले की सड़क जर्जर हो चुकी है और लोग गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे डेंगू और मलेरिया का खतरा है।

नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों में जलजमाव की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। खासकर शांतिपुरी मुहल्ला के लोग इन दिनों नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। नालों की समय पर सफाई नहीं होने के कारण अधिकतर नाले पूरी तरह जाम हो चुके हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों पर ओवरफ्लो होकर खाली स्थानों पर जमा होता है। मोहल्ला की गली नंबर 2 की स्थिति सबसे अधिक खराब है, जहां नाले का पानी लगातार सड़क पर बहता रहता है और लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। खाली स्थानों पर जलभराव के कारण इलाके में जलकुंभी जम गयी है। साथ ही मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है।
राजीव रंजन, रितेश श्रीवास्तव, सोमेश्वर सिंह, दिलीप कुमार, बालेश्वर ओझा, नागेश्वर सिंह आदि का आरोप है कि नगर निगम प्रशासन नई योजनाओं पर तो तेजी से काम कर रहा है, लेकिन पुरानी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। मोहल्ले की सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और लगभग हर 20 मीटर पर नाले के स्लैब क्षतिग्रस्त हैं। कई जगहों पर स्लैब पूरी तरह गायब हैं, जिससे बीच सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों में गिरकर रोजाना लोग चोटिल हो रहे हैं, लेकिन इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। अजय कुमार गुप्ता, सुरेश सिंह, पवन कुमार, नागेश्वर सिंह आदि ने कहा कि स्थिति इतनी खराब है कि मोहल्ले के खाली स्थानों में नाले का गंदा पानी जमा होकर तालाब का रूप ले चुका है। इससे मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है और डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शाम होते ही मच्छरों का आतंक बढ़ जाता है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। अमन राज, राजकुमार गुप्ता, बबलू कुमार ठाकुर, दिलीप कुमार आदि ने कहा कि समस्या यहीं खत्म नहीं होती। मोहल्ले में स्ट्रीट लाइट की भी भारी कमी है, जिससे रात के समय सड़क पर चलना खतरे से खाली नहीं है। मोहल्ले की सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सड़क पर बीचो-बीच बने पुराने नाला से दर्जनों जगह स्लैब गायब हो चुके हैं। अंधेरे के कारण लोग अक्सर गड्ढों में गिर जाते हैं और दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। खासकर महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। जलजमाव और खराब सड़कों के कारण ई-रिक्शा चालक भी इस मोहल्ले में आने से कतराने लगे हैं। लोगों को मुख्य सड़क से अपने घर तक पैदल ही आना-जाना पड़ता है। बारिश के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब सड़क और नाला का फर्क मिट जाता है। अगर, बाजार से लौटते समय भारी सामान साथ हो तो घर तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त राशि खर्च करना पड़ता है। इससे मोहल्ला के लोगों का खर्च बढ़ गया है। बच्चों को खेलने के लिए बाहर भेजने से पहले भी लोग कई बार सोचते हैं। कई बार बच्चे गड्ढे में गिरकर जख्मी भी हो जाते हैं मोहल्ले के राजीव रंजन, रितेश श्रीवास्तव, सोमेश्वर सिंह, रिंटू सिंह, मंटू सिंह, नागेश्वर सिंह, बालेश्वर ओझा, दिलीप श्रीवास्तव सहित अन्य लोगों ने बताया कि कई बार नगर निगम को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रस्तुति : पराशर प्रभात
बोले जिम्मेदार
नालों की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जाम नालों को प्राथमिकता के आधार पर साफ कराया जा रहा है। जहां-जहां स्लैब क्षतिग्रस्त या गायब हैं, वहां जल्द मरम्मत का निर्देश दिया गया है। स्ट्रीट लाइट की समस्या को भी संबंधित विभाग के साथ समन्वय कर दूर किया जाएगा। मच्छरों के प्रकोप को देखते हुए फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव शुरू कराया जा रहा है। जल्द ही स्थिति में सुधार का प्रयास किया जाएगा।
- डॉ.लालबाबू प्रसाद, उप महापौर, नगर निगम मोतिहारी
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