Bihar University Assistant Professor Recruitment policy to Change know Exam Pattern Eligibility conditions बिहार में यूनिवर्सिटी असिस्टेंट प्रोफसर भर्ती नियम बदलेंगे; परीक्षा पैटर्न, पात्रता संबंधित शर्तें समझ लीजिए, Bihar Hindi News - Hindustan
More

बिहार में यूनिवर्सिटी असिस्टेंट प्रोफसर भर्ती नियम बदलेंगे; परीक्षा पैटर्न, पात्रता संबंधित शर्तें समझ लीजिए

सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति में 160 अंकों की लिखित परीक्षा और 40 अंकों का साक्षात्कार प्रस्तावित है। राजभवन ने नई नियमावली के मसौदे पर राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को उनके हस्ताक्षर और सुझाव के लिए भेजा है।

Sun, 8 March 2026 10:28 PMSudhir Kumar लाइव हिन्दुस्तान
share
बिहार में यूनिवर्सिटी असिस्टेंट प्रोफसर भर्ती नियम बदलेंगे; परीक्षा पैटर्न, पात्रता संबंधित शर्तें समझ लीजिए

Bihar News: बिहार के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति अब परीक्षा से होगी। इसके लिए नई नियमावली बन रही है। इसके तहत 160 अंकों की लिखित परीक्षा और 40 अंकों का साक्षात्कार प्रस्तावित है। राजभवन ने नई नियमावली के मसौदे पर राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को उनके हस्ताक्षर और सुझाव के लिए भेजा है। दस दिन के अंदर इन्हें मंतव्य देना है। माना जा रहा है कि सभी कुलपतियों की सहमति के बाद यह नियमावली जल्द ही लागू कर दी जाएगी।

प्रस्तावित नियमावली के अनुसार असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए कुल 200 अंकों की चयन प्रक्रिया निर्धारित की गई है। लिखित परीक्षा वर्णनात्मक (डिस्क्रिप्टिव) प्रकृति की होगी। इससे अभ्यर्थियों के विषय ज्ञान और विश्लेषणात्मक क्षमता का आकलन किया जा सकेगा। मसौदे में न्यूनतम आयु 23 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके साथ ही चयन प्रक्रिया में अनुभव को कोई अलग अंक नहीं दिया जाएगा। इसी प्रकार नेट, जेआरएफ और पीएचडी जैसी योग्यताओं को केवल पात्रता के रूप में माना जाएगा, लेकिन इनके लिए अलग से अंक देने का प्रावधान नहीं रखा गया है। बहाली प्रक्रिया बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के माध्यम से होगी। साक्षात्कार में शामिल सभी सदस्य प्रोफेसर रैंक के ही होंगे।

शिक्षकों की कमी दूर होगी

यदि सभी विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर इस नियमावली पर अपनी सहमति दे देते हैं तो इसे 12 मार्च से पहले ही लागू किया जा सकता है। आपत्ति या संशोधन की मांग उठती है तो थोड़ा विलंब हो सकता है। इसके लागू होने के बाद विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में खाली पड़े पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। इससे न केवल शिक्षकों की कमी दूर होगी, बल्कि उच्च शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की संभावना है। उच्च शिक्षा से जुड़े जानकारों का मानना है कि स्पष्ट और पारदर्शी चयन प्रक्रिया से योग्य अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा और विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को भी बढ़ावा मिलेगा। राजभवन ने राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद से भी 15 दिनों में नए परिनियम पर मंतव्य मांगा है।

इन प्रावधानों को पूरा करने वाले को मिलेगा मौका

यूजीसी या सीएसआईआर द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) उत्तीर्ण करनी होगी, या यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त समान स्तर की राष्ट्रीय परीक्षा, अथवा बिहार सरकार द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षा (स्लेट/सेट) या उसके द्वारा अधिकृत किसी एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। बशर्ते कि संबंधित विषय में पीएच.डी. डिग्री रखने वाले अभ्यर्थी, यदि उनकी डिग्री विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के एम.फिल./पीएच.डी. डिग्री प्रदान करने के न्यूनतम मानक और प्रक्रिया विनियम, 2009 या 2016 तथा समय-समय पर किए गए संशोधनों के अनुसार प्राप्त की गई है, तो उन्हें नेट, स्लेट या सेट से छूट दी जा सकती है। यह भी प्रावधान है कि जिन अभ्यर्थियों ने 11 जुलाई 2009 से पहले पीएच.डी. कार्यक्रम में पंजीकरण कराया था, वे उस समय लागू संस्थान के अध्यादेश/उपनियम/नियमों के अनुसार शासित होंगे।

ऐसे पीएच.डी. अभ्यर्थियों को भी नेट/राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षा (स्लेट/सेट) से छूट दी जाएगी, बशर्ते वे निम्नलिखित शर्तों को पूरा करते हों:

अभ्यर्थी की पीएच.डी. डिग्री नियमित (रेगुलर) में प्रदान की गई हो

पीएच.डी. शोधप्रबंध का मूल्यांकन कम से कम दो बाहरी परीक्षकों द्वारा किया गया हो

अभ्यर्थी का ओपन पीएच.डी. वाइवा-वोसे (मौखिक परीक्षा) आयोजित किया गया हो

अभ्यर्थी ने अपने पीएच.डी. शोधकार्य से संबंधित दो शोध पत्र प्रकाशित किए हों, जिनमें से कम से कम एक शोध पत्र रेफरीड जर्नल में प्रकाशित हो

अभ्यर्थी ने अपने पीएच.डी. कार्य पर आधारित कम से कम दो शोध पत्र ऐसे सम्मेलन/सेमिनार में प्रस्तुत किए हों, जो यूजीसी / आईसीएसएसआर / सीएसआईआर या किसी समान एजेंसी द्वारा प्रायोजित/वित्तपोषित/समर्थित हों।

इन सभी शर्तों की पूर्ति का प्रमाण संबंधित विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार या डीन (एकेडमिक अफेयर्स/संबंधित संकाय) द्वारा प्रमाणित किया जाएगा।

लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।