केंद्र सरकार ने लगा दी शर्त, बाबा विश्वनाथ से पशुपतिनाथ तक सड़क पर ग्रहण; दरभंगा-जयनगर फोर लेन सड़क का निर्माण लटका
केंद्र सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में दरभंगा-जयनगर परियोजना के लिए 13 सौ करोड़ का प्रावधान कर दिया है। परियोजना में 15 किलोमीटर ग्रीनफील्ड सड़क है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने जयनगर में एक इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट भी बनाने का निर्णय लिया है

बाबा विश्वनाथ (वाराणसी) को पशुपतिनाथ (नेपाल) से जोड़ने वाली सड़क पर ग्रहण लग गया है। आमस (औरंगाबाद)-दरभंगा को विस्तार देने के लिए दरभंगा-जयनगर (एनएच 527 बी) चार लेन सड़क की परिकल्पना की गई थी। लेकिन, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राजमार्ग मंत्रालय की ओर से रखी गई शर्तों के कारण फिलहाल इस सड़क का निर्माण अधर में लटकता दिख रहा है। परियोजना पर ग्रहण लगते देख पथ निर्माण विभाग ने इस मसले पर केंद्र सरकार से पत्राचार करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले दिनों मंत्रालय ने इस सड़क के निर्माण को लेकर समीक्षा बैठक की थी।
दरभंगा के दिल्ली मोड़ से शुरू होने वाली यह सड़क केवटी, औंसी, रामपुर, रहिका, पोखरौनी, कलुआही, बरदेहपुर, नरार, दुल्लीपट्टी होते हुए जयनगर में समाप्त होती है। दरभंगा से बनवारीपट्टी तक 14 किलोमीटर सड़क का निर्माण मंत्रालय ने पथ निर्माण विभाग के एनएच डिविजन को दिया है। इसकी मंजूरी वर्ष 2023 में ही मंत्रालय से मिल चुकी है। लेकिन इसके आगे जयनगर तक चार लेन सड़क का निर्माण होना है।
अब मंत्रालय ने कहा है कि गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे से भी इस सड़क का जुड़ाव होना है। एनएचएआई की ओर से इस एक्सप्रेस-वे के लिए दरभंगा में एक स्पर का भी निर्माण होना है। इसलिए गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के निर्माण का इंतजार किया जाए। इसके बाद जो सड़क बच जाएगी, उसका निर्माण पथ निर्माण विभाग करे। लेकिन इसके पहले एलाइनमेंट नए सिरे से बनाए और उसकी मंजूरी मंत्रालय से ले।
मंत्रालय की इस शर्त में समस्या यह उत्पन्न हो गई है कि अब तक गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण भी शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में जब तक इसका निर्माण होगा, तब तक दरभंगा-जयनगर का काम नहीं हो सकेगा। इस परियोजना में एक जयनगर बाईपास का भी निर्माण होना है। मंत्रालय ने इसका एलाइनमेंट भी नए सिरे से बनाने को कहा है। नए एलाइनमेंट को बनाने और उसकी मंजूरी लेने में भी लंबा समय लग सकता है।
परियोजना के लिए आवंटित हो चुकी है राशि
केंद्र सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में दरभंगा-जयनगर परियोजना के लिए 13 सौ करोड़ का प्रावधान कर दिया है। परियोजना में 15 किलोमीटर ग्रीनफील्ड सड़क है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने जयनगर में एक इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट भी बनाने का निर्णय लिया है। ऐसे में अगर दरभंगा-जयनगर परियोजना पर काम नहीं हुआ तो ये सभी परियोजना कागजी ही साबित रह जाएगी।
इसके बन जाने से वाराणसी से जीटी रोड और वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस-वे से आमस-दरभंगा एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे होते हुए दरभंगा से नेपाल तक आना-जाना आसान हो जाएगा। वाराणसी से दरभंगा और नेपाल तक के लोगों को दरभंगा एयरपोर्ट से सम्पर्कता मिल जाएगी। इससे धार्मिक पर्यटन के साथ ही व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा।




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