बिहार में 1 घंटे तक एम्बुलेंस में तड़पता रहा मरीज, भर्ती होने के 4 घंटे के बाद तोड़ दिया दम; PMCH पर लगे गंभीर आरोप
Patna PMCH Negligence: पटना के पीएमसीएच में समय पर भर्ती न किए जाने के कारण सड़क हादसे में घायल किशोर की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई है।

Patna PMCH Negligence: बिहार की राजधानी पटना के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच से डॉक्टरों और व्यवस्था की घोर लापरवाही का एक बहुत ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए 16 साल के एक किशोर अमन कुमार गुप्ता की समय पर इलाज न मिलने के कारण मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार को पीएमसीएच पहुंचने के बाद भी लगभग एक घंटे तक अमन एम्बुलेंस के भीतर ही दर्द से बुरी तरह तड़पता रहा, लेकिन अस्पताल में उसे तुरंत भर्ती करने वाला कोई नहीं था। जब उसे किसी तरह इमरजेंसी वार्ड में ले जाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल में भर्ती होने के महज चार घंटे बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया है।
हादसे में टूट गया था बायां पैर
मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक अमन कुमार गुप्ता पटना के आनंदपुरी इलाके का रहने वाला था। एक सड़क दुर्घटना में उसका बायां पैर बुरी तरह से टूट गया था और उसके सिर में भी गंभीर चोटें आई थीं। उसे एक प्राइवेट एम्बुलेंस से इलाज के लिए पीएमसीएच लाया गया था। अमन की हालत बेहद नाजुक होने के बावजूद अस्पताल में भर्ती करने के काम में कथित रूप से भारी लापरवाही और देरी की गई। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें घायल अमन एम्बुलेंस के अंदर दर्द से कराहते हुए लोगों से मदद की गुहार लगाता हुआ साफ दिख रहा है। एम्बुलेंस कर्मियों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने तक अमन पूरी तरह होश में था और अपना नाम-पता भी बता रहा था।
4 घंटे तक चला इलाज पर नहीं बची जान
इस दर्दनाक मौत के बाद अस्पताल प्रशासन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। दूसरी तरफ, मामले के तूल पकड़ने पर पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने अपनी सफाई जारी की है। उन्होंने बताया कि मरीज को अस्पताल में भर्ती करने के बाद करीब चार घंटे तक डॉक्टरों की टीम ने उसका इलाज किया था। डॉक्टरों ने उसे बचाने की अपनी तरफ से पूरी कोशिश की, लेकिन शरीर पर गंभीर चोटें ज्यादा होने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। उन्होंने यह भी दावा किया कि अस्पताल में गंभीर रूप से आने वाले मरीजों को बिना किसी देरी के तुरंत भर्ती कर इलाज शुरू करने के सख्त निर्देश पहले से ही दिए गए हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।




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