नीतीश संग यात्रा से सम्राट चौधरी को ‘समृद्धि’, मंच पर फोटो से झांक रहे पटना में बैठे विजय सिन्हा!
Nitish Samrat Choudhary Vijay Sinha: चार दिन से नीतीश कुमार अपने एक डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के साथ कोसी-सीमांचल में समृद्धि यात्रा कर रहे हैं। मंच पर दूसरे डिप्टी विजय का फोटो रहता है, लेकिन वह नजर नहीं आ रहे हैं।

Nitish Samrat Choudhary Vijay Sinha News: बिहार का मुख्यमंत्री पद छोड़ राज्यसभा सांसद के तौर पर दिल्ली जा रहे जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार चार दिन से कोसी और सीमांचल के जिलों में समृद्धि यात्रा कर रहे हैं। सुपौल, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया में नीतीश की सभाओं में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कोटे के एक डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी उनके साथ नजर आए। सरकारी सभाओं में मंच पर विधिवत एक तरफ सीएम नीतीश तो दूसरी तरफ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा की फोटो भी लगी रहती है। लेकिन, चार दिन के दौरान 8 जिलों की यात्रा में दूसरे डिप्टी सीएम विजय सिन्हा कहीं नजर नहीं आए। पटना में बैठे विजय सिन्हा मंच पर लगे बैनरों में छपे फोटो से ही सभाओं में झांक रहे हैं।
नीतीश कुमार शुक्रवार को यात्रा के चौथे दिन सहरसा और खगड़िया में घूम रहे हैं और पहले 3 दिन की तरह आज भी सम्राट चौधरी उनके साथ हैं। जेडीयू के मंत्री विजय कुमार चौधरी भी हर कार्यक्रम में नजर आ रहे हैं। लेकिन विजय कुमार सिन्हा पटना में विभाग के काम और पार्टी की राजनीति देख रहे हैं। विजय सिन्हा की यात्रा से दूरी के बारे में जानने के लिए जब लाइव हिन्दुस्तान ने उनको संपर्क किया तो उनके दफ्तर से बताया गया कि वो विभाग के काम में पटना में व्यस्त हैं। नए राज्यपाल का स्वागत भी करना था। उनका मोबाइल फोन उठाने वाले सहयोगी ने बताया कि विजय सिन्हा नीतीश की यात्रा के आखिरी दिन बेगूसराय और शेखपुरा के कार्यक्रम में शामिल होने जा सकते हैं।
राज्यसभा सांसद की पारी शुरू करने के लिए नीतीश 8 से 10 अप्रैल के बीच मुख्यमंत्री का पद छोड़ सकते हैं। नीतीश के बाद बिहार में अपना पहला सीएम और अपने नेतृत्व में पहली एनडीए सरकार चलाने को तैयार बैठी बीजेपी में नए सीएम के नाम पर अंदर ही अंदर मंथन और खींचतान चल रही है। अगले सीएम के चयन में सब कुछ भाजपा को करना है, लेकिन भाजपा के नेता भी कह रहे हैं कि सब नीतीश कुमार के मुताबिक ही होगा। ऐसे में नीतीश अपनी सभाओं में बार-बार सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर उनसे जब हाथ जोड़कर जनता का अभिवादन करवाते हैं तो हाव-भाव लगता है कि वो लोगों को बता रहे हैं कि मेरे बाद कौन।
अमित शाह ने सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को बड़ा आदमी बनाने का वादा किया था
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुंगेर के तारापुर और लखीसराय में अलग-अलग चुनाव सभाओं के दौरान मतदाताओं से कहा था कि वो सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को विजयी बनाएं, भाजपा उनको बड़ा आदमी बनाएगी। लंबे अंतराल के बाद सम्राट चौधरी ने पिछले चुनाव में तारापुर सीट से विधानसभा में वापसी की थी, जबकि विजय सिन्हा लखीसराय सीट से 5 बार जीते हैं और 2010 से लगातार विधायक हैं।
विजय सिन्हा जब स्पीकर थे, तब नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी से हो गई थी बहस
विजय सिन्हा का राजनीतिक समीकरण ना नीतीश कुमार से बेहतर है और ना सम्राट चौधरी से। 2020 के चुनाव के बाद एनडीए की सरकार बनने पर विजय सिन्हा जब विधानसभा के अध्यक्ष बने थे, तब उनकी नीतीश और सम्राट से अलग-अलग मौकों पर सदन के अंदर बहस हो गई थी। विजय सिन्हा ने जब विभागीय सवालों के जवाब ना आने को लेकर सम्राट चौधरी को सदन में सवाल किया था तो सम्राट चौधरी ने प्रतिक्रिया में यहां तक कह दिया था कि व्याकुल नहीं हों। लखीसराय के एक पुलिस अफसर की शिकायत को लेकर सदन के अंदर सीएम नीतीश कुमार ने भी स्पीकर रहे सिन्हा को एक बार सुना दिया था।
नीतीश के 2024 में एनडीए में लौटने के बाद नीतीश और सम्राट की जो जोड़ी बनी है, वह लगातार मजबूत हो रही है। राजनीतिक खेल में दोनों एक-दूसरे की मदद करते हैं। समृद्धि यात्रा के दौरान हर जगह नीतीश का सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखना एक संकेत माना जा रहा है कि सीएम पद के लिए जेडीयू की पसंद कौन है। वहीं दूसरी तरफ राजस्व विभाग में लगातार आम लोगों से जुड़ी बातें उठाकर अफसरों और कर्मचारियों को लपेट रहे विजय सिन्हा के प्रदर्शन की रेटिंग इस कार्यकाल में काफी सुधरी है। बीजेपी में यह सामान्य बात है कि सम्राट और विजय जैसे चर्चित चेहरे के बदले कोई तीसरा नेता सीएम बन जाए।
कुछ जिलों से समृद्धि यात्रा में नीतीश कुमार की सभा की तस्वीरें








साइन इन