वार्ड आठ में पेयजल संकट व गंदगी से बुरा हाल, सफाई व्यवस्था पर सवाल
वार्ड नंबर आठ में पेयजल संकट और गंदगी की समस्या ने लोगों को गंभीर परेशानी में डाल दिया है। नगर निगम की लापरवाही के कारण सफाई व्यवस्था ठप हो गई है, जिससे कचरा सड़कों पर जमा हो रहा है। लोग पानी की कमी और आवारा पशुओं से भी परेशान हैं। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम से तुरंत कार्रवाई की मांग की है।

शहर के वार्ड नंबर आठ स्थित कई मोहल्लों में इन दिनों पेयजल संकट और गंदगी की समस्या लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर निगम की लापरवाही के कारण उन्हें आज तक बुनियादी सुविधाएं भी ठीक से नहीं मिल पा रही हैं। पेयजल आपूर्ति, नियमित सफाई, कचरा उठाव और आवारा पशुओं की समस्या से लोग त्रस्त हैं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि यहां सफाई व्यवस्था लगभग ठप हो चुकी है।
नगर निगम के सफाई कर्मी नियमित रूप से नहीं आते और कचरा उठाने वाली गाड़ी भी कई दिनों तक मोहल्ले में नहीं पहुंचती। इसके कारण घरों से निकलने वाला कचरा सड़कों के किनारे जमा होता जा रहा है। दिनभर कचरे का ढेर लगा रहता है, जिसे आवारा पशु और कुत्ते फैलाकर स्थिति को और बदतर बना देते हैं। इससे न सिर्फ दुर्गंध फैलती है बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार इस समस्या को लेकर वार्ड पार्षद से शिकायत की गई है, लेकिन हर बार सफाई कर्मियों की कमी का हवाला देकर मामला टाल दिया जाता है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि यदि नियमित रूप से कचरा उठाव और सफाई की व्यवस्था की जाए तो स्थिति में काफी सुधार हो सकता है। इधर, पेयजल संकट भी वार्ड नंबर आठ के शुभंकरपुर क्षेत्र में बड़ी समस्या बनकर उभरा है। लोगों का कहना है कि कुछ वर्ष पहले इलाके में पाइपलाइन बिछाकर घर-घर पानी पहुंचाने की योजना शुरू की गई थी। शुरुआत में लोगों को उम्मीद थी कि अब पानी की समस्या खत्म हो जाएगी, लेकिन रखरखाव के अभाव में यह व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मुख्य पाइपलाइन में कई जगहों पर लीकेज हो गया है। पाइपलाइन से पानी सड़कों और नालों में बहकर बर्बाद हो रहा है, जबकि घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा। कई जगहों पर प्लास्टिक पाइप के माध्यम से कनेक्शन दिया गया था, जो अब टूट-फूट चुके हैं। इसके कारण पानी की आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने वाली एजेंसी का काम पूरा होने के बाद भी नगर निगम ने अब तक उस व्यवस्था का पूर्ण नियंत्रण अपने हाथ में नहीं लिया है। इसी वजह से मरम्मत और रखरखाव का काम समय पर नहीं हो पा रहा और लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। वार्ड पार्षद संजू देवी भी स्वीकार करती हैं कि क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। उनका कहना है कि इस मुद्दे को कई बार नगर निगम की बोर्ड बैठक में उठाया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही पाइपलाइन की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले गर्मी के दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है। पेयजल और सफाई के अलावा क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या भी लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। सड़कों पर गाय, बैल और अन्य पशु दिनभर घूमते रहते हैं। कई बार ये पशु कचरे के ढेर को फैलाकर गंदगी को और बढ़ा देते हैं। इसके अलावा बंदरों की संख्या भी बढ़ने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम से आवारा पशुओं पर नियंत्रण की मांग:मोहल्ले के निवासियों का कहना है कि नगर निगम को इस दिशा में भी ठोस कदम उठाने की जरूरत है। यदि समय रहते आवारा पशुओं पर नियंत्रण नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। इधर, गरीब परिवारों को मिलने वाले राशन को लेकर भी लोगों ने अनियमितता का आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन डीलरों को अनाज वितरण की जिम्मेदारी दी गई है, वे समय पर राशन उपलब्ध नहीं कराते। कई बार लोगों को तय समय पर अनाज नहीं मिलता, जिसके कारण गरीब परिवारों को हर महीने राशन की किल्लत झेलनी पड़ती है। लोगों का कहना है कि राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और निगरानी की आवश्यकता है, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर उनका हक मिल सके। शुभंकरपुर मोहल्ले के निवासी सुजित कुमार आचार्य, चिंटू झा, संजय राय, श्रवण कुमार और पंकज कुमार सहित कई लोगों ने कहा कि वार्ड नंबर आठ के कई इलाकों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि नगर निगम पेयजल संकट के समाधान में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। स्थानीय निवासियों का यह भी कहना है कि साफ-सफाई के मामले में भी नगर निगम प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हुआ है। यदि समय पर कचरा उठाव और सफाई नहीं की गई तो इलाके में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ सकता है। लोगों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। मोहल्ले में नियमित रूप से कचरा उठाने वाली गाड़ी भेजी जाए और सफाई कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा पाइपलाइन में हुए लीकेज की मरम्मत कराकर पेयजल आपूर्ति को सुचारू किया जाए। शिकायतें:1. मोहल्ले में पेयजल संकट से लोग पीने के पानी की कमी से परेशान हैं। शिकायत करने पर भी कार्रवाई नहीं हो रही है।2. मोहल्ले में सफाई व्यवस्था की कमी से सड़कों किनारे कचरा फैलने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।3. गरीब परिवारों को मिलने वाले राशन में अनियमितता से कई परिवारों को हर महीने अनाज नहीं मिल रहा है।4. मोहल्ले में आवारा पशुओं और बंदरों के आतंक से लोग परेशान और डर के साए में जीने को विवश हो रहे हैं। 5. सड़क किनारे कचरे पर आवारा पशुओं के जमावड़े से लोगों को हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सुझाव: 1. पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत कराकर पेयजल आपूर्ति बहाल की जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारी पहल करें। 2. सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए मोहल्ले में नियमित रूप से सफाई कर्मियों की तैनात किये जाने की जरूरत है। 3. रानीपुर पंचायत के सभी 16 वार्ड क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था जल्द दुरुस्त होनी चाहिए। लोग इसकी मांग कर रहे हैं। 4. आवारा पशुओं और बंदरों पर नियंत्रण करने के लिए त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए, तभी समस्या दूर हो सकती है। 5. सड़क किनारे कचरे का ढेर नहीं लगे, इसके लिए नगर निगम प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
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