एक मकान के अधिग्रहण में हुई चूक से नई सड़क के निर्माण में अटका रोड़ा
शहर के वार्ड नंबर 13 की सड़कें खस्ताहाल हैं और पेयजल की समस्या भी है। लोग करंट से जानवरों की मौत और जलजमाव की समस्या को लेकर चिंतित हैं। वार्ड में बुनियादी सुविधाओं की कमी और भूमि अधिग्रहण में हुई गलती के चलते नई सड़क का निर्माण रुका हुआ है। जनप्रतिनिधियों से समस्याएं हल करने की मांग की गई है।

शहर के वार्ड नंबर 13 में मौजूद पीडब्ल्यूडी की भंडार चौक वाया केबिन चौक विद्यापति चौराहा जाने वाली सड़क खस्ताहाल है। ओवरब्रिज के नीचे संकीर्ण रोड पर कई जगह गड्ढे ही गड्ढे हैं। आवाजाही के दौरान टेंपो-टोटो जैसे छोटे वाहन उछल पड़ते हैं। पीक आवर में गाड़ियों का दबाव बढ़ने से रोड जाम हो जाता है। लोगों का कहना है कि वर्ष 2008-09 में भूमि अधिग्रहण के दौरान मुख्य सड़क से सटे एक के मकान का खाता-खेखरा दर्ज नहीं होने से अधिग्रहण प्रक्रिया पूर्ण नहीं हुई। इसके चलते नई सड़क के निर्माण की प्रक्रिया अधर में लटकी है। आक्रोशित लोग इसके लिए सिस्टम को जिम्मेदार ठहराते हैं और वार्ड 13 में कमतर बुनियादी सुविधा की कठिनाईयां सुनाते हैं।
लोग भूजावाला ट्रांसफॉर्मर चौक से कटहलबाड़ी पुल के नजदीक गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के झूलते विद्युत तार को दिखाते हैं। बताते हैं कि इसके चलते कई पशुओं की मौत कंरट की चपेट में आने से हो चुकी है। करंट के डर से बड़े नाले की सफाई नगर निगम के कर्मी नहीं करते हैं। इस वजह से हल्की बरसात से ही जलजमाव उत्पन्न हो जाता है। लोग अविलंब समस्याओं को दूर कर आधुनिक शहरी नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग करते हैं। संजय सिन्हा, रमण जी पोद्दार, रामकृष्ण पाठक, शंकर कुमार शर्मा, पवन पासवान, रामकृष्ण पाठक, मुस्कान कुमारी, निशा कुमारी, शंकर साह, संतोष साह आदि बताते हैं कि वार्ड के भंडार चौक का नाम बदलकर डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक हो गया और मुख्य सड़क से वीआईपी दर्जा छिन गया, फिर भी होल्डिंग टैक्स पहले की तरह अधिक देना पड़ता है। उन्होंने बताया कि कटहलबाड़ी ओवरब्रिज निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान एक मकान छूटने की गलती सरदर्द बन चुकी है। उन्होंने बताया कि सिर्फ एक मकान के लिए भूमि अधिग्रहण कार्य नहीं हो सकता है। इस नियम के चलते विभागीय अधिकारी विवश बने हैं। जनप्रतिनिधियों को समस्या दूर करने के लिए पहल करनी चाहिए। कटहलबाड़ी हलका कार्यालय भवन के निर्माण की है जरूरत: राजस्व विभाग के हलका नंबर 10 का कार्यालय कटहलबाड़ी के समुदायिक भवन में संचालित हो रहा है। इसका कार्यक्षेत्र नाका पांच, लालपोखर, सकमा पुल, मिजार्पुर, लालबाग, गुल्लोबाड़ा, राजकुमारगंज, कटहलबाड़ी, सैदपुर, चूनाभट्ठी, कटरहिया, दोनार, नाग मंदिर, मिश्रटोला आदि एरिया तक फैला है। वार्ड नंबर 13 के पार्षद राजीव कुमार सिंह बताते हैं कि 30 वर्षों के दोबारा हलका कार्यालय खुला है। इससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी सुविधा मिली है, पर जगह की कमी से