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हल्की बारिश में ही झील बनी बीएन झा कॉलोनी, घरों में कैद हुए बुजुर्ग

मधुबनी के बीएन झा कॉलोनी में बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या गंभीर हो गई है। हल्की बारिश से सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम से स्थायी समाधान की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

Wed, 25 March 2026 11:46 PMNewswrap हिन्दुस्तान, मधुबनी
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हल्की बारिश में ही झील बनी बीएन झा कॉलोनी, घरों में कैद हुए बुजुर्ग

मधुबनी । मधुबनी शहर के बीएन झा कॉलोनी की हालत हर वर्ष बारिश के मौसम में बद से बदतर हो जाती है। जैसे ही मानसून की शुरुआत होती है, कॉलोनी की सड़कें मानो झील में तब्दील हो जाती हैं। इस वर्ष भी स्थिति कुछ अलग नहीं है। बीते दो दिनों की हल्की बारिश ने ही कॉलोनी की बदहाली को उजागर कर दिया है। सड़कों पर घुटनों तक पानी जमा हो गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि वर्षों से चली आ रही है।

हर साल बारिश के मौसम में यही स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन नगर निगम प्रशासन की ओर से स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। एक ओर जहां नगर निगम शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के बड़े-बड़े दावे करता है, वहीं दूसरी ओर बीएन झा कॉलोनी की यह स्थिति उन दावों की पोल खोलती नजर आती है।स्थानीय लोगों के अनुसार, कॉलोनी में नाला निर्माण तो किया गया है, लेकिन उसका स्तर सड़क से काफी ऊंचा है। यही कारण है कि बारिश का पानी नालों में जाने के बजाय सड़कों पर ही जमा हो जाता है। इसके अलावा कई जगहों पर नाले अधूरे हैं, जिससे जल निकासी की समस्या और भी गंभीर हो जाती है।परिणामस्वरूप, हल्की बारिश भी पूरे इलाके को जलमग्न कर देती है।जलजमाव के कारण कॉलोनी के लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लोगों को बाजार जाने के लिए गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। इस गंदे पानी में चलने के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति काफी चिंताजनक है। छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल जाने में काफी दिक्कत होती है। कई बार स्कूल वाहन कॉलोनी के अंदर आने से कतराते हैं, जिससे अभिभावकों को अपने बच्चों को गोद में उठाकर या पानी के बीच से पैदल ले जाना पड़ता है।इतना ही नहीं, सड़कों पर जमा गंदे पानी के कारण सड़क और नाले का अंतर समझ पाना भी मुश्किल हो जाता है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। कई बार लोग गड्ढों या खुले नालों में गिरकर चोटिल हो चुके हैं। कॉलोनीवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो किसी बड़े हादसे से भी इंकार नहीं किया जा सकता।जलजमाव की समस्या लंबे समय तक बनी रहने के कारण कॉलोनी में दुर्गंध फैल जाती है। सड़कों पर सड़ा हुआ पानी और कचरा जमा होने से वातावरण प्रदूषित हो जाता है। इससे लोगों का घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है।कई परिवारों ने तो बारिश के दिनों में अपने घरों से बाहर निकलना ही बंद कर दिया है।स्थानीय निवासियों ने कई बार नगर निगम के अधिकारियों से इस समस्या की शिकायत की है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि जब तक नालों का सही तरीके से निर्माण और नियमित सफाई नहीं होगी, तब तक इस समस्या का समाधान संभव नहीं है।कॉलोनीवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नालों का पुनर्निर्माण किया जाए, उन्हें सड़क के स्तर के अनुसार बनाया जाए और अधूरे निर्माण कार्यों को पूरा किया जाए। इसके साथ ही नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि जलजमाव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।समय रहते इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं देता है, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है। बीएन झा कॉलोनी के लोग अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस बार उनकी समस्याओं का समाधान होगा और उन्हें इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिलेगी।