नीट छात्रा मौत में बड़े लोग, पुलिस पर भारी प्रेशर; प्रशांत किशोर का बड़ा बयान- CBI ठीक से जांच करे
प्रशांत किशोर ने कहा कि जहानाबाद की नीट छात्रा मौत कांड में बड़े लोग हैं। पुलिस पर काफी दबाव है। मामले की जांच में लीपापोती के प्रयास को जन सुराज बर्दाश्त नहीं करेगा।
जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर ने जहानाबाद की नीट छात्रा मौत मामले में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस कांड में बड़े लोग हैं। पुलिस पर काफी दबाव है। मामले की जांच में लीपापोती के प्रयास को जन सुराज बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि सीबीआई निष्पक्षता के साथ कांड की जांच करे। प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि चुनाव में भले ही हार हो गई पर जन सुराज अपने सामाजिक-राजनैतिक दायित्वों से पीछे नहीं हटेगी।
प्रशांत किशोर बुधवार को छपरा दौरे पर थे। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि नीट छात्रा की संदेहास्पद मौत मामले में सबसे पहले जन सुराज कार्यकर्ताओं ने पहल की। सरकार ने इसे आत्महत्या का मामला बताकर खारिज कर दिया था। लेकिन हम लोगों के द्वारा मामला उठाया गया तो एसआईटी गठित हुई और पुलिस पदाधिकारियों पर कार्रवाई हुई। इतना तो तय हो गया कि छात्रा के साथ गलत हुआ था। पहले इस बात से ही इनकार किया जा रहा था।
प्रशांत किशोर ने कहा कि इस कांड में बड़े सफेदपोश लोग शामिल हैं। उस बच्ची के साथ गलत किया गया। मामला छोटा नहीं बल्कि बहुत बड़ा है। ऐसा नहीं होता तो एसआईटी से वापस लेकर इस कांड की जांच का जिम्मा सीबीआई को नहीं दिया जाता। यह भी सत्य है कि पुलिस पर बहुत प्रेशर है। सीबीआई को काम करने का मौका दिया जाए। अगर लीपापोती की कोशिश की गई तो हम लोग फिर देखेंगे कि कर सकते हैं। जिन लोगों ने यह जघन्य अपराध किया है उनकी गिरफ्तारी तक जन सुराज प्रयास करेगा।
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार चुनाव में हमारी पार्टी की हार से जन सुराज के हौसले टूटे नहीं हैं। समाज और राज्य से जुड़े हर मुद्दे पर हमारी नजर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों ने राज्य में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा- स्वास्थ्य जैसे जरूरी मुद्दों पर बात करती है लेकिन फिर से उसी व्यवस्था को बनाए रखा। अब वोट देकर गलत व्यवस्था बनाएंगे तो परेशानी तो होगी ही। लेकिन जन सुराज उनके साथ है।
उन्होंने कहा कि चुनाव से ठीक पहले दस हजार देकर मतदाताओं को प्रभावित किया। राज्य के 16 लाख लोगों को हमारी बात समझ में आई। अब और मेहनत के साथ लगेंगे। लोग हमारी बात को समझेंगे। सुप्रीम कोर्ट में हमारी बातों पर सुनवाई नहीं हुई तो हम हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। कोर्ट में जाने के लिए सब अधिकृत हैं। हमारा प्रयास चलता रहेगा।




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