लापरवाही: प्रतिमा स्थलों पर सूख रहे कपड़े, उपेक्षा के शिकार अपने ‘नायक’
मोतिहारी शहर में महापुरुषों की प्रतिमाएं प्रशासनिक उदासीनता और सामाजिक उपेक्षा का शिकार हो रही हैं। गणतंत्र दिवस समारोह नजदीक होने के बावजूद इन प्रतिमाओं की देखभाल नहीं हो रही है। स्थानीय लोगों ने प्रतिमा संरक्षण समिति का गठन किया है ताकि प्रतिमाओं का सौंदर्यीकरण और संरक्षण किया जा सके।
ऐतिहासिक विरासत और स्वतंत्रता संग्राम की धरती माने जानेवाले मोतिहारी शहर में महापुरुषों की स्मृति में स्थापित प्रतिमाएं प्रशासनिक उदासीनता व सामाजिक उपेक्षा का शिकार हो रही हैं। शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाएं जहां एक ओर जनमानस को प्रेरणा देने के उद्देश्य से लगाई गई थीं, वहीं अब ये गंदगी, झाड़-झंखाड़ और अतिक्रमण की चपेट में हैं। गणतंत्र दिवस समारोह नजदीक होने के बावजूद इन प्रतिमाओं की सुधि लेनेवाला कोई नहीं है। महापुरुषों की प्रतिमाओं का संरक्षण महत्वपूर्ण मुद्दा है। इस पर सरकार व स्थानीय प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। पूर्वी चंपारण में महापुरुषों की प्रतिमाओं की उपेक्षा के कारण स्थानीय लोगों में रोष है।
प्रशासन का ध्यानाकृष्ट करने के लिए लोगों ने महापुरुष प्रतिमा संरक्षण समिति का गठन किया है। इस संगठन ने महापुरुषों की प्रतिमा व स्थल के सौंदर्यीकरण का बीड़ा उठाया है। हिन्दुस्तान से बातचीत में कौशल किशोर सिंह,अमन कुमार, अमित कुमार, आर्यन कुमार, जटाशंकर कुमार, किसलय कुमार, मंजीत कुमार आदि ने बताया कि शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर स्थापित महापुरुषों की प्रतिमा तो स्थापित कर दी गयी है। मगर, प्रतिमाओं के आसपास साफ-सफाई का कोई इंतजाम नहीं है। कई प्रतिमा स्थलों पर तो अतिक्रमण की वजह से उस जगह की सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व भी खतरे में है। अमरेंद्र सिंह, संजीव श्रीवास्तव, सुमन मिश्रा, अमरेंद्र कुमार झा, संजय कुमार द्विवेदी, अरुण कुमार, रविप्रकाश, शैलेंद्र ठाकुर आदि ने कहा कि महापुरुषों की प्रतिमाओं के आसपास नियमित साफ-सफाई और रखरखाव की व्यवस्था आवश्यक है। ताकि प्रतिमा स्थल स्वच्छ और सुंदर दिखे। प्रतिमाओं के आसपास अतिक्रमण से मुक्ति पाना आवश्यक है, ताकि उनकी सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व बनी रहे। महापुरुषों की प्रतिमाओं का हो जीर्णोद्धार: विजय कुमार पांडेय अधिवक्ता, अजय कुमार तिवारी, अमन कुमार राज, उपेंद्र पटेल आदि ने बताया कि शहर में स्थापित जर्जर प्रतिमाओं का जीर्णोद्धार आवश्यक है, ताकि आनेवाली पीढ़ियों को भी इसका लाभ मिल सके। प्रतिमा स्थल पर महापुरुषों की जीवनी भी अंकित करायी जाए। साथ ही भावी पीढ़ी को अपने महापुरुषों को जानने व समझने का मौका मिल सकेगा। यहां फूल के पौधे लगाकर प्रतिमा स्थल पर हरियाली लायी जा सकती है। सुकेश कुमार, रौशन कुमार, नीतीश कुमार, निर्मल कुमार, मंजीत कुमार आदि ने कहा कि स्थानीय प्रशासन को महापुरुषों की प्रतिमाओं के संरक्षण की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। साथ ही प्रतिमाओं के समुचित रखरखाव के लिए आवश्यक कदम उठाना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि जिला स्तर पर एक प्रबंधन समिति बनायी जाए। इससे काफी हद तक प्रतिमाओं की बदहाली दूर करने में मदद मिलेगी। सरकार को महापुरुषों की प्रतिमाओं के संरक्षण के लिए निधि आवंटित करनी चाहिए, ताकि उनके रखरखाव और जीर्णोद्धार के लिए आवश्यक कदम उठाया जा सके। अमरेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह आदि ने कहा कि सरकार को महापुरुषों की प्रतिमाओं के संरक्षण के लिए नीतियों का निर्माण करना चाहिए, जो उनके रखरखाव और जीर्णोद्धार के लिए मार्गदर्शन प्रदान करें।
प्रस्तुति : पराशर प्रभात / विजय कुमार सिंह
बोले जिम्मेदार
नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न चौक-चौराहों पर स्थापित महापुरुषों की प्रतिमा व प्रतिमा स्थल का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। साथ ही, इन स्थलों के नियमित मेंटेनेंस को लेकर भी कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा प्रतिमा स्थल को विकसित करने के लिए जल्द ही ठोस पहल की जाएगी, ताकि इन ऐतिहासिक धरोहरों को नई पहचान मिल सके। शहर में नियमित रूप से सुबह-शाम सफाई की व्यवस्था की गई है। इसकी लगातार मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
- डॉ लालबाबू प्रसाद, डिप्टी मेयर, नगर निगम, मोतिहारी
सुझाव
1. महापुरुषों की प्रतिमाओं के आसपास नियमित सफाई और रख रखाव आवश्यक है। ताकि प्रतिमा स्थल स्वच्छ और सुंदर दिखे।
2. प्रतिमाओं के आसपास अतिक्रमण से मुक्ति पाना आवश्यक है, ताकि उनकी सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व बनी रहे।
3. स्थानीय प्रशासन को महापुरुषों की प्रतिमाओं के संरक्षण की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। रखरखाव के लिए कदम उठाने चाहिए।
4. जिला स्तर पर एक प्रबंधन समिति बनायी जाए। इससे काफी हद तक प्रतिमाओं की बदहाली दूर करने में मदद मिलेगी।
5. सरकार को महापुरुषों की प्रतिमाओं के संरक्षण के लिए निधि आवंटित करनी चाहिए, ताकि जीर्णोद्धार किया जा सके।
शिकायतें
1. शहर में महापुरुषों की स्मृति में स्थापित प्रतिमाएं प्रशासनिक उदासीनता व सामाजिक उपेक्षा का शिकार हो रही हैं।
2. शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर महापुरुषों की प्रतिमा तो स्थापित कर दी गयी है। मगर, सफाई का कोई इंतजाम नहीं है।
3. कई प्रतिमा स्थलों पर तो अतिक्रमण की वजह से उस जगह की सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व भी खतरे में है।
4. विभिन्न चौक-चौराहों पर स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाएं गंदगी, झाड़-झंखाड़ और अतिक्रमण की चपेट में आने लगी हैं।
5. महापुरुषों की प्रतिमाओं का संरक्षण महत्वपूर्ण मुद्दा है, जिस पर सरकार और स्थानीय प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यकता है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन