बृज बिहारी की हत्या किए बिना नहीं करूंगा शादी, किसने खाई थी कसम; बिहार के चर्चित मर्डर केस की कहानी
Brijbihari Prasad Murder Case: नामांकन घोटाला में बृजबिहारी प्रसाद की गिरफ्तारी हो गई। न्यायिक हिरासत में उनको आईजीआईएमएस में भर्ती कराया गया। 13 जून 1998 को वह आईजीआईएमएस में टहल रहे थे। इसी दौरान तीन तरफ से घेरकर स्वचालित हथियार से गोलियां बरसाई गईं।

Brijbihari Prasad Murder Case: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पटना हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए बिहार के पूर्व मंत्री बृजबिहारी प्रसाद और उनके अंगरक्षक लक्ष्मेश्वर साहू की हत्या के मामले में पूर्व विधायक विजय कुमार उर्फ मुन्ना शुक्ला और मंटू तिवारी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि, शीर्ष अदालत ने 26 साल पुराने इस केस में पूर्व सांसद सूरजभान, राजन तिवारी सहित 5 आरोपियों को बरी किए जाने के हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। बृजबिहारी प्रसाद हत्याकांड बिहार के चर्चित मर्डर केसों में से एक है। इस मर्डर केस के एक किरदार ने यह कसम खाई थी कि जब तक वो बृजबिहारी की हत्या नहीं कर देता वो शादी नहीं करेगा।
मुजफ्फरपुर के चांदनी चौक के पास चार दिसंबर 1994 को छोटन शुक्ला समेत पांच लोगों की हत्या हुई थी। उसकी एंबेसडर कार को घेरकर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। चांदनी चौक का इलाका पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद का माना जाता था। वहीं, छोटन की हत्या के बाद उनके छोटे भाई भुटकुन शुक्ला की हत्या 16 जुलाई 1997 को वैशाली के खनजाहाचक में कर दी गई थी। छोटन की हत्या के बाद उसके नजदीकी मित्र रहे मोतिहारी के देवेंद्र दूबे की बृजबिहारी प्रसाद से ठन गई थी। वर्ष 1998 में देवेंद्र दूबे की भी हत्या कर दी गई थी।
इस तरह तीनों हत्याओं में साजिश व भूमिका होने का सीधा आरोप तत्कालीन मंत्री बृजबिहारी प्रसाद पर लगा। छोटन शुक्ला की हत्या का प्रतिशोध लेने के लिए विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला ने कमान संभाली। उसने उत्तर प्रदेश के श्रीप्रकाश शुक्ला और सूरजभान सिंह के साथ तो देवेंद्र की हत्या का बदला लेने के लिए मंटू तिवारी, राजन तिवारी आदि ने बृजबिहारी प्रसाद की रेकी शुरू कर दी।
उसी समय नामांकन घोटाला में बृजबिहारी प्रसाद की गिरफ्तारी हो गई। न्यायिक हिरासत में उनको आईजीआईएमएस में भर्ती कराया गया। 13 जून 1998 को वह आईजीआईएमएस में टहल रहे थे। इसी दौरान तीन तरफ से घेरकर स्वचालित हथियार से गोलियां बरसाई गईं। लालबत्ती लगी एंबेसडर कार और एक अन्य गाड़ी पर सवार होकर हमलावर पहुंचे। बृजबिहारी की हत्या करने के बाद हमलावर जयकारा लगाते हुए फरार हो गए। पटना के शास्त्रीनगर थाना में हत्याकांड की एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
देवेंद्र की हत्या के बाद मंटू तिवारी ने खाई थी कसम
बृजबिहारी प्रसाद की हत्या में सुप्रीम कोर्ट से मुन्ना शुक्ला के साथ पूर्वी चंपारण के मंटू तिवारी को भी उम्र कैद की सजा सुनाई गई। 25 फरवरी 1998 को गोविंदगंज से विधायक रहे देवेंद्र दूबे की हत्या अरेराज में हुई थी। वह छोटन शुक्ला के करीबी थे। देवेंद्र की हत्या के बाद उसके भांजे मंटू तिवारी ने कसम खाई थी कि जब तक मामा की हत्या का बदला नहीं लेगा वह विवाह नहीं करेगा। बृजबिहारी प्रसाद की हत्या के लिए आईजीआईएमएस में पहुंचे हमलावरों में मंटू तिवारी भी शामिल था।




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