बिहार SIR: दावा-आपत्ति के खेल में भाजपा भी उतरी; 16 नाम काटने कहा; राजद और माले 128 पर अटकी
बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद जारी वोटर लिस्ट के मसौदे पर दावा और आपत्ति के खेल में बीजेपी में कूद गई है। भाजपा ने 16 नाम को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाने के कहा है। राजद और सीपीआई-माले 128 दावा और आपत्ति पर अटकी हुई है।
बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision- SIR) के बाद 1 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावा और आपत्ति के खेल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) भी कूद गई है। भाजपा ने 31 अगस्त की सुबह 10 बजे से 1 सितंबर की सुबह 10 बजे के बीच 16 लोगों का नाम वोटर लिस्ट से काटने का आवेदन दिया है। बीजेपी ने राज्य में 53338 बूथ लेवल एजेंट (बीएलओ) बनाए हैं, लेकिन पिछले 30 दिनों में उसकी तरफ से कोई आपत्ति या दावा दर्ज नहीं किया गया था। इस काम के लिए 1 सितंबर आखिरी दिन था। बीजेपी तब हरकत में आई है जब आखिरी दो दिन बचे थे। आयोग को अब तक कुल 144 आवदेन निर्धारित प्रपत्र में मिले हैं, जिनकी गिनती का अपडेट वो हर रोज जारी करता है।
चुनाव आयोग ने हालांकि आज (सोमवार) को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वो नामांकन के आखिरी दिन तक दावा और आपत्ति लेता रहेगा और सही होने पर फाइनल वोटर को अपडेट कर देगा। कुछ विपक्षी दल 1 सितंबर की डेडलाइन को दो सप्ताह बढ़ाने की अपील लेकर सुप्रीम कोर्ट गए थे लेकिन आयोग ने ही जब कोर्ट को भरोसा दे दिया कि वो दावा और आपत्ति नामांकन के लास्ट डे तक लेगा तो कोर्ट ने इस पर कोई आदेश नहीं दिया।
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लेकिन सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद भी बिहार में राजनीतिक दलों पर नाम जोड़ने या हटाने की कोई रेस नहीं दिख रही है। कोर्ट ने इससे पहले की सुनवाई में पूछा था कि राजनीतिक दलों के बीएलए क्या कर रहे हैं, क्यों वो प्रभावित वोटरों की मदद नहीं कर रहे हैं। बता दें कि बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन के लिए 12 राष्ट्रीय और प्रांतीय दलों ने 1.60 लाख से ऊपर BLA बनाया है। अदालत ने पार्टियों की उदासीनता के मद्देनजर आज बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के जरिए पैरा-लीगल स्वयंसेवकों को वोटरों की मदद में उतारने का आग्रह किया है।
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विपक्षी खेमे में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के दावा और आपत्ति की संख्या दो दिन से 10 पर ही अटकी है। सीपीआई-माले भी 118 से आगे नहीं बढ़ पाई है। यह हाल तब है जब राजद नेता तेजस्वी यादव ने डेडलाइन से सात दिन पहले 25 अगस्त को वीडियो संदेश जारी कर अपील की थी कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता दावा और आपत्ति के काम में जुट जाएं। किसी भी वोटर का नाम गलत ना कटे और नए वोटर का नाम जुड़वाया जाए जिनकी उम्र 18 वर्ष हो गई है। लेकिन उसका कोई खास असर दिख नहीं रहा। कुल 144 दावा और आपत्ति में राजद ने 10 नाम जोड़ने जबकि सीपीआई-माले ने 15 नाम जोड़ने और 103 नाम हटाने का आवेदन दिया है।




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