LPG Crisis: घर का चूल्हा ठंडा, दुकानें बंद, अस्पताल में पथ्य पर आफत; बिहार में गैस की किल्लत या जमाखोरी ?
गैस की किल्लत नहीं होने के प्रशासन के दावों के बीच एजेंसी और वेंडरों की कार्यशैली के कारण घरों के गैस चुल्हे धीरे धीरे सर्द पड़ने लगे हैं तो खाने पीने की दुकानों के शटर डाउन होना शुरू हो गया है। अस्पतालों में मरीजों का पथ्य तो स्कूलों में मध्यान्ह भोजन पर संकट उत्पन्न हो गया है।

LPG Crisis in Bihar: ईरान यु्द्ध का असर बिहार में एलपीजी सप्लाई पर काफी दिखने लगा है। खाना बनाने के गैस को लेकर हाहाकार मचा है। गैस की किल्लत नहीं होने के प्रशासन के दावों के बीच एजेंसी और वेंडरों की कार्यशैली के कारण घरों के गैस चुल्हे धीरे धीरे सर्द पड़ने लगे हैं तो खाने पीने की दुकानों के शटर डाउन होना शुरू हो गया है। अस्पतालों में मरीजों का पथ्य तो स्कूलों में मध्यान्ह भोजन पर संकट उत्पन्न हो गया है। इस बीच जमाखोरी के आरोप में पटना में एक एजेंसी पर एफआईआर करके गोदाम को सील कर लिया गया है। गैस के लिए हाहाकार के बीच लोगों को कुछ दलाल ऊंचे दामों में गैस मुहैय्या करा रहे हैं। कई जिलों में सर्वर की समस्या से भी परेशानी बढ़ गई है।
पांच दिन से सिलेंडर लेकर भटक रहे, नहीं मिली गैस
मुजफ्फरपुर में रसोई गैस नहीं मिलने से नाराज उपभोक्ता साइकिल और बाइक पर खाली गैस सिलेंडर लेकर गुरुवार को डीएम आवास के बाहर पहुंच प्रदर्शन करने लगे। वे डीएम से गैस उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे। करीब आधा घंटे तक डीएम आवास के बाहर लोग प्रदर्शन करते रहे। इस बीच डीएम आवास की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों से भी लोगों की नोकझोंक हुई। सूचना पर पहुंची नगर थाने की पुलिस ने लोगों को डीएम कार्यालय और एसडीओ कार्यालय भेज दिया। इसके बाद भीड़ कलेक्ट्रेट में पहुंचकर अधिकारियों का इंतजार करने लगी। हालांकि, यहां भी लोगों को निराशा हाथ लगी। कलेक्ट्रेट पहुंचे उपभोक्ताओं का कहना था कि पांच-पांच दिन से ओटीपी लेकर भटक रहे हैं। गैस गोदाम पर गए, पर वहां इंट्री तक नहीं मिल रही है। गैस एजेंसी के कर्मी बदतमीजी से बात कर रहे हैं। वेंडरों का मोबाइल भी बंद मिल रहा है। इसके बाद डीएम आवास बड़ी उम्मीद में पहुंचे थे। प्रशासन की ओर से कहा जा रहा कि गैस उपलब्ध है। ऐसे में उनलोगों को गैस दिलाई जाए। एक उपभोक्ता ने बताया कि सिकंदपुर इलाके में एक गैस एजेंसी बुकिंग कराने वाले से सर्विस पाइप लेने का दबाव बना रहे है। इसे लेकर कार्यालय में हंगामा भी हुआ।
मध्याह्न भोजन पर संकट
रसोई गैस की किल्लत ने बिहार के स्कूलों में बच्चों के मध्याह्न भोजन में भी परेशानी हो रही है। गैस नहीं मिलने पर स्कूलों में लकड़ी के चूल्हे पर मध्याह्न भोजन बनाया जा रहा है। हालांकि, लंबे समय से रसोई गैस पर खाना बनाने वाली रसोईयां इससे हलकान हैं। यह स्थिति दर्जनों स्कूलों की है जहां गैस सिलेंडर नहीं मिलने की वजह से फिर से लकड़ी के चूल्हे पर बच्चों का भोजन बनाया जा रहा है। लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनने के कारण आवासीय स्कूलों में बच्चों के नाश्ते पर भी आफत है। राज्य के विभिन्न जिलों में मध्याह्न भोजन में गैस की किल्लत सामने आ रही है। इसे लेकर मध्याह्न भोजन निदेशक ने गैस कंपनियों को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कहा है कि एजेंसियों को निर्देश दें, ताकि कालाबाजारी नहीं की जाए। विभिन्न स्कूलों के एचएम ने बताया कि वितरक गैस नहीं दे रहे हैं।
