Corruption in Food Distribution System Poor Families Deprived of Free Rations बासोपट्टी में गरीबों के निवाले पर डाका प्रशासनिक अनदेखी से बढ़ी परेशानी, Madhubani Hindi News - Hindustan
More

बासोपट्टी में गरीबों के निवाले पर डाका प्रशासनिक अनदेखी से बढ़ी परेशानी

भारत में गरीब परिवार खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं, जबकि सरकार मुफ्त राशन देती है। लेकिन जनवितरण प्रणाली में भारी भ्रष्टाचार के कारण राशन में कटौती होती है। डीलरों द्वारा गरीबों का हक मारा जा रहा है। सरकार की योजना खोखली हो रही है, और गरीबों की आवाज दबाई जा रही है।

Fri, 20 March 2026 12:24 AMNewswrap हिन्दुस्तान, मधुबनी
share
बासोपट्टी में गरीबों के निवाले पर डाका प्रशासनिक अनदेखी से बढ़ी परेशानी

इससे बड़ी विडंबना क्या होगी कि देश में गरीबी के कारण खाद्य असुरक्षा से जूझ रहे गरीब परिवार को सरकार द्वारा दिए जा रहे मुफ्त राशन में से कटौती कर हकमारी की जाती है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जनवितरण प्रणाली के तहत गरीब व जरूरतमंद कार्डधारी परिवार को जितना मुफ्त राशन मुहैया कराई जाती है, उतना धरातल पर नहीं पहुंच पाता है। इसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार ब्याप्त है। गरीबों के मुंह का निवाला छीनकर बंदरबांट किया जा रहा है। गरीबों से खुलेआम हकमारी हो रही है। गरीब आवाज उठाते हैं। हिन्दुस्तान के 'बोले मधुबनी' के तहत जयनगर अनुमंडल अंतर्गत बासोपट्टी प्रखंड सिराही गांव के स्थानीय रूपेश चौधरी, गीता देवी, रीता देवी, सकुन्ती देवी, सरोज कुमार, लालबाबू मुखिया, संजीव मुखिया, राकेश यादव, देवेंद्र यादव, संजय ठाकुर, सिकंदर मुखिया, संजीव कामत,बविमलेश चौधरी, शैलेन्द्र मुखिया, प्रबोध मुखिया व रामबाबू मुखिया आदि ग्रामीणों ने बताया कि जनवितरण प्रणाली में वर्षों से यह भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है।

पूरा अनाज कोई भी डीलर वितरण नहीं कर रहा है। इसमें सिर्फ डीलर ही दोषी नहीं है। उपर तक कमीशन पहुंचता है। यही कारण है कि गरीब जनता से हकमारी हो रही है और कोई कुछ नहीं बोलता। इसमे खुलेआम लूट खसोट मची है। जहां से अनाज आता है और जहां अनाज वितरण किया जाता है सभी जगह अनाज की कटौती की जाती है। इस भ्रष्टाचार के खिलाफ गरीब जनता आवाज तो उठाती है, लेकिन उनकी आवाज का असर कमीशनखोर अफसर और बिचौलियों के सिक्के की खनक की शोर में दबकर रह जाती है। यहां नक्कारखाने में तूती की आवाज बन गयी है।जबकि देश में गरीबी के कारण लगभग एक-चौथाई जनता खाद्य असुरक्षा से जूझ रही है, जिससे उन्हें पर्याप्त और पौष्टिक भोजन मिल सके, इसके लिए सरकार 80 करोड़ से अधिक जरूरतमंदों को लगातार कई वर्षों से मुफ्त अनाज मुहैया करा रही है, लेकिन प्रणालीगत चुनौतियों के चलते वास्तविक वितरण में कई खामियां आ गई है। पीडीएस डीलरों द्वारा गरीबों के राशन में कटौती और पूरा अनाज न मिलने की समस्या व्यापक है। जहां लगभग 36% राशन भ्रष्टाचार के कारण लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पाता है। जबकि अंत्योदय कार्डधारकों को 35 किलो और सामान्य कार्डधारकों को प्रति व्यक्ति यानी प्रति यूनिट 5 किलो मुफ्त अनाज मिलने का प्रावधान है। लेकिन विडंबना यह है कि न तो अंत्योदय कार्डधारकों को पूरा अनाज मिल पाता है और नहीं सामान्य कार्डधारकों को। प्रत्येक अंत्योदय कार्डधारकों के अनाज में से करीब 5 किलो और सामान्य कार्डधारकों से प्रति यूनिट यानी प्रति व्यक्ति 1 किलो अनाज की कटौती की जाती है। इसमें आश्चर्य की बात यह है कि यह जानकारी आला अधिकारियों से लेकर विभाग और बड़े बड़े नेता व जनप्रतिनिधियों को भी है। बावजूद गरीबों से हकमारी हो रही है। गरीब परिवार के मुंह का निवाला छीनकर बंदरबांट किया जा रहा है। जिससे सरकार की यह जनकल्याणकारी योजना खोखली हो रही है। क्योंकि यही वह योजना है जिससे भूमिहीन, मजदूर और असहायों के घर चूल्हे जलते हैं। जिनके घर में कमाने वाला नहीं उन्हें दो वक्त का भोजन मिलता है। उपर से ही होती है कटौती, डीलर को भी कम वजन मिलता है अनाज: पीडीएस में भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी मजबूत है कि डीलर खुलकर बोलने से भी नहीं हिचकते। बासोपट्टी प्रखंड के डीलर कहते हैं कि हमें उपर से ही कम वजन अनाज मिलता है। 50 किलो की बोरी में 45 और 46 किलो अनाज मिलता है तो कैसे पूर्ति करेंगे। उपर से ही कटौती होती है। डीलरों का कहना है कि हमें अगर पूरा अनाज मिलेगा तो पूरा अनाज की बाटेंगे। लेकिन बासोपट्टी प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित बीएसएफसी को गोदाम से हमे अनाज बिना वजन किये मिलता है। हर बोरी में अनाज कम रहता है। पीडीएस दुकान पर जनता हो-हंगामा करते हैं। इस खेल में गोदाम से लेकर ट्रक ठेकेदार, ड्राइवर और वेंडर तक शामिल है। सब अपने अपने तरीके से चोरी कर रहे हैं। कैसे वितरण करना पड़ता है यह बात आला अधिकारियों को भी पता है। यही कारण है कि जनता भी कम वजन में मान जाते हैं। एक किलो प्रति यूनिट कम अनाज लाभार्थी ले रहे हैं। इसकी बड़ी वजह है। उन्हें भी सबकुछ पता है।

बोले जिम्मेदार: जनवितरण प्रणाली में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर दोषी विक्रेता या अफसरों की पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। अगर किसी डीलर को भी कम वजन अनाज मिल रहा है तो लिखित शिकायत करें। सख्त कार्रवाई होगी। कहीं गड़बड़ी हो रही है तो जांच टीम का गठन कर कार्रवाई की पहल जरूर होगी। -दीपक कुमार, एसडीओ, जयनगर

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।