Here Mahabali Bhima did Pinda Daan for father Pandu today there is queue Pitru Paksh Mela Pitru Paksh: यहां महाबली भीम ने पिता पांडु के लिए किया था पिंडदान, आज भी लगती कतार, Bihar Hindi News - Hindustan
More

Pitru Paksh: यहां महाबली भीम ने पिता पांडु के लिए किया था पिंडदान, आज भी लगती कतार

भस्मकूट पहाड़ी पर स्थित भीमगया वेदी पर महाबली भीम ने अपने पिता पांडु की मक्ति के लिए पिंडदान किया था। भीमगया वेदी पर आज भी कर्मकांड के लिए कतार लगती है।

Mon, 30 Sep 2024 10:03 AMSudhir Kumar हिन्दुस्तान, गया
share
Pitru Paksh: यहां महाबली भीम ने पिता पांडु के लिए किया था पिंडदान, आज भी लगती  कतार

Pitru Paksh Mela 2024: पितृपक्ष में पूर्वजों के लिए त्रिपाक्षिक गयाश्राद्ध कर रहे पिंडदानी तिथि की वेदी पर जाकर-जाकर पिंडदान कर रहे हैं। इसी क्रम में पितृपक्ष के 13वें दिन रविवार को तीर्थयात्रियों ने वहां पहुंचे जहां महाबली भीम ने पिंडदान किया। भीम गया वेदी पर पिंडदान कर पितरों के मोक्ष की कामना की। मां मंगलागौरी के रास्ते में स्थित भीमगया वेदी पर पिंडदान के बाद घेरे के अंदर मौजूद भीम के घुटने के निशान के दर्शन-पूजन भी किए। कहा जाता है कि पांडु पुत्र भीम ने अपने पिता की मुक्ति के लिए इसी स्थान पर पिंडदान किया था।

पिंडदान के बाद परिसर में ही शिला पर बायां घुटने के निशान (गड्ढे) में पिंड अर्पित किए। पिंडदान करते समय बायां घुटन मोड़कर बैठे थे। इस कारण एक शिला पर घुटने जैसा निशान है। अब इस स्थान को भीम गया वेदी के नाम पर जाना जाता है। भीमगया में पिंडदान के बाद पिंडदानियों ने भस्मकूट पर्वत पर स्थित मंदिर के में मां मंगला के दर्शन-पूजन किए।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:नालंदा यूनिवर्सिटी और पितृपक्ष मेला वास्तविक विरासतः फ्रांसीसी राजदूत

गोप्रचार और गदालोल वेदियों पर पिंड अर्पित पूर्वजों के मोक्ष की भस्मकूट पहाड़ी पर स्थित भीमगया वेदी पर पिंडदान के बाद त्रिपाक्षिक गयाश्राद्ध करने वालों का जत्था मां मंगलागौरी मंदिर के बायीं ओर स्थित गोप्रचार वेदी पर पहुंचा। यहां भी पिंड अर्पित कर पूर्वजों के मोक्ष की कामना की। गो प्रचार वेदी पर गोखुर के बने निशान पर सावधानी से तीर्थयात्रियों ने पिंड अर्पित किया। भीमगया और गोप्रचार वेदियों पर जगह कम रहने के कारण पिंडदानियों ने मां मंगलागौरी मंदिर की छत और परिसर में बैठकर पिंडदान किया। पाठ वाले मंडप व धर्मशाला सहित जहां जगह मिली तीर्थयात्री वहीं बैठकर पितरों को याद किया। भीमगया वेदी पर पिंडदान के बाद परिसर में ही शिला पर बायां घुटने के निशान (गड्ढे) में पिंड अर्पित किए। गो प्रचार वेदी पर गोखुर के बने निशान पर सावधानी से तीर्थयात्रियों ने पिंड अर्पित किया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:Pitru Paksh Mela: चार दिनों तक विष्णुपद में होगा तर्पण, पिंडदानियों से पटा गया

मां मंगलागौरी में लगी रही कतार

मां मंगलागौरी मंदिर के आसपास पिंडवेदियों पर पिंडदान का विधान होने के कारण रविवार को पूरा इलाका पिंडदान निमित मंत्रोच्चार से गूंजता रहा। पिंडदान के बाद पिंडदानियों ने मां मंगलागौरी के दर्शन-पूजन किए। सुबह भीड़ के कारण कतार लगी। कतार में रहने के बाद पिंडदानियों ने मां मंगलागौरी की पूजा-अर्चना की। दोपहर तक पिंडदानियों की भीड़ बनी रही।

आज पिंडदानी मनाएंगे पितरों की दीपावली

पितृपक्ष के 14वें दिन (आश्विन कृष्णपक्ष त्रयोदशी) सोमवार को त्रिपाक्षिक पिंडदान कर रहे तीर्थयात्रियों की भीड़ फल्गु नदी में उमड़ेगी। शाम में तीर्थयात्री पितरों के लिए दीपावली मनाएंगे। श्री विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष शंभू लाल विट्ठल और सचिव व गयापाल गजाधर लाल पाठक ने कहा कि त्रिपाक्षिक गयाश्राद्ध करे पिंडदानी अपने पूर्वजों की याद में सोमवार की शाम फल्गु घाटों पर दीप जलाएंगे। इस तिथि को दिवगंत हुए पितरों के लिए पिंडदान करने का विशेष महत्व है। जिनके पितर इस तिथि को दिवगंत नहीं हुए वे केवल तर्पण, देवदर्शन और दीप दान करेंगे।

लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।