जनता दरबार में बेहोश होकर गिरे निष्कासित शिक्षक, मची अफरातफरी
शेखपुरा में जनता दरबार में एक निष्कासित शिक्षक अहमद रजा बेहोश हो गए, जिससे अफरातफरी मच गई। डीएम ने उन्हें सदर अस्पताल भेजा। शिक्षक ने 7 साल काम किया लेकिन उन्हें अब तक वेतन नहीं मिला। उनके साथ दूसरे शिक्षक ने भी बकाया वेतन की शिकायत की थी।

जनता दरबार में बेहोश होकर गिरे निष्कासित शिक्षक, मची अफरातफरी डीएम ने एम्बुलेंस बुलाकर बेहोश हुए शिक्षक को भेजवाया सदर अस्पताल इस्लामियां हाईस्कूल में 7 साल नौकरी करने के बाद कर दिया गया निष्कासित अबतक वेतन मद में एक रुपया का भी नहीं किया गया है भुगतान फोटो 27 शेखपुरा 02 - जनता दरबार में बेहोश हुए शिक्षक को उठाकर ले जाते लोग। शेखपुरा, हिन्दुस्तान संवाददाता। बकाया वेतन दिलाने की फरियाद लगाने सोमवार को डीएम के जनता दरबार में कलेक्ट्रेट पहुंचे शहर के इस्लामियां हाईस्कूल के निष्कासित शिक्षक अहमद रजा विक्रम डीएम के सामने ही अचानक बेहोश होकर गिर गये। इसके कारण अफरातफरी मच गई।
डीएम शेखर आनंद ने आनन-फानन में सदर अस्पताल से एंबुलेंस बुलायी और बेहोश शिक्षक को इलाज के लिए भेजा। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल डीईओ को विस्तृत जांच रिपोर्ट देने का अल्टीमेटम दिया। जनता दरबार में इस हाईस्कूल के दो शिक्षक बकाया वेतन दिलाने की गुहार लगाने डीएम के पास आये थे। शिक्षक मो. जुनून खां ने बताया कि हमदोनों को 2015 और 2016 में इस्लामियां स्कूल की प्रबंध कमेटी द्वारा शिक्षक के पद पर नौकरी दी गई थी। साल 2023 में कमेटी द्वारा बिना कारण बताये हमदोनों को निष्कासित कर दिया गया था। पांच से छह साल तक काम करने के बाद भी वेतन मद में आजतक एक भी रुपया नहीं दिया गया है। इतना ही नहीं एक साल पहले वेतन मांगने पर कमेटी द्वारा हमदोनों के साथ स्कूल में ही बेरहमी से मारपीट की गई थी। स्कूल से निष्कासन और बकाया वेतन के संबंध में दोनों शिक्षकों द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत डीईओ से रिपोर्ट मांगी गयी गयी थी। शिक्षक मो. जुनुन खां ने बताया कि बेहोश हुए शिक्षक को डीईओ के बदले स्कूल के एचएम द्वारा जवाब दिया गया है, जिसमें कहा गया है आप दोनों को निष्कासित कर दिये जाने के कारण वेतन नहीं दिया गया है। विडंबना यह कि उन्हें आजतक कोई जवाब नहीं दिया गया है। जबकि, कायदे से डीईओ को जवाब देना चाहिए था। शिक्षक ने कहा कि पिछले 25 साल से एक ही व्यक्ति अनवरत सचिव के पद पर कायम है जो नियमासंगत नहीं है। कमेटी करती है स्कूल का संचालन : डीईओ डीईओ डॉ तनवीर आलम ने कहा कि इस्लामियां हाईस्कूल का संचालन कमेटी द्वारा किया जाता है। न तो वे इस कमेटी के सदस्य हैं और न ही उनका इस स्कूल पर किसी तरह का हस्तक्षेप करने का अधिकार है। बहाली और वेतन देने का अधिकार कमेटी के पास है, इससे शिक्षा विभाग को कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, इस स्कूल के संचालन के लिए सरकार से राशि मिलती है।
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