सीतामढ़ी में थानेदार पर छात्रा के यौन शोषण का आरोप, मधुबनी में 6 साल की बच्ची से रेप
छात्रा का आरोप है कि थानेदार द्वारा झांसा देकर उसके साथ कई वर्षों तक संबंध बनाए गए, लेकिन जब भी वह शादी की बात करती थी तो किसी न किसी कारण से बात टाल दी जाती थी। सात वर्षों के बाद भी जब विवाह को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं हुआ तो उसे अपने साथ धोखे का एहसास हुआ।

बिहार में महिलाओ पर अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा है।सीतामढ़ी जिले के एक थानाध्यक्ष पर एक छात्रा ने शादी का झांसा देकर कई वर्षों तक शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया है। आरोप सामने आने के बाद पुलिस महकमे में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि अब तक इस मामले में आधिकारिक रूप से कोई लिखित आवेदन पुलिस को नहीं मिला है। इस मामले से जुड़ी कुछ तस्वीरें और ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही हैं।
‘लाइव हिन्दुस्तान’ इसकी पुष्टि नहीं करता है। जानकारी के अनुसार सहरसा जिले की रहने वाली एक छात्रा ने पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोप लगाया है कि जिले में पदस्थापित एक थानाध्यक्ष ने शादी का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाए। पीड़िता का कहना है कि पटना में रहने के दौरान उसकी पहचान उक्त अधिकारी से हुई थी। थानाध्यक्ष ने उससे शादी करने का आश्वासन दिया। एसपी अमित रंजन ने बताया कि थानाध्यक्ष पर किसी प्रकार के कोई आरोप लगाए जाने की जानकारी नहीं है और न ही आवेदन प्राप्त हुआ है। आवेदन मिलने पर एफआईआर कर जांच की जायेगी और दोषी पाए जाने पर थानाध्यक्ष पर भी कार्रवाई होगी।
छात्रा का आरोप है कि इसी भरोसे के आधार पर उसके साथ कई वर्षों तक संबंध बनाए गए, लेकिन जब भी वह शादी की बात करती थी तो किसी न किसी कारण से बात टाल दी जाती थी। सात वर्षों के बाद भी जब विवाह को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं हुआ तो उसे अपने साथ धोखे का एहसास हुआ। आठ मार्च को सोशल मीडिया से उसे जानकारी मिली कि थानाध्यक्ष की कहीं और शादी हो रही है। इसके बाद छात्रा ने पुलिस अधिकारियों को मामले से अवगत कराया। साथ ही मीडिया में भी बात फैल गयी।
थानाध्यक्ष पर आरोप के बाद पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
एक थानाध्यक्ष पर लगे इतने गंभीर आरोपों के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल तेज हो गई है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि वर्दी पहनने वाला ही इस तरह के आरोपों में घिर जाए तो आम लोगों का पुलिस पर भरोसा कमजोर हो सकता है। लोगों का यह भी कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
मधुबनी में बच्ची से रेप
इधर मधुबनी जिले में धनहा थाना क्षेत्र के एक गांव की छह वर्षीय मासूम से रविवार शाम में वाल्मीकिनगर बराज के गोपाल राम ने दुष्कर्म किया। बेहोश हो गई तो वह बच्ची को छोड़कर फरार हो गया। घटनास्थल पर वह रातभर बेहोश पड़ी रही। घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसे रातभर ढूंढ़ा लेकिन कहीं अता-पता नहीं चला। सोमवार सुबह में सरेह गये लोगों ने बच्ची को खून से लथपथ बेहोश पड़ा देखा। उसके साथ हुई दरिंदगी देखकर लोग आक्रोशित हो गये। जानकारी मिलने पर परिजन वहां पहुंचे और बच्ची को उठाकर घर लाया। सूचना पर थानाध्यक्ष अमित कुमार सिंह महिला पुलिस बल के साथ पहुंचे। बच्ची को मेडिकल जांच के लिए बेतिया भेज दिया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि फरार आरोपी गोपाल राम को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मामले कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि वाल्मीकिनगर बराज का आरोपी गोपाल राम धनहा थाना क्षेत्र के एक गांव में अपने रिश्तेदार के यहां रह रहा है। रविवार शाम में वह बच्ची को बहला-फुसलाकर गांव से बाहर सरेह में ले गया। यहां घटना को अंजाम दिया और बच्ची के बेहोश होने पर वहीं छोड़कर फरार हो गया। इधर, बच्ची देर शाम तक घर नहीं लौटी तो परिजनों ने रातभर उसकी खोज-बीन की। लेकिन वह नहीं मिली। गांव के लोगों सोमवार सुबह सरेह निकले तो मामले का खुलासा हुआ।




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