संजीव मुखिया गैंग का मेंबर विपुल कुमार गिरफ्तार; EOU ने पटना से दबोचा, STET का पेपर लीक कराया था
नीट पेपर लीक कांड का मास्टरमाइंड संजीव मुखिया के गैंग के सदस्य विपुल शर्मा को EOU ने पटना से धर दबोचा है। उस पर प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल अभ्यर्थियों को झांसा देकर तथा परीक्षा में सफल कराने का आश्वासन देकर मोटी रकम वसूलने का आरोप है।

आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने पेपर लीक माफिया संजीव मुखिया गिरोह के सक्रिय सदस्य विपुल कुमार उर्फ विपुल शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी गिरफ्तारी राजधानी पटना के गोला रोड स्थित उसके आवास से हुई है। विपुल पर बीपीएससी द्वारा ली गयी तीसरे चरण की शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में हुए प्रश्न पत्र लीक में शामिल रहने का आरोप है। साथ ही हरियाणा एसटीईटी (माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा) का पेपर लीक कराने का भी आरोप है। ईओयू ने बताया कि आरोपी से पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश करने और जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
औरंगाबाद के दाऊदनगर थाना अंतर्गत बिराई निवासी विपुल शर्मा संजीव मुखिया गिरोह का वांछित अभियुक्त है। इकाई को उसके गोला रोड में फॉर्मेसी कॉलेज के समीप आवास में छिपे होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद छापेमारी टीम गठित कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। विपुल ने पूछताछ में बताया कि उसका गिरोह प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल अभ्यर्थियों को परीक्षा में सफल करा देने का झांसा देकर मोटी रकम वसूलता है। साथ ही वह कई प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक करने में शामिल रहा है। उसने स्वीकार किया कि बीपीएससी टीआरई 3.0 परीक्षा के ठीक पहले संजीव मुखिया गिरोह से जुड़ कर 15 अभ्यर्थियों को विंगर गाड़ी से हजारीबाग (झारखंड) के कोहिनूर होटल लेकर गया था।
वहां पूर्व से योजनानुसार करीब 500 अभ्यर्थियों को लीक किये गये प्रश्न पत्र को रटवाने की व्यवस्था की गई थी। कोहिनूर होटल में अभ्यर्थियों की फ्रीस्किंग के लिए हैंड हेल्ड डिवाइस भी साथ लेकर गये थे। विपुल ने वर्ष 2023 में हरियाणा एसटीईटी का प्रश्नपत्र लीक कराने में संजीव मुखिया का सहयोग किया था। पूछताछ में उसने बताया कि गिरोह के कुछ सदस्यों के साथ वह फ्लाइट से दिल्ली गया तथा वहां से सड़क मार्ग से हरियाणा के सोनीपत में किसी रिसॉर्ट में अभ्यर्थियों को एसटीईटी हरियाणा के लीक प्रश्न पत्र का उत्तर रटवाया था।
ईओयू अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर अग्रतर कार्रवाई की जायेगी। गौरतलब है कि टीआरई तीन पेपर लीक से संबंधित कांड (06/24) ईओयू में दर्ज है। मार्च 2024 में दर्ज इस मामले में अब तक 289 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जा चुकी है, जबकि शेष बचे अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी चल रही है।




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