3 साल में आधा काम, 4 प्रोजेक्ट शुरू भी नहीं हुए; पीएम मोदी की ड्रीम अमृत भारत स्कीम में लापरवाही
विश्वस्तरीय बन रहे जंक्शन का काम तीन वर्ष में अबतक 49.5 प्रतिशत हो सका है। चार प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो सके हैं। जीएम ने निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।

पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) छत्रसाल सिंह ने मुजफ्फरपुर जंक्शन का निरीक्षण किया। उन्होंने अमृत भारत योजना से चल रही 20 विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की। विश्वस्तरीय बन रहे जंक्शन का काम तीन वर्ष में अबतक 49.5 प्रतिशत हो सका है। चार प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो सके हैं। जीएम ने निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। निरीक्षण के बाद जीएम ने सोनपुर मंडल और आरएलडीए के अधिकारियों संग जंक्शन के वीआइपी कक्ष में निर्माण की समीक्षा की।
डीआरएम विवेक भूषण सूद ने उन्हें पीपीटी के माध्यम से पूरे प्रोजेक्ट की अद्यतन जानकारी दी। इसमें निर्माण में आ रहे व्यवधान के बारे में भी बताया गया। मालूम हो कि 442 करोड़ से मुजफ्फरपुर को विश्वस्तरीय जंक्शन बनाया जा रहा है। 21 सितंबर 2022 को इसका निर्माण शुरू और 20 सितंबर 2025 तक इस प्रोजेक्ट को पूरा करना है। आएलडीए काम पूरा होने के लिए एक साल का एक्शटेंशन मांग चुका है। समीक्षा बैठक में डीआरएम के अलावा जोन के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण/ उत्तर) राम जन्म, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (आरएसपी) सुरेन्द्र कुमार, प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर आरआर प्रसाद, प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक इंदू रानी दूबे व अन्य थे।
पुननिर्माण के बाद बदल जाएगा प्रवेश व निकास द्वार
निरीक्षण के दौरान जीएम को डीआरएम ने पूरे प्रोजेक्ट की जानकारी दी। बताया गया कि जंक्शन के पुनर्निर्माण के बाद स्टेशन का प्रवेश और निकास द्वार बदल जाएगा। यात्री एलिवेटेड रोड से जंक्शन पहुंचेंगे। नीचे से सभी रास्ते बंद कर दिए जाएंगे। इसके अलावा कंबाइन्ड टर्मिनल को इमलीचट्टी सरकारी बस स्टैंड से एफओबी के माध्यम से जोड़ा जाएगा, ताकि यात्री बस स्टैंड से पैदल जंक्शन पहुंच सके।
यात्री सुविधाओं, सौंदर्यीकरण को देखा
जीएम ने प्लेटफार्म विस्तार, यात्री सुविधाओं, सफाई व्यवस्था, स्टेशन सौंदर्यीकरण और निर्माण कार्यों की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने स्टेशन पर नेम प्लेट, साइनबोर्ड लगाने को लेकर निर्देश दिये। पावर केबिन, कंट्रोल रूम, वाशिंग पिट, सिग्नलिंग सिस्टम और अन्य तकनीकी विभागों की व्यवस्था की भी समीक्षा की। कोचिंग काम्प्लेक्स और मालगोदाम क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद महाप्रबंधक सीतामढ़ी, रक्सौल, सुगौली के रास्ते बापूधाम मोतिहारी के लिए रवाना हो गए।
पाटलिपुत्र-मुजफ्फरपुर खंड का किया विंडो निरीक्षण
पूमरे के जीएम छत्रसाल सिंह ने मुजफ्फरपुर में समीक्षा बैठक से पूर्व पाटलिपुत्र-मुजफ्फरपुर रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। महाप्रबंधक ने रेलखंड के मध्य स्टेशनों, रेल पुलों, रेलवे ट्रैक, ओएचई, सिग्नलिंग सिस्टम सहित यात्री सुविधाओं से जुड़े पहलुओं का जायजा लिया। उन्होंने संरक्षा पर विशेष बल देते हुए इसके प्रति अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। इस दौरान सोनपुर मंडल के डीआरएम विवेक भूषण सूद साथ में थे।
15 तक हर हाल में हो जाए सीटीबी में शिफ्टिंग
पुननिर्माण में चार प्रोजेक्ट का अबतक काम शुरू नहीं हो सका है। इसके लिए निर्माण एजेंसी को रेलवे ने जगह उपलब्ध नहीं कराई है। एमएलसीपी, एराइवल प्लाजा, एमएलसीपी को जोड़ने वाले एलिवेटेड रोड के संपर्क पथ और मुख्य स्टेशन बिल्डिंग के उत्तरी हिस्से में दूसरे भाग का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। जीएम ने प्लेटफॉर्म एक से तीन के प्रशासनिक कार्यालयों को 15 जुलाई तक कंबाइन्ड टर्मिनल बिल्डिंग में शिफ्ट करने का निर्देश दिया।




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