जलजमाव के कारण आवागमन में भारी कठिनाई:जलजमाव की समस्या के कारण लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जैसे ही हल्की बारिश होती है, सड़कों पर पानी भर जाता है और रास्ते पूरी तरह जलमग्न हो जाते हैं। इस स्थिति में लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। रोजमर्रा के काम, जैसे बाजार जाना, स्कूल या दफ्तर पहुंचना, एक बड़ी चुनौती बन जाती है।घुटनों तक भरे गंदे पानी में चलना न केवल असुविधाजनक होता है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी खतरा पैदा करता है।पानी में छिपे गड्ढों और खुले नालों का पता नहीं चल पाता, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। कई बार लोग फिसलकर गिर जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं।वाहनों का आवागमन भी बुरी तरह प्रभावित होता है। जलजमाव के कारण रिक्शा, बाइक और चार पहिया वाहन कॉलोनी में प्रवेश करने से कतराते हैं। इससे बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है।जलजमाव ने लोगों के दैनिक जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। यह समस्या केवल असुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।अधूरे नाला निर्माण के कारण जलनिकासी की समस्याअधूरे नाला निर्माण के कारण जल निकासी की समस्या दिन-प्रतिदिन और गंभीर होती जा रही है। कॉलोनी में कई स्थानों पर नाले या तो अधूरे हैं या उनका निर्माण सही तरीके से नहीं किया गया है, जिससे बारिश का पानी सुचारु रूप से बह नहीं पाता। परिणामस्वरूप, थोड़ी सी भी बारिश होने पर सड़कों पर पानी जमा हो जाता है और लंबे समय तक वहीं ठहरा रहता है।जहां-जहां नालों का निर्माण अधूरा है, वहां पानी का प्रवाह बाधित हो जाता है।कई जगह नाले अचानक खत्म हो जाते हैं या उनकी ढलान सही नहीं होने के कारण पानी आगे नहीं बढ़ पाता। इससे जलजमाव की स्थिति और भी विकराल हो जाती है। गंदा पानी सड़कों पर फैलने से न केवल आवागमन प्रभावित होता है, बल्कि वातावरण भी दूषित हो जाता है।इस समस्या का सबसे ज्यादा असर स्थानीय निवासियों के दैनिक जीवन पर पड़ता है। बच्चों को स्कूल जाने, लोगों को काम पर निकलने और बुजुर्गों को बाहर जाने में भारी परेशानी होती है। साथ ही, मच्छरों और गंदगी के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।यदि नालों का निर्माण समय पर और सही तरीके से पूरा नहीं किया गया, तो यह समस्या आने वाले समय में और गंभीर रूप ले सकती है।गंदे पानी से बीमारियों का खतरा: गंदे पानी के संपर्क में आने से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बना रहता है। जलजमाव के कारण सड़कों पर जमा दूषित पानी में बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी पनपने लगते हैं, जो विभिन्न संक्रामक बीमारियों को जन्म देते हैं। ऐसे पानी से होकर गुजरने पर त्वचा रोग, फंगल इन्फेक्शन, खुजली और एलर्जी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।इसके अलावा, गंदे पानी के आसपास मच्छरों का प्रजनन तेजी से बढ़ता है, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका प्रभाव अधिक गंभीर होता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कमजोर होती है।कई बार लोग मजबूरी में इसी गंदे पानी से होकर बाजार या काम पर जाते हैं, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका और बढ़ जाती है। यदि किसी के पैर में घाव हो या त्वचा कटी हो, तो संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।इस स्थिति से निपटने के लिए जरूरी है कि जलजमाव को जल्द समाप्त किया जाए, नियमित सफाई हो और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि बीमारियों के खतरे को कम किया जा सके।

बोले जिम्मेदार- बीएन झा कॉलोनी की समस्याओं की जानकारी मिली है अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं,जल्द ही सड़क पर पानी के जमाव को दूर किया जाएगा,शहर के अलग अलग मोहल्ले में सड़क और नाला निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा बीएन झा कॉलोनी में नाला निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। वही मोहल्ले की साफ सफाई के सफाईकर्मियों की नियुक्ति की गई है साफ सफाई को लेकर भी अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं।-उमेश कुमार भारती, नगर आयुक्त मधुबनी

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