पंचायत चुनाव 2026 :आज होगा सीटों का प्रारूप प्रकाशन
सारण में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 की तैयारी तेज हो गई है। 4 मई को 2011 की जनगणना के आधार पर क्षेत्रवार जनसंख्या का प्रारूप एक प्रकाशित होगा। दावा-आपत्ति की प्रक्रिया 4 से 18 मई तक चलेगी। अंतिम प्रकाशन 5 जून को होगा। चुनाव में छह प्रमुख पदों के लिए मतदान कराया जाएगा।

2011 की जनगणना के आधार पर प्रपत्र एक का क्षेत्रवार प्रकाशन 18 मई तक लोग करेंगे दावा-आपत्ति न्यूमेरिक 318 पंचायत हैं सारण में फोटो नाम से- कलेक्ट्रेट स्थित जिला पंचायत शाखा छपरा, नगर प्रतिनिधि।
चुनाव की तैयारी
पेज चार की लीड त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 में अभी छह माह शेष हैं, लेकिन सारण में प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। संशोधित विभागीय निर्देशानुसार 4 मई अर्थात सोमवार को 2011 की जनगणना के आधार पर क्षेत्रवार जनसंख्या का प्रारूप एक प्रकाशित किया जाएगा। मुखिया, पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य पदों के लिए यह प्रकाशन पंचायत से लेकर समाहरणालय तक होगा।
दावा-आपत्ति प्रक्रिया
प्रकाशन के साथ ही 4 मई से ही दावा-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू होगी, जो 18 मई तक चलेगी। इस दौरान नागरिक मतदाता सूची में नाम जोड़ने, मृत या स्थानांतरित व्यक्तियों का नाम हटाने, आयु, वर्तनी या वार्ड संशोधन के लिए ग्राम पंचायत, प्रखंड या जिला निर्वाचन कार्यालय में आवेदन दे सकेंगे। आपत्तियों का निष्पादन 22 मई तक किया जाएगा। यदि कोई नागरिक आपत्ति के निपटारे से संतुष्ट नहीं है, तो वह 11 से 29 मई के बीच अपील कर सकता है। पूरी प्रक्रिया के बाद 5 जून को प्रपत्र एक का अंतिम प्रकाशन होगा, जिसे 9 जून को जिला गजट में प्रकाशित किया जाएगा।
चुनाव में प्रमुख पद
छह पदों के लिए होगा चुनाव त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर छह प्रमुख पदों के लिए मतदान कराया जाएगा। इसमें जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य व ग्राम कचहरी के लिए पंच शामिल है। इन सभी पदों के लिए मतदाता सूची का अद्यतन और सटीक होना अनिवार्य है। जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने-अपने ग्राम पंचायत कार्यालय व निर्वाचन कार्यालय में जाकर मतदाता सूची का अवलोकन जरूर करें।
विशेष विवरण
अलग से दर्शाया जाएगा विवरण प्रारुप प्रकाशन में खासतौर उन क्षेत्रों में बदलाव किया जाएगा। जहां ग्रामीण इलाकों नगर निकाय में शामिल हो चुके हैं, ऐसे में क्षेत्रों की जनसंख्या और वार्ड का विवरण अलग से दर्शाया जाएगा, ताकि भ्रम की स्थिति नहीं बने। यह जारी आदेश के अनुसार होगा। अधिकारियों के अनुसार आयोग का निर्देश है कि प्रपत्र-एक में जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, ग्राम पंचायत मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और पंच जैसी सभी पदों की जानकारी शामिल होगी। सामाजिक बसावट का ख्याल नये सिरे से आरक्षण रोस्टर का निर्धारण का अर्थ यह होता है कि जो पूर्व से आरक्षित सीट हैं उनमें बदलाव करना। हालांकि इस प्रक्रिया में भी आबादी का ख्याल रखना होता है। सबसे पहले अनुसूचित जाति, अत्यंत पिछड़ी जाति उसके बाद महिला आबादी का डाटा तैयार किया जायेगा। अगर किसी प्रखंड में एससी वर्ग के लिए चार सीटें आरक्षित हैं तो सर्वाधिक वोटरों वाली पंचायतों के घटते क्रम के अनुसार निर्धारित की जाती है। इसी प्रक्रिया का पालन अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए सीटों का निर्धारण किया जाना है। यानी, जिस वर्ग की आबादी जितनी अधिक होगी, उसे उतना ही प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।इसका उद्देश्य यह है कि सामाजिक बसावट का ख्याल रखना है।पहले एससी, इसके बाद अत्यंत पिछड़ी और अंत में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित की जाती हैं।
प्रारूप प्रकाशन तिथियाँ
प्रपत्र एक के प्रारुप प्रकाशन को लेकर निर्धारित तिथि प्रपत्र-एक का प्रारुप प्रकाशन :4 मई 2026 दावा-आपत्ति दाखिल करने की समय सीमा:4 से 18 मई 2026 आपत्ति का निष्पादन की समय सीमा:4 से 22 मई 2026 वादों का निष्पादन:11 से 29 मई 2026 अंतिम प्रकाशन :5 जून 2026 आंकड़ों का जिला गजट में प्रकाशन:9 जून 2026
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