बिहार में 6.32 करोड़ गणना फॉर्म जमा हो गए, शहरों में वोटर लिस्ट रिवीजन की रफ्तार धीमी
चुनाव आयोग के मतदाता गहन पुनरीक्षण के तहत शनिवार 12 जुलाई तक 6.32 करोड़ से ज्यादा गणना फॉर्म इकट्ठा किए जा चुके हैं, जो कि कुल मतदाताओं (7.90 करोड़) का 80.11 प्रतिशत है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों के मुकाबले शहरों में रफ्तार धीमी है।

बिहार में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा सहे मतदाता गहन पुनरीक्षण (वोटर लिस्ट रिवीजन) के तहत अब तक 6.32 करोड़ से ज्यादा गणना फॉर्म जमा हो चुके हैं। आयोग द्वारा शनिवार को जारी आंकड़े के मुताबिक शाम 6 बजे तक कुल 7.90 करोड़ वोटर में से 80.11 फीसदी मतदाताओं ने अपने गणना फॉर्म भरकर बीएलओ को दे दिए हैं। हालांकि, गांवों के मुकाबले शहरी क्षेत्रों में मतदाता पुनरीक्षण की रफ्तार धीमी है। आयोग ने शहरी मतदाताओं से इस अभियान में सक्रियता दिखाने की अपील की है।
चुनाव आयोग द्वारा जारी बयान के अनुसार बिहार के हर 5 में से 4 मतदाताओं का गणना फॉर्म इकट्ठा कर लिया गया है। जिस गति से यह काम चल रहा है, अनुमान है कि तय तारीख 25 जुलाई से पहले ही इसे पूरा कर लिया जाएगा। आयोग का दावा कि सभी मतदाताओं तक गणना फॉर्म पहुंचाने का काम भी लगभग पूरा होने को है। राज्य के सभी 38 जिलों में 77,895 बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) वोटर लिस्ट रिवीजन के काम में जुटे हुए हैं। 20 हजार से ज्यादा अतिरिक्त बीएलओ की तैनाती भी की गई है।
शहरों में वोटर लिस्ट रिवीजन की रफ्तार धीमी
बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने शनिवार को शहरी मतदाताओं से वोटर लिस्ट रिवीजन में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने की अपील की है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान को लेकर वोटर में उत्साह देखा जा रहा है। दूसरी ओर, शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं की भागीदारी कम है। पटना शहर के दीघा में 64, कुम्हरार में 67, बांकीपुर में 72, पटना साहिब में 74, दानापुर में 73, गया टाउन में 69, भागलपुर शहर में 71 और मुजफ्फरपुर शहर में 70 फीसदी मतदाताओं का ही गणना फॉर्म अभी तक जमा हो पाया है।




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