वार्ड-34 से जलधारी चौक की सड़क पर जलजमाव, गंदगी कर रही बीमार
मधुबनी के वार्ड-34 में बुनियादी सुविधाओं की कमी से लोग परेशान हैं। जर्जर सड़कों, जलजमाव और गंदगी के कारण स्थानीय निवासियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश में स्थिति और बिगड़ जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है। स्थानीय लोग प्रशासन से समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं।

मधुबनी। शहर का वार्ड-34 इन दिनों बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। वर्षों से जर्जर सड़कें, जलजमाव और चारों ओर फैली गंदगी की समस्या इस इलाके में आम बात हो गई है। इसके चलते इलाके के लोग अब खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो कोई ठोस पहल की जा रही है और न ही स्थायी समाधान निकाला जा रहा है। बारिश के मौसम में वार्ड 34 की स्थिति और भी भयावह हो जाती है। जलधारी चौक से बिजली घर तक जाने वाला मुख्य मार्ग जलजमाव के कारण पूरी तरह बाधित हो जाता है।
सड़क पर गंदे पानी के जमाव के चलते लोगों का इस रास्ते से गुजरना मुश्किल ही नहीं, बल्कि खतरनाक भी हो गया है। पानी से भरी सड़क पर छोटे-बड़े गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे आए दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई बार राहगीर और दोपहिया वाहन चालक इन गड्ढों में गिरकर घायल हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है।स्थानीय लोगों के अनुसार, अधूरे नाला नर्मिाण और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदा पानी सीधे सड़कों पर जमा हो जाता है। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से स्थिति और बिगड़ जाती है। हल्की बारिश के बाद भी कई दिनों तक पानी सड़क पर जमा रहता है, जिससे दुर्गंध फैलती है और वातावरण अस्वस्थ हो जाता है। इस स्थिति में सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को उठानी पड़ती है, जिनके लिए घर से निकलना तक मुश्किल हो जाता है।जलजमाव के साथ-साथ इलाके में फैली गंदगी ने भी लोगों की परेशानियों को कई गुना बढ़ा दिया है। नालियों में जमा कचरा और सड़ते पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इसके चलते हर साल डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडराता रहता है। स्वास्थ्य के लिहाज से यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, लेकिन इसके बावजूद सफाई व्यवस्था में कोई सुधार देखने को नहीं मिल रहा है।वार्ड के निवासियों का कहना है कि नगर निगम बनने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि इलाके में बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा और वर्षों पुरानी समस्याओं से निजात मिलेगी। लेकिन हकीकत इसके उलट है। जमीनी स्तर पर न तो सड़कों की मरम्मत हो रही है और न ही नालियों की सफाई की कोई नियमित व्यवस्था है। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि वार्ड संख्या 34 की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए। सबसे पहले नालियों की नियमित सफाई सुनश्चिति की जाए और जलनिकासी की ठोस व्यवस्था की जाए, ताकि बारिश के समय जलजमाव की समस्या से राहत मिल सके। इसके साथ ही जर्जर सड़कों के नर्मिाण और मरम्मत कार्य को जल्द से जल्द शुरू किया जाए, जिससे आवागमन सुगम और सुरक्षित हो सके।लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन इस दिशा में त्वरित और प्रभावी कदम उठाए, ताकि वार्ड 34 के लोगों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल सके और वे एक सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण में जीवन यापन कर सकें।सड़क की समस्या: मधुबनी नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 34 में पंचवटी चौक से सिंघानिया चौक होते हुए बिजली घर तक जाने वाली सड़कें आज भी बदहाल स्थिति में हैं। वर्षों से जर्जर सड़कों पर लोग आवागमन करने को मजबूर हैं, लेकिन अब तक इन समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बरसात का मौसम शुरू होते ही यहां की स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब सड़कें पानी से भरकर तालाब का रूप ले लेती हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल बारिश के दिनों में यह सड़क पूरी तरह से जलमग्न हो जाती है। नालियों की उचित सफाई और जलनिकासी व्यवस्था नहीं होने की वजह से बारिश का पानी कई दिनों तक सड़क पर जमा रहता है। इस कारण घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है। पैदल चलने वाले लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों और मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।लोगो बताते की हल्की बारिश में ही सड़क तालाब बन जाती है। गंदे पानी और कीचड़ के कारण लोग गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं। कई बार लोग मजबूरी में गंदे पानी से होकर गुजरते हैं, जिससे बीमारी फैलने का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। इलाके में जलजमाव के साथ-साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडराने लगता है।स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि जलजमाव और सड़क की बदहाली से उनके कारोबार पर भी बुरा असर पड़ता है। सड़क पर पानी भर जाने से ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पाते, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। वहीं, राहगीरों को भी मजबूरी में दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ता है। नियमित साफ-सफाई नहीं होने से कूड़ों से उठता है दुर्गंधनगर निगम क्षेत्र के वार्ड 34 इलाके में नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वार्डों में कचरा उठाव की अनियमितता और नालियों की सफाई में लापरवाही के चलते गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है। सड़कों और गलियों में जमा कचरा न केवल दुर्गंध फैलाता है, बल्कि यह कई तरह की बीमारियों को भी आमंत्रित करता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सफाई कर्मी समय पर नहीं आते, जिससे कचरा कई दिनों तक जमा रहता है। नालियों में गाद और प्लास्टिक कचरा भरे रहने से पानी की निकासी बाधित हो जाती है और हल्की बारिश में ही जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ता है, जो डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों के खतरे को बढ़ाता है। लोगों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि नियमित रूप से कचरा उठाव सुनिश्चित किया जाए और नालियों की सफाई की ठोस व्यवस्था बनाई जाए। यदि समय पर साफ-सफाई हो, तो न केवल जलजमाव की समस्या कम होगी, बल्कि इलाके में स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण भी कायम रहेगा। वार्ड में अधूरे नाला निर्माण से जलजमाव की समस्या:शहर के नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 34 में अधूरे नाला निर्माण के कारण जलजमाव की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। वर्षों से नाले का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जिसके कारण बारिश का पानी सड़कों और गलियों में जमा हो जाता है। हल्की बारिश में ही स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। जगह-जगह पानी भरा रहने से सड़क और नाले में अंतर करना भी कठिन हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।स्थानीय लोगों का कहना है कि नाला निर्माण कार्य शुरू तो किया गया, लेकिन उसे समय पर पूरा नहीं किया गया। कई जगह नाले आधे-अधूरे बने हैं, तो कहीं निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद पड़ा है। इसके कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है और कीचड़ के साथ बदबू भी फैलती है। यह स्थिति न सिर्फ आवागमन में बाधा उत्पन्न करती है, बल्कि मच्छरों के पनपने से डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देती है।सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को होती है, जिन्हें रोजमर्रा के कार्यों के लिए इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। कई बार लोग फिसलकर गिर जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं। स्थानीय नागरिकों ने कई बार नगर निगम से नाला निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही नाला निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया, तो आने वाले मानसून में स्थिति और भी भयावह हो सकती है। ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराए, ताकि वार्डवासियों को जलजमाव की समस्या से राहत मिल सके।
-बोले जिम्मेदार वार्ड-34 इलाके से जलधारी चौक तक की सड़क पर जलजमाव की जानकारी मिली है। जलनिकासी को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही वहां जलनिकासी की व्यवस्था करा दी जाएगी। इलाकों में नाला निर्माण कार्य शुरू किया गया है।-उमेश कुमार भारती, नगर आयुक्त, मधुबनी
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