बिहार में गांव के युवकों से बचने के लिए तालाब में कूदा कपल, प्रेमी की मौत के बाद तनाव
ग्रामीणों के अनुसार, शिवम शुक्रवार रात करीब 10 बजे अपनी प्रेमिका से मिलने दुर्गापट्टी गांव स्थित तालाब किनारे एक बगीचे में गया था। इसी दौरान गांव के कुछ युवकों ने दोनों को देख लिया और पकड़ने के लिए दौड़ पड़े। घबराहट में प्रेमी जोड़े ने पास के तालाब में छलांग लगा दी।

बिहार के मधुबनी जिले में हरलाखी थाना क्षेत्र के दुर्गापट्टी गांव में शुक्रवार की आधी रात चोरी-छिपे मिलने गए प्रेमी जोड़े ने पकड़े जाने के डर से तालाब में छलांग लगा दी। ग्रामीणों ने युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन युवक को बांस-बल्ले का डर दिखाकर बाहर नहीं निकलने दिया। युवक को तैरना नहीं आता था, जिस कारण डूबने से उसकी मौत हो गई। युवक की पहचान उमगांव निवासी दिनेश कुमार सुमन के पुत्र शिवम कुमार (20) के रूप में हुई है। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। घटना के बाद उमगांव और दुर्गापट्टी दोनों गांवों में तनाव का माहौल है।
ग्रामीणों के अनुसार, शिवम शुक्रवार रात करीब 10 बजे अपनी प्रेमिका से मिलने दुर्गापट्टी गांव स्थित तालाब किनारे एक बगीचे में गया था। इसी दौरान गांव के कुछ युवकों ने दोनों को देख लिया और पकड़ने के लिए दौड़ पड़े। घबराहट में प्रेमी जोड़े ने पास के तालाब में छलांग लगा दी। लोगों ने लड़की को किसी तरह बाहर निकाल लिया, लेकिन युवक को डराकर तालाब के अंदर ही रहने पर मजबूर किया। कुछ देर बाद युवक तालाब में डूब गया।
निजी क्लीनिक में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
अस्पताल में इलाज नहीं मिलने पर परिजन शिवम को बासोपट्टी के एक निजी क्लीनिक में ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने उमगांव सीएचसी के कर्मचारियों के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीण अंशु कुशवाहा ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए लापरवाह डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सीएचसी में डॉक्टर मौजूद रहते तो शिवम की जान बचाई जा सकती थी। सूचना मिलने पर हरलाखी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मधुबनी भेज दिया है। घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर हंगामा
घटना के लगभग एक घंटे बाद परिजनों को मामले की जानकारी दी गई। उमगांव के दर्जनों युवक तुरंत मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद शिवम को तालाब से बाहर निकाला। उसे तुरंत उमगांव सीएचसी ले जाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था, जिससे समय पर इलाज नहीं मिल सका। लापरवाही से नाराज आक्रोशित लोगों ने अस्पताल परिसर में आधी रात जमकर हंगामा किया।




साइन इन