बेडरूम बयान पर पप्पू यादव से कांग्रेस भी गुस्से में, अलका लांबा बोलीं- माफी मांगें, हम सब आहत है
पप्पू यादव ने राजनीति में आने वाली महिलाओं को लेकर जो बयान दिया है उसे कोई भी महिला या कांग्रेस पार्टी स्वीकार नहीं कर सकती। सांसद को इसके लिए माफी मांगना चाहिए।

Pappu Yadav Controversy: पूर्णिया के निर्दलीय सांसद सह कांग्रेस नेता राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के महिलाओं को लेकर दिए गए बयान पर राजनीति थम नहीं रही। अब कांग्रेस नेता की ओर से गुस्से और नाराजगी का इजहार किया गया है। एनडीए, महिला आयोग और अन्य महिला संगठनों के बाद अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा है कि उनका यह बयान किसी स्थिति में स्वीकार नहीं है। पप्पू यादव को अपने बयान के लिए माफी मांगना चाहिए। इधर पप्पू यादव खुद को बहन, बेटियों का हमायती बताकर अपने बयान को जस्टिफाई करने जोर शोर से लगे हैं। उन्होंने राजनीति में शामिल महिलाओं के बाद न्यूज चैनल की महिलाओं के बारे में बड़ा बयान दिया है।
अलका लांबा ने प्रेस वार्ता के दौरान पप्पू यादव के बयान पर पूछे गये सवाल पर सांसद पर तल्ख हो गईं। कहा कि पप्पू यादव ने राजनीति में आने वाली महिलाओं को लेकर जो बयान दिया है उसे कोई भी महिला या कांग्रेस पार्टी स्वीकार नहीं कर सकती। कहीं से भी इस बयान का समर्थन नहीं किया जा सकता। उनकी भाषा बहुत आपत्तिजनक है। उन्होंने ऐसा क्यों कहा यह समझ से परे है। इसका जवाब वे खुद दे सकते हैं। हमे इस पर भारी आपत्ति है। मेरा निजी मत है कि सांसद को इसके लिए माफी मांगना चाहिए।
लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के गिरने के बाद एक चर्चा के दौरान पप्पू यादव ने महिलाओं को लेकर ऐसा बयान दिया कि देश भर की महिलाएं गुस्से में आ गईं। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में महिलाओं को देवी कहा जाता है, लेकिन हकीकत में उन्हें कभी सम्मान नहीं दिया जाता। व्यवस्था और समाज इसके लिए जिम्मेदार है। आज कड़वी सच्चाई यह है कि 90 प्रतिशत महिलाएं बिना किसी प्रभावशाली नेता के बेडरूम में गए बिना राजनीति में सफल नहीं हो सकतीं। उनका बयान पब्लिक डोमेन में आते ही बवाल मच गया। पप्पू यादव यहीं तक नहीं रुके। जब उनके खिलाफ महिला आयोग ने नोटिस जारी कर दिया था तब भी कहा कि हॉस्टल में रहने वाली लड़कियां नेताओं के आगे परोसी जाती हैं। उन्होंने मीडिया को भी टारगेट किया। कहा कि बड़े चैनलों में महिला एंकरों का भी शोषण होता है।
उन्होंने राजनेताओं को गिद्ध बताते हुए कहा कि अमेरिका से लेकर भारत तक नेता ही महिलाओं पर बुरी नजर रखते हैं और घरेलू हिंसा करते हैं। दावा किया कि नेताओं के बेडरूम से होकर ही महिलाओं का राजनीतिक करियर शुरू होता है और महिलाओं का शोषण अब एक कल्चर बन चुका है। उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि नेताओं के मोबाइल और सीसीटीवी फुटेज की जांच होनी चाहिए। इससे उनकी असलियत सामने आ जाएगी।




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