बिहार चुनाव से पहले 3 लाख वोटर कैसे बढ़ गए, चुनाव आयोग ने दी सफाई
30 सितंबर को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के बाद 1 अक्तूबर से लेकर नामांकन की अंतिम तिथि से 10 दिन पूर्व तक प्राप्त आवेदनों को सम्मिलित करते हुए मतदाताओं की संख्या में करीब 3 लाख की वृद्धि हुई।

सोशल मीडिया में बिहार विधानसभा चुनाव के पहले तीन लाख मतदाताओं की संख्या बढ़ने को लेकर उठाए जा रहे सवाल पर चुनाव आयोग ने स्पष्टीकरण जारी किया। बुधवार को चुनाव आयोग ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद 30 सितंबर को जारी हुई अंतिम मतदाता सूची में कुल मतदाताओं की संख्या 7.42 करोड़ थी।
निर्वाचन नियमों के अनुसार, चुनाव की घोषणा के बाद प्रत्येक चरण में नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि से 10 दिन पूर्व तक कोई भी पात्र नागरिक निर्वाचक सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है। अतः 1 अक्तूबर से लेकर दोनों चरणों में नामांकन की अंतिम तिथि से 10 दिन पूर्व तक प्राप्त सभी वैध आवेदनों की जांच कर पात्र निर्वाचकों के नाम नियमानुसार सूची में जोड़े गए, ताकि कोई भी योग्य निर्वाचक मतदान से वंचित न रहे।
इसी कारण, 30 सितंबर को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के बाद 1 अक्तूबर से लेकर नामांकन की अंतिम तिथि से 10 दिन पूर्व तक प्राप्त आवेदनों को सम्मिलित करते हुए मतदाताओं की संख्या में करीब 3 लाख की वृद्धि हुई। इस संशोधित संख्या का उल्लेख भारत निर्वाचन आयोग ने मतदान के बाद जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में किया है।




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