लालू के बेटे तेज प्रताप भगवा रंग में, नए इंस्टा पेज में डमरू और भस्म का महत्व भी समझाया
इस पेज पर तेजप्रताप यादव न दो वीडियो पोस्ट किया है जिनमें वे भक्त की मुद्रा में दिख रहे हैं। एक वीडियो में वह बता रहे हैं कि भस्म भगवान को अति प्रिय है। जो अस्तित्व में आया है उसे एक दिन भस्म होना है।

Tej Pratap Yadav News: लालू प्रसाद यादव के बड़े लाल, नीतीश सरकार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल(जेजेडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने इंस्टाग्राम पर नया पेज बनाया है। bhagwatejpratapydv पेज का लिंक उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल के प्रोफाइल में भी डाला है। नए पेज पर दो वीडियो में तेजप्रताप भगवा वस्त्र में शिवभक्त बने हुए हैं। संत तेजप्रताप पेज का जिक्र करते हुए वह भगवान शिव को प्रिय भस्म और संसार की सृष्टि से उनके डमरू के महत्व का बखान किया है। नए पेज पर उन्होंने महामृत्युंजय मंत्र शामिल किया है।
इस पेज पर तेजप्रताप यादव न दो वीडियो पोस्ट किया है जिनमें वे भक्त की मुद्रा में दिख रहे हैं। एक वीडियो में वह बता रहे हैं कि भस्म भगवान को अति प्रिय है। जो अस्तित्व में आया है उसे एक दिन भष्म होना है। तेजप्रताप कहते हैं कि शरीर नश्वर है इसलिए अहंकार का त्याग कर दीजिए। किसी से ल़ड़ाई झगड़ा छोड़कर महादेव में लीन हो जाइए। जो काम करते हैं उसे अहंकार से दूर रहते हुए कीजिए।
एक अन्य वीडियो में तेज प्रताप डमरू के साथ दिख रहे हैं। कहते हैं कि डमरू सृष्टि की शुरुआत है। जब सृष्टि की उत्पत्ति हुई थी तब भगवान महादेव ने डमरू बजाने का काम किया था। डमरू सदा उनके त्रिशूल में बंधा रहता है। नये पेज पर तेज प्रताप के फॉलोवर्स की संख्या अभी बहुत कम है। उन्होंने इस पेज का लिंक अपने ट्विटर हैंडल के प्रोफाइल में एड किया है।
तेज प्रताप यादव की भक्ति की चर्चा अक्सर होती है। भगवान श्री कृष्ण और भगवान के शिव की भक्ति की उनकी तस्वीरें अक्सर सामने आती हैं। वे प्रायः वृंदावन की यात्रा पर चले जाते हैं। नवरात्रा में वे नौ दिनों तक मां दुर्गा की भी अराधना विधि विधानपूर्वक करते हैं। उन्हें आध्यात्मिक प्रवृत्ति का नेता माना जाता है। पूजा भक्ति से संबंधित तस्वीरें वह अपने सोशल मीडिया हैंडल पर भी डालते हैं। भाषण और मीडिया से बात करते हुए अक्सर भगवान श्री कृष्ण का जिक्र करते रहते हैं।
तेज प्रताप यादव अपनी अलग पार्टी जनशक्ति जनता दल चलाते हैं जिसके वे राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। अनुष्का यादव प्रकरण में उन्हें पिता लालू ने पार्टी और परिवार से बाहर निकाल दिया। अलग पार्टी बनाकर उन्होंने अपनी राजनीति शुरू कर दी। बिहार विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर लड़े पर जीत नहीं मिली। हालांकि, मंकरसंक्रांति के मौके पर उन्होंन दही चूड़ा भोज का आयोजन कर अपनी राजनैतिक ताकत का अहसास कराया। भोज में पिता लालू प्रसाद यादव भी पहुंचे लेकिन, भाई तेजस्वी यादव नहीं आए। उन्होंने एनडीए के कई नेताओं को भी न्योता दिया था। उनके भगवा लिबास की सियासी महकमे में चर्चा हो रही है।




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