नाश्ते में पोहा की जगह चूड़ा-सत्तू
शुभम विकलांग केन्द्र समेत जिले के अलग-अलग अवासीय स्कूलों में भी रसोई गैस सिलेंडर नहीं मिलने से परेशानी हो रही है। सुबह के नाश्ते में पोहा, चना पूरी की जगह अब बच्चों को सत्तू, दही-चूड़ा दिया जा रहा है। बिना सिलेंडर के क्या बच्चों को खिलाया जा सकता है, इसपर विचार किया जा रहा है। स्कूल संचालकों का कहना कि पहले आठ सिलेंडर महीने में मिलते थे। अब नंबर भी नहीं लग रहा है। आगे कैसे मैनेज होगा, कुछ समझा में नहीं आ रहा है।
अस्पतालों में मरीजों के भोजन पर आफत
कॉमर्सियल सिलेंडर नहीं मिलने से पीएमसीएच समेत राज्य के सरकारी अस्पतालों और जिलों के मॉडल अस्पतालों में मरीजों के भोजन पर आफत उत्पन्न हो गई है। भोजनालय में वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। इस बीच कोयले की कीमत में जबरदस्त उछाल आ गया है। इंडक्शन चूल्हे की मांग भी बढ़ गई है। छात्र छात्राओं के हॉस्टल में मेन्यू प्रभावित हो रहा है। गैस बचाने के लिए व्यंजनों में कटौती हो गई है।
नौसा मोड़ पर पटना-एम्स रोड को लोगों ने किया जाम
एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत से नाराज लोगों का गुरुवार को गुस्सा फूट पड़ा। उपभोक्ताओं ने फुलवारी के नौसा मोड़ के पास पटना-एम्स रोड (एनएच-98) को जाम कर दिया। जाम होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर पुलिस पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर जाम हटवाया। दूसरी ओर स्टेशन के पास केपीएम इंडेन एजेंसी के सामने भी उपभोक्ताओं ने हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस पहुंची, मामले को शांत कराया l लोगों का कहना है कि फुलवारी समेत पटना और आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से एलपीजी गैस सिलेंडर की भारी किल्लत बनी हुई है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि वे 10 दिनों से गैस एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं। कई लोगों के मोबाइल पर बुकिंग का मैसेज और नंबर आने के बावजूद भी एजेंसी से गैस उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। लोगों ने आरोप लगाया कि गैस सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग की जा रही है। अधिक पैसे लेकर सिलेंडर बेचे जा रहे हैं, जबकि नियमित उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटाया जा रहा है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि गोदाम में सिलेंडर मौजूद रहने के बाद भी वापस कर दिया जाता है। हरियाली इंडियन गैस ताज नगर, वैष्णवी गैस नवादा, राय चौक इंडियन गैस, फुलवारी स्टेशन रोड स्थित केपीएम इंडेन एजेंसी, सुलभ इंडियन गैस, नवादा मोड़, अनीसाबाद हरनी चक और बेऊर आदि जगहों पर गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।




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