लहेरियागंज: जलजमाव व गंदगी के बीच जीने को बेबस हजारों लोग
मधुबनी के संतुनगर चौक से राजनगर जाने वाली बाईपास सड़क की स्थिति खराब है। जलजमाव के कारण स्थानीय लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। बारिश या धूप में गंदा पानी सड़क पर जमा रहता है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है। लोग नगर निगम से समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं।

मधुबनी । नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 9 स्थित संतुनगर चौक से लहेरियागंज होते हुए राजनगर जाने वाली बाईपास सड़क वर्षों से बदहाल स्थिति में है। इस महत्वपूर्ण सड़क की जर्जर हालत और इसपर जलजमाव की समस्या ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ राहगीरों का जीवन मुश्किल बना दिया है। सड़क पर गंदे पानी के स्थायी जमाव के कारण लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय निवासियों मो. आशिफ, मो. इकबाल, असलम और साकेत कुमार ने बताया कि इस इलाके में सालों भर जलजमाव की स्थिति बनी रहती है। उन्होंने कहा कि बारिश हो या न हो, सड़क पर गंदा पानी जमा रहना यहां की सामान्य समस्या बन चुकी है।
जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पूरे मोहल्ले का पानी सड़कों पर ही इकट्ठा हो जाता है, जिससे स्थिति और भी खराब हो जाती है।लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। कई बार बीमारी के कारण लोगों को अस्पताल तक जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ता है।सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। जगह-जगह गड्ढे और जलजमाव के कारण सड़क और नालियों का फर्क समझना मुश्किल हो जाता है। खासकर रात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है। कई बार राहगीर और वाहन चालक गड्ढों में फंस चुके हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।यह मार्ग संतुनगर, लहरियाजंग और राजनगर को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का आना-जाना लगा रहता है। बावजूद इसके, लोग इस रास्ते का उपयोग करने से कतराने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मजबूरी में ही वे इस सड़क से गुजरते हैं, क्योंकि विकल्प के तौर पर कोई बेहतर मार्ग उपलब्ध नहीं है।मोहल्ले के लोगों ने बताया कि नगर निगम में शामिल होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि इलाके का विकास होगा और बुनियादी सुविधाएं सुधरेंगी। लेकिन निगम चुनाव हुए कई वर्ष बीत जाने के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है। सड़क की मरम्मत, नाला निर्माण और नियमित सफाई जैसे मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं।संतुनगर मोहल्ले में नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी चारों ओर फैली रहती है। नालियां जाम रहने के कारण पानी का बहाव रुक जाता है और वह सड़कों पर फैल जाता है। इससे न केवल बदबू फैलती है बल्कि लोगों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है।स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या के समाधान की मांग की है। उन्होंने कहा कि सड़क की मरम्मत, पक्के नाले का निर्माण और नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। नियमित साफ सफाई नहीं होने से फैली रहती गंदगी: इलाके में नियमित साफ-सफाई नहीं होने के कारण गंदगी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। नालियों की समय पर सफाई नहीं होने से वे जाम रहती हैं, जिसके कारण मोहल्ले का सारा गंदा पानी नालियों में बहने के बजाय सड़कों पर ही जमा हो जाता है। इससे पूरे क्षेत्र में जलजमाव की स्थिति बनी रहती है और लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सड़क पर जमा गंदा पानी न केवल रास्ता बाधित करता है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा बन चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा हमेशा बना रहता है। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिलता है। इसके अलावा, गंदगी और बदबू के कारण आसपास का वातावरण दूषित हो गया है, जिससे लोगों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। स्थानीय निवासी लगातार नगर निगम से नियमित सफाई और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें इस समस्या से राहत मिल सके। खुले नाले की समस्या से बना रहता दुर्घटना का डरइलाके में खुले नालों की समस्या लोगों के लिए लगातार खतरा बनी हुई है। सड़कों के किनारे बने नाले कई जगह खुले पड़े हैं, जिन पर ढक्कन या सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण दुर्घटना का डर हमेशा बना रहता है। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब सड़क पर गंदा पानी और कीचड़ जमा हो जाता है। जलजमाव के कारण नाले दिखाई नहीं देते, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को सही रास्ते का अंदाजा नहीं हो पाता।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से गुजरते समय हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। कई बार बाइक और साइकिल सवार गड्ढों या खुले नालों में फंसकर गिर चुके हैं। वहीं, चार पहिया वाहन भी कीचड़ और गड्ढों में फंस जाते हैं, जिससे आवागमन और भी कठिन हो जाता है। खासकर रात के समय यह समस्या और खतरनाक हो जाती है, जब रोशनी की कमी के कारण सड़क और नाले का अंतर समझना मुश्किल हो जाता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खुले नालों को ढकने, सड़कों की मरम्मत कराने और जलनिकासी की उचित व्यवस्था करने की दिशा में जल्द कदम उठाए जाएं, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।लोगों को बीमारियों का डर:सड़क पर जलजमाव और नालियों का गंदा पानी स्थानीय लोगों के लिए एक गंभीर समस्या बन चुका है। बरसात के मौसम में यह पानी सड़कों पर फैल जाता है, जिससे न केवल यातायात में रुकावट आती है, बल्कि लोगों को बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। गंदे पानी में चलने से लोग इंफेक्शन का शिकार हो जाते हैं, जिससे स्किन डिजीज, डायरिया, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां फैलने का खतरा रहता है।कई बार, स्थानीय लोग गंदे पानी में पैदल चलते हुए बीमारियों का शिकार हो चुके हैं। यह समस्या खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों के लिए गंभीर हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप, लोग अस्पतालों के चक्कर काटने पर मजबूर हो जाते हैं, और इलाज के खर्च से भी परेशान रहते हैं। इसके अलावा, गंदे पानी के कारण स्थानीय वातावरण भी गंदा और अप्रिय हो जाता है, जिससे पूरे इलाके की स्वच्छता और स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। प्रशासन को इस समस्या पर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि स्थानीय लोग इन बीमारियों से बच सकें और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
बोले जिम्मेदार- वार्ड की समस्या को लेकर जानकारी मिली है निगम क्षेत्र में कई मोहल्ले में नाला और सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया है,जल्द ही इस इलाके में सड़क और नाला निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। साफ-सफाई को लेकर सफाईकर्मियों की नियुक्ति की गई है। इलाके में सफाई की समस्या को लेकर संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं।-उमेश कुमार भारती, नगर आयुक्त, मधुबनी
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