बिगड़ रहा तेजस्वी यादव का नक्षत्र? तेज प्रताप यादव से मुक्ति मिली तो रोहिणी आचार्या की दृष्टि वक्र
2020 के चुनाव में माहौल और भीड़ के बावजूद तेजस्वी 12 सीट और कुछ हजार वोट के अंतर से नीतीश से हार गए थे। इस चुनाव में बना-बनाया माहौल बिगड़ने की दिशा में बढ़ता दिख रहा है। तेजस्वी तेज प्रताप से फ्री ही हुए थे कि रोहिणी ने झंडा उठा लिया है।

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सर्वेक्षणों में मुख्यमंत्री पद के लिए पसंद में नीतीश कुमार और दूसरे नेताओं से आगे चल रहे तेजस्वी यादव का बना-बनाया माहौल लालू यादव के परिवार में कलह से बिगड़ता दिख रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) में तेजस्वी के सांसद व सलाहकार संजय यादव के वर्चस्व को लेकर लालू के घर में झगड़ा काफी बढ़ चुका है। लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ‘जयचंद’ का जिक्र कर संजय को घेरते थे, लेकिन अनुष्का यादव के साथ अफेयर की बात फोटो के साथ बाहर आने के बाद पार्टी और परिवार से निकाल दिए गए। बडे़ भाई तेज प्रताप से तेजस्वी को ‘मुक्ति’ मिली ही थी कि अब बड़ी बहन रोहिणी आचार्या बिदक गई हैं।
सारण में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दिग्गज नेता राजीव प्रताप रूडी से मामूली अंतर से लोकसभा चुनाव हार गईं रोहिणी ने गुरुवार को संजय यादव के खिलाफ जो मोर्चा खोला था, वो अब परिवार के अंदर खुली लड़ाई में बदल चुकी है। रोहिणी ने एक्स (ट्विटर) पर अपने ‘भगवान’ लालू के साथ-साथ सारे भाई-बहन और राजद से रिश्ता तोड़ लिया है। उन्होंने पिता को किडनी देने स्ट्रेचर पर जा रहा वीडियो डालकर कहा था कि जो जान हथेली पर लेकर कुर्बानी का जज्बा रखते हैं, बेखौफी, बेबाकी, खुद्दारी उनके लहू में बहती है।
पिता को किडनी देने की बात झूठ है क्या? गंदी सोच रखने वालों.., खूब बरसीं लालू की बेटी रोहिणी आचार्या
पूरे परिवार को अनफॉलो करने के बाद रोहिणी आचार्या ने बुधवार को एक ट्वीट करके चुनौती दी है कि कोई यह साबित कर दे कि लालू यादव को किडनी देना झूठी बात है या उन्होंने किसी से अपने लिए या किसी और के लिए कुछ मांगा है तो वो राजनीति से संन्यास ले लेंगी। रोहिणी ने ऐसी बातें करने वालों और उनको शह देने वालों को कही गई बातें साबित नहीं करने पर माफी मांगने के लिए कहा है।
लालू के घर में झगड़ा तेज; रोहिणी के पीछे कौन, संजय यादव को कैसे बचाएंगे तेजस्वी?
रोहिणी ने जब से राजद की बिहार अधिकार यात्रा बस में तेजस्वी की कुर्सी पर संजय के बैठने पर मोर्चा खोला है, तब से सोशल मीडिया पर कुछ लोग लिख रहे हैं कि रोहिणी विधानसभा का चुनाव लड़ना चाहती हैं और सारण (छपरा) में कुछ लोगों के लिए टिकट मांग रही हैं। रोहिणी ने तीन दिन पहले कहा था कि उनकी कोई महत्वाकांक्षा नहीं है। उन्हें ना विधानसभा लड़ना है, ना किसी को टिकट दिलवाना है, ना राज्यसभा जाना है, ना परिवार के किसी सदस्य से उनकी रेस चल रही है और ना ही पार्टी या सरकार बनने पर उन्हें कोई पद चाहिए।
बहन का जो अपमान करेगा, उस पर सुदर्शन चक्र चलेगा; रोहिणी आचार्या के लिए तेज प्रताप फायर
लालू यादव के हाथों परिवार और पार्टी निकाला झेल रहे तेज प्रताप यादव ने रोहिणी आचार्या के बारे में अनाप-शनाप लिखने वालों को खुलकर चेतावनी दी है कि अगर बहन का अपमान हुआ तो उनका ‘सुदर्शन चक्र’ चल जाएगा। तेज प्रताप ने कहा था- “रोहिणी हमारी बड़ी बहन हैं। उम्र में बहुत बड़ी हैं। हम उनकी गोद में खेले हैं। जिस तरह की बात वो कह रही हैं, वो बिल्कुल सही बात है।”
रोहिणी का मां-बाप, भाई-बहन से मोहभंग? लालू, तेज, तेजस्वी समेत पूरा परिवार और पार्टी अनफॉलो
लालू परिवार में बिखराव को गौर से देखें तो चुनाव से एक महीने पहले तेजस्वी को तेज प्रताप से मिल रही चुनौती में रोहिणी आचार्या का नाम भी जुड़ गया है। तेज प्रताप खुलकर महुआ में घूम रहे हैं, जहां राजद के सिटिंग विधायक मुकेश रोशन का कंठ सूख रहा है। तेज प्रताप ने तो अपने आवास में तेजस्वी की सीट राघोपुर के बाढ़ पीड़ितों को भोजन-ठहराने का वीडियो भी जारी कर दिया था। तेज प्रताप का प्रभाव भले सीमित हो, लेकिन वो चुप नहीं रहे तो चुनाव में क्या नुकसान हो सकता है, इसका हिसाब रिजल्ट के बाद ही समझ आएगा।
रोहिणी आचार्या ने संजय यादव का सिस्टम हिला दिया? तेजस्वी की कुर्सी पर अब दलित नेता बिठाए गए
रोहिणी आचार्या भले चुनाव हार गई हों, लेकिन लालू यादव को अपनी एक किडनी देकर दूसरा जीवन देने वाली बेटी के रूप में उनकी लोकप्रियता का मुकाबला करना मुश्किल है। रोहिणी के इस साहस की तारीफ दलीय सीमाओं को लांघकर कई नेताओं और आम लोगों ने की थी। इस चौतरफा तारीफ ने महिलाओं में मन में रोहिणी की एक जगह बनाई। लालू ने परिवार, पार्टी और चुनाव संभालने के लिए तेज प्रताप और रोहिणी को अगर जल्द शांत नहीं कराया, तो तेजस्वी का ‘नक्षत्र’ बिगड़ने का खतरा लगातार बढ़ता और गंभीर होता जाएगा।




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