ईरान के हामिद, जलाल पहलवान हुए चित; मोकामा में खूब जमा अनंत सिंह का दंगल
बाहुबली विधायक अनंत सिंह की मोकामा विधानसभा के नदवां गांव में हुए महादंगल मे ईरान के रेसलर जलाल को महाराष्ट्र और दिल्ली के पहलवानों ने धूल चटा दी। विवेका पहलवान की पुण्यतिथि में अनंत सिंह ने इस दंगल का आयोजन किया है।

Anant Singh Mokama Dangal: बिहार के मोकामा से बाहुबली विधायक अनंत सिंह के पैतृक गांव में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता आयोजन हुआ। इसमें उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा से लेकर ईरान और जॉर्जिया तक के पहलवानों ने हिस्सा लिया। पटना जिले के बाढ़ प्रखंड स्थित नदवां गांव में हुए अंतरराष्ट्रीय महादंगल में ईरान के पहलवान जलाल और हामिद को भारतीय पहलवानों ने धूल चटा दी। इस दंगल को देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ दिनभर भीषण गर्मी में भी जुटी रही।
ईरान के हामिद और महाराष्ट्र के शिवा पहलवान के बीच जबरदस्त दंगल हुआ। इसमें शिवा ने हामिद को हरा दिया। वहीं, ईरान से आए दूसरे पहलवान जलाल को भी हार का सामना करना पड़ा। दिल्ली के पहलवान जोंटी गुर्जर ने जलाल को हराकर विनर कप हासिल किया।
जोंटी गुर्जर ने कहा कि बाढ़ (पटना) के लोगों ने काफी धैर्य से कुश्ती मुकाबला देखा। कुश्ती को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। उन्हें मुकाबले में भाग लेना अच्छा लगा।
मोकामा से जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधायक अनंत सिंह के नेतृत्व में पिछले दो सप्ताह से महादंगल तैयारी की जा रही थी। इसके लिए आसपास के ग्रामीणों को न्योता भी दिया गया। शुक्रवार को दंगल का शुभारंभ अखाड़े के ध्वज पूजन के साथ किया गया। अनंत सिंह कुश्ती मुकाबलों के दौरान अखाड़े के चारों तरफ घूमते हुए नजर आए।

इस दौरान विधायक अनंत सिंह ने कहा कि नदवां गांव में पहलवानों की युवा विरासत तैयार करने के लिए दंगल का आयोजन किया गया है। इसमें देसी और विदेशी दाव पेंच लोगों को आसानी से देखने के लिए मिलेंगे। इस महा कुश्ती प्रतियोगिता में ईरान, जॉर्जिया, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब ,दिल्ली ,हरियाणा और बिहार के पहलवान को भाग लेने के लिए बुलाया गया।
विवेका पहलवान की पुण्यतिथि पर आयोजन
बिहार केसरी रहे विवेकानंद सिंह उर्फ विवेका पहलवान की याद में उनकी पहली पुण्यतिथि पर अनंत सिंह ने इस कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया। विवेका पहलवान भी जाने-माने बाहुबली थे और नदवां गांव के रहने वाले थे। अनंत सिंह और विवेका के बीच लंबे समय तक गैंगवार होता था, बाद में दोनों के रिश्ते घनिष्ठ हो गए थे।
अखाड़ा तैयार करने में लग गए 7 दिन
नदवां गांव में महादंगल के लिए अखाड़ा बनाने में आयोजकों को 7 दिनों का समय लगा। अखाड़े को लेकर 10 बीघा जमीन को जेसीबी से साफ कर समतल किया गया। इसके बाद 5 फीट मिट्टी डालकर ऊंचा अखाड़ा बनाया गया। इसमें खास पारंपरिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया।
आयोजक के अनुसार नदवां गांव में मां ब्राह्मणी स्थान के पास से विशेष लाल मिट्टी मंगाई गई। मिट्टी नरम करने के लिए लगातार फावड़े से खोद कर उसमें 200 किलोग्राम हल्दी, 25 टीन राई का तेल और कई किलो नीम की पत्तियां मिलाई गईं। ताकि नरम मिट्टी में पहलवानों को चोट ना लगे और दाव पेंच की पकड़ बनी रहे।
ईरानी पहलवान बोला- बिहार इज ग्रेट
इस महाकुश्ती मुकाबले में भाग लेने के लिए पहुंचे ईरान के पहलवान जलाल ने कहा कि बिहार इज ग्रेट। दिस दंगल इस वेरी नाइस। यहां अखाड़े में शामिल होकर कुश्ती लड़ना उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है। कई पहलवान इसमें शामिल हुए। यह नई परंपरा की शुरुआत है।
अन्य पहलवानों ने भी इस तरह के बिहार में आयोजन को लेकर खुशी का इजहार किया। जॉर्जिया के पहलवान टेड्रो बिहार की धरती पर आकर खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि वह अब तक 3 बार भारत आ चुके हैं।
(पटना के बाढ़ से हिन्दुस्तान संवाददाता की रिपोर्ट)




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