हर सांसद-MLA कमीशन लेता है, 10 नहीं तो 5 परसेंट ही ले लो; ये क्या बोल गए जीतनराम मांझी
केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने गयाजी में एक कार्यक्रम के दौरान मंच से कहा कि हर सांसद और विधायक कमीशन लेता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से 10 परसेंट ना मिले तो 5 प्रतिशत (कमीशन) लेने की भी बात कही।

केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के सुप्रीमो जीतनराम मांझी इन दिनों अपने बयानों की वजह से चर्चा का विषय बने हुए हैं। राज्यसभा में सीट नहीं मिलने पर बेटे संतोष कुमार सुमन को मंत्री पद छोड़ने की सलाह देते हुए उन्होंने सांसद और विधायकों के कमीशन लेने की बात कह दी। मांझी ने कहा कि 10 प्रतिशत कमीशन आम बात है। उन्होंने भी 40 लाख रुपये कमीशन लेकर पार्टी फंड में दे दिया। मांझी ने यह भी सलाह दी है कि अगर 10 परसेंट कमीशन नहीं मिले तो 5 प्रतिशत ही ले लेना चाहिए।
गयाजी के कला सांस्कृतिक केंद्र भवन में रविवार को हम के नवनिर्वाचित विधायकों के अभिनंदन समारोह में पार्टी के संरक्षक जीतनराम मांझी ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मगही भाषा में बोलते हुए कहा कि हर सांसद और विधायक कमीशन लेता है। उन्होंने बताया कि सांसद को 5 करोड़ रुपये का फंड मिलता है। 10 प्रतिशत के हिसाब से 40 लाख रुपये कमीशन बन जाता है।
मांझी ने यह भी कहा कि उन्होंने कमीशन के 40 लाख रुपये लेकर पार्टी फंड में दिए। इसी कार्यक्रम में उन्होंने अपने बेटे संतोष कुमार सुमन को राज्यसभा सांसद बनाने की मांग की। मांझी ने अपने बेटे से यह भी कहा कि अगर राज्यसभा सीट नहीं मिलती है, तो वह नीतीश सरकार में मंत्री पद छोड़ दें। उन्होंने कहा, "हम से अभी एक सांसद है तो 40 लाख कमीशन आता है, दो हो जाएंगे तो 80 लाख आएगा। इसके बाद पार्टी को पैसे की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर 10 परसेंट नहीं मिल पाता है तो 5 प्रतिशत ही ले लें।"
विपक्ष के निशाने पर मांझी, भाजपा-जदयू ने किया किनारा
इस बयान के बाद बिहार के पूर्व सीएम एवं मौजूदा केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार आरजेडी ने मांझी के बयान का हवाला देते हुए दिल्ली से पटना तक भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी चरम पर होने का दावा किया है। वहीं, हम की सहयोगी पार्टियां जेडीयू और बीजेपी




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