सीबीआई ने बड़े बैंक अफसर को दबोचा, 10 लाख लोन पर मांगा 95 हजार घूस; 40 हजार लेते धराया
सीबीआई ने भारतीय स्टेट बैंक की पत्थरकट्टी शाखा में तैनात क्षेत्रीय प्रबंधक रवि रंजन कुमार को शुक्रवार को 40 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार कर लिया। मैनेजर लोन पास करने के लिए घूस की मांग कर रहा था।

Bihar Crime News: बिहार के गयाजी में एक बैंक मैनेजर को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। जिले के सरवहदा में सीबीआई ने भारतीय स्टेट बैंक की पत्थरकट्टी शाखा में तैनात क्षेत्रीय प्रबंधक रवि रंजन कुमार को शुक्रवार को 40 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि मैनेजर लोन पास करने के लिए घूस की मांग कर रहा था। पीड़ित व्यक्ति ने इसकी शिकायत सीबीआई से की थी। जांच के बाद आरोप सही पाए जाने पर सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपी मैनेजर को दबोच लिया।
जानकारी के मुताबिक नीमचक बथानी प्रखंड क्षेत्र के छतनी गांव निवासी निरंजन कुमार ने एसबीआई शाखा से 10 लाख रुपये का मुद्रा लोन लेने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि लोन पास कराने के एवज में क्षेत्रीय प्रबंधक ने 95 हजार रुपये कमीशन की मांग की। बार-बार दबाव बनाए जाने से परेशान होकर आवेदक ने शिकायत सीबीआई से की। शिकायत की पुष्टि के बाद सीबीआई टीम ने तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही निरंजन कुमार ने 40 हजार रुपये की पहली किस्त आरोपी अधिकारी को सौंपी, पहले से मौजूद टीम ने उसे तुरंत पकड़ लिया। सीबीआई का कार्रवाई से मौके पर अफरातफरी मच गई।
दस्तावेज खंगाल रही एजेंसी
गिरफ्तार बैंक मैनेजर को सीबीआई अपने साथ ले गई। उनसे पूछताछ की जा रही है। बैंक के दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है। उनके द्वारा स्वीकृत सभी लोन की पड़ताल की जा रही है। जिन लोगों को निरंजन कुमार ने लोन दिया है उनकी तलाश भी की जा रही है ताकि कुछ नई जानकारी मिल सके।आशंका है कि लोन देने में नियमों की अनदेखी या गलत दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया हो। सीबीआई आरोपी बैंक मैनेजर के ठिकानों पर भी छापेमारी कर सकती है।
इधर, एक अन्य मामले में इमामगंज के पाकरडीह बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक के सीएसपी शाखा में बुधवार को हुई लूट की घटना की जांच तेज कर दी गई है। शुक्रवार को एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम ने घटनास्थल पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि मनोज कुमार के नेतृत्व में एफएसएल टीम ने मौके पर फिंगरप्रिंट सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों का संग्रह किया है, जिन्हें आगे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि घटना का वीडियो वायरल होने से पुलिस को जांच में कठिनाई हो रही है। इससे अपराधियों को भागने और ठिकाना बदलने का मौका मिल जाता है। हालांकि पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया गया है।




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