बिहार चुनाव के लिए महागठबंधन का मैनिफेस्टो तैयार, युवा और महिलाओं के वादों की भरमार
बिहार चुनाव को लेकर महागठबंदन की उप समिति ने साझा संकल्प पत्र को अंतिम रूप दे दिया है। चुनावी मैनिफेस्टो में युवाओं और महिलाओं के लिए कई वादों को शामिल किया गया है। इसे अब गठबंधन की कोऑर्डिनेशन कमिटी को भेजा जाएगा।
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन यानी इंडिया अलायंस ने अपना मैनिफेस्टो तैयार कर लिया है। राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और वाम दलों के गठबंधन की उप समिति ने गुरुवार को अपने साझा संकल्प पत्र को अंतिम रूप दिया। इसे अब महागठबंदन की कोऑर्डिनेशन कमिटी को सौंपा जाएगा, जिसके अध्यक्ष तेजस्वी यादव हैं। वहां से फाइनल मुहर लगने के बाद जनता के बीच इसे जारी किया जाएगा। महागठबंधन के चुनावी मैनिफेस्टों में बिहार के युवाओ और महिलाओं को फोकस करते हुए कई वादे शामिल किए जा रहे हैं।
इसके अलावा आशा एवं स्कीम वर्कर के बेहतर भविष्य को लेकर भी उसमें वायदे होंगे। मैनिफेस्टों में पूर्व में घोषित सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 1500 रुपये प्रति माह करने, माई बहिन योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने समेत अन्य तमाम घोषणाओं को साझा संकल्प पत्र में शामिल किया जाएगा।
पटना के कदमकुआं स्थित लेफ्ट पार्टी सीपीआई माले के प्रदेश कार्यालय में इंडिया गठबंधन की साझा संकल्प पत्र उप समिति की गुरुवार को बैठक हुई। इसमें मैनिफेस्टो के सभी प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया गया। उपसमिति की यह तीसरी बैठक थी, जिसमें राजद, कांग्रस, सीपीआई, सीपीएम, माले और वीआईपी के सदस्य मौजूद रहे। उपसमिति अपना प्रस्ताव 12 जुलाई को गठबंधन की समन्वय समिति को सौंप देगी।
बिहार में आगामी महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। राजद, कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, सीपीआई-माले और वीआईपी महागठबंधन में साथ मिलकर चुनाव लड़ रही हैं। पशुपति पारस की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के भी गठबंधन में शामिल होने पर बात चल रही है। इसके अलावा असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने भी विपक्षी गठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, राजद ने इस पर कोई विचार नहीं किया है।
(हिन्दुस्तान अखबार के इनपुट के साथ)




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