Water Crisis Intensifies in Sahar Gali Ward 27 Amid Rising Temperatures भीषण गर्मी से पहले जल संकट शुरू वार्ड 27 के लोग भटकने को मजबूर, Darbhanga Hindi News - Hindustan
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भीषण गर्मी से पहले जल संकट शुरू वार्ड 27 के लोग भटकने को मजबूर

गर्मी के मौसम में वार्ड नंबर 27 स्थित दोनार के सहारा गली में पेयजल संकट गंभीर हो गया है। स्थानीय लोगों को नियमित पानी की आपूर्ति नहीं मिल रही है और वे पीने के पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने की मांग वर्षों से की जा रही है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

Fri, 13 March 2026 09:35 PMNewswrap हिन्दुस्तान, दरभंगा
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भीषण गर्मी से पहले जल संकट शुरू वार्ड 27 के लोग भटकने को मजबूर

गर्मी की आहट के साथ ही शहर में पेयजल संकट की समस्या फिर से सामने आने लगी है। खासकर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 27 स्थित दोनार के सहारा गली के लोगों को इस बार भी भीषण गर्मी में पीने के पानी की चिंता सताने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नगर निगम प्रशासन ने पेयजल आपूर्ति की समुचित व्यवस्था नहीं की तो हर साल की तरह इस बार भी उन्हें पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा। इलाके के लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से वे लोग नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

नतीजतन आज भी इस मोहल्ले के कई घरों में नियमित पेयजल आपूर्ति की सुविधा उपलब्ध नहीं है। गर्मी के दिनों में स्थिति और भी विकट हो जाती है, जब पानी की जरूरत बढ़ जाती है और आसपास के हैंडपंप या निजी बोरिंग पर निर्भर रहना पड़ता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, साल के करीब सात से आठ महीने तक उन्हें पीने के पानी के लिए दूसरे लोगों पर निर्भर रहना पड़ता है। कई बार पड़ोस के घरों से पानी लेना पड़ता है तो कभी दूर जाकर हैंडपंप से पानी भरकर लाना पड़ता है। इससे खासकर महिलाओं और बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए इस तरह की परेशानी झेलना बेहद दुखद है। उनका कहना है कि सरकार और नगर निगम द्वारा शहर में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का दावा किया जाता है, लेकिन शहर गली के लोगों की स्थिति इन दावों की हकीकत बयां करती है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि कई बार वार्ड पार्षद से इस समस्या को लेकर शिकायत की गई है। पार्षद ने भी लोगों की समस्या को समझा है और आश्वासन दिया है, लेकिन मुख्य समस्या यह है कि इस इलाके तक नल-जल की सप्लाई पाइपलाइन ही नहीं पहुंची है। जब पाइपलाइन ही नहीं बिछाई गई है तो घरों तक पानी पहुंचाना संभव नहीं हो पा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पाइपलाइन को जल्द से जल्द इस इलाके तक बढ़ा दिया जाए तो बड़ी संख्या में परिवारों को राहत मिल सकती है। लेकिन वर्षों से मांग उठने के बावजूद अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है। गर्मी के मौसम में जब तापमान लगातार बढ़ता है, तब पानी की जरूरत कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में जिन इलाकों में नियमित पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था नहीं है, वहां स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। शहर के लोगों को भी हर साल इसी समस्या का सामना करना पड़ता है। मोहल्ले की महिलाओं का कहना है कि सुबह होते ही सबसे बड़ी चिंता पानी भरने की होती है। कई बार दूर-दूर तक जाकर पानी लाना पड़ता है। इससे रोजमर्रा के काम भी प्रभावित होते हैं। बच्चों की पढ़ाई से लेकर घर के अन्य कामकाज तक पर इसका असर पड़ता है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि सरकार की नल-जल योजना का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन उनके इलाके में अब तक इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। शिकायतें: 1. शहर में पेयजल संकट की समस्या फिर से सामने आई है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा।2. वार्ड नंबर 27 स्थित दोनार के सहारा गली में पेयजल आपूर्ति नहीं है, जिससे लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ता है।3. नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है, जिससे लोगों को स्वच्छ पेयजल नहीं मिल पा रहा है।4. गर्मी के दिनों में पानी की जरूरत बढ़ जाती है, लेकिन उस हिसाब से पानी की आपूर्ति नहीं की जाती है।5. लोगों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है, जिससे उनका समय और ऊर्जा बर्बाद हो रही है।सुझाव:1. नल-जल योजना के तहत मोहल्ले में पाइपलाइन का विस्तार किया जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल सके।2. मोहल्ले में एक या दो सरकारी सबमर्सिबल पंप लगवाए जाएं, जिससे लोगों को पानी की समस्या से राहत मिल सके।3. वैकल्पिक व्यवस्था जैसे अतिरिक्त हैंडपंप या टैंकर के माध्यम से लोगों को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।4. नगर निगम प्रशासन को गर्मी के मौसम से पहले ही पेयजल संकट की आशंका वाले इलाकों की पहचान कर लेनी चाहिए।5. लोगों की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि उन्हें नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल मिल सके।

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