कठिनाई होती है। उन्होंने बताया कि कटहलबाड़ी दुर्गा मंदिर से सटा कर्मचारी कार्यालय परिसर खंडहर में तब्दील है और भू खंड अनुपयोगी है। उन्होंने बताया कि यह स्थल हलका कार्यालय भवन निर्माण के मापदंड पर खरा उतरता है। उन्होंने बताया कि इसे लेकर जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया है। जल्द पहल होने की उम्मीद है। सुनिश्चित हो पेयजलापूर्ति और जल्द पूर्ण हो नाला :दरभंगा नगर निगम का वार्ड नंबर 13 रेलवे जंक्शन और विश्वविद्यालय परिसर से सटा है। प्रसिद्ध रिहायशी इलाका होने की वजह से आबादी घनी है और सभी तबके लोग रहते हैं। तकदीर बिहारी, संतोष कुमार, दीपक कुमार आदि बताते हैं कि वार्ड नंबर 13 में पेयजल किल्लत व जलजमाव बड़ी समस्या है। पेयजलापूर्ति की व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। गर्मी शुरू होते ही चापाकल और मोटर पंप सूख जाता है। उन्होंने बताया कि हर साल वाटर टैंकर के जरिए पानी किल्लत दूर करने नाम पर लाखों खर्च होता है। इसके बावजूद पेयजल की समस्या बरकरार रहती है। इसलिए नगर निगम प्रशासन को शहर के सभी घरों में पाइपलाइन के माध्यम से वाटर सप्लाई व्यवस्था को बेहतर बना चाहिए। इससे लोगों को जरूरत के अनुरूप घर में पानी मिलेगा। उन्होंने बताया कि वार्ड नंबर 13 से चार-पांच वार्ड क्षेत्रों के बरसाती पानी का बहाव होता है। इससे नाले में रुकावट होते ही गंदा पानी लोगों के घरों में भरने लगता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बुडको स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज परियोजना के तहत वार्ड के बड़े नाला का निर्माण धीमी गति से कर रहा है जो विद्यापति चौक से मेडोना स्कूल होकर दुर्गा मंदिर एवं श्यामा रेसिडेंसी के बगल से बेला रेलवे गुमटी के पास नहर नाला से जुड़ती है। उन्होंने बताया इसका निर्माण बरसात से पहले पूर्ण नहीं हुआ तो वार्ड के सैकड़ों घरों में जलजमाव की समस्या बढ़ेगी।शिकायतें:1. भंडार चौक से रेलवे केबिन होकर विद्यापति चौराहे तक जाने वाली सड़क का बड़ा हिस्सा जर्जर हो गया है। 2. हलका नंबर 10 कार्यालय समुदायिक भवन में चलने से स्थान की कमी है। इससे आने वाले लोगों को कई कठिनाई होती है।3. वार्ड नंबर 13 में मुख्य सड़क के किनारे के भवनों से सटा 11 हजार वोल्ट का विद्युत तार गुजरता है। इससे खतरा है।4. वार्ड नंबर 13 के 40 प्रतिशत घरों में पेयजलापूर्ति सुविधा नहीं है। इससे गर्मी में इन्हें पेयजल संकट झेलना पड़ता है।सुझाव:1. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया से छूट गए एक मकान के अधिग्रहण या अन्य निदान से समस्या दूर करने की जरूरत है।2. हलका कार्यालय के भवन का निर्माण कर्मचारी आवास परिसर कराने की पहल हो। इससे बेकार भूखंड उपयोगी बनेगा।3. वार्ड 13 के विभिन्न हिस्सों में झूलते तारों और खंभों को दुरुस्त करने व 11 हजार वोल्ट के तार की शिफ्टिंग होनी चाहिए।4. नल -जल के अधूरे काम को बुडको से पूरा कराकर सभी घरों में पेयजलापूर्ति की पहल अधिकारियों को करनी चाहिए